अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से ठीक पहले सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की जा रही है, जहां भाव 4,200 डॉलर प्रति औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ने की जद्दोजहद कर रहे हैं। केंद्रीय बैंक की औपचारिक मौन अवधि यानी ब्लैकआउट पीरियड शुरू होने की दहलीज पर बाजार विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर तीव्र बहस छिड़ गई है कि मौजूदा उछाल वास्तविक मजबूती का संकेत है या फिर यह केवल एक अस्थायी तकनीकी राहत है। दो अलग-अलग तकनीकी दृष्टिकोण इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जब तक प्रमुख अवरोध पार नहीं होते, तब तक इस उछाल पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जबकि एक तीसरा नजरिया बाजार की दिशा का अनुमान लगाने के बजाय सख्त नियमों पर आधारित ट्रेडिंग रणनीति अपनाने की सलाह दे रहा है।
ध्वनि मेहता का आकलन: 4,200 डॉलर के पार निर्णायक बढ़त जरूरी
बाजार विश्लेषक ध्वनि मेहता के अनुसार, यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोना 4,200 डॉलर के स्तर की ओर लौटता दिखा। इस बदलाव की मुख्य वजह फेड अध्यक्ष वॉर्श की तटस्थ टिप्पणी रही, जिसमें उन्होंने ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर कोई सीधी बात नहीं की और केवल मूल्य स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वॉर्श ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह आगामी बैठकों को लेकर पहले से कोई राय बनाने के पक्ष में नहीं हैं। इस रुख के कारण अमेरिकी डॉलर पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे अक्टूबर में ब्याज दरें स्थिर रहने की लगभग 22 प्रतिशत संभावना बाजार में आंकी जाने लगी।
हालांकि, इस राहत के बावजूद दैनिक तकनीकी चार्ट पर मंदी का दबाव बना हुआ है। मेहता के तकनीकी विश्लेषण में रेखांकित किया गया है कि सोने का भाव 4,201 डॉलर पर स्थित 21-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज और 4,242 डॉलर पर मौजूद 100-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। इसके अलावा 50-दिवसीय मूविंग एवरेज 4,332 डॉलर और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज 4,522 डॉलर पर मजबूत रुकावट के रूप में खड़े हैं। दैनिक आरएसआई भी कमजोर दायरे में बना हुआ है, जिससे स्पष्ट है कि तेजी के रुझान की बहाली के लिए 4,200 डॉलर के स्तर को निर्णायक रूप से पार करना अनिवार्य है। यदि बिकवाली दोबारा हावी होती है, तो ट्रेंडलाइन ब्रेक का अहम सहारा 4,002 डॉलर के स्तर पर मौजूद है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी सर्राफा बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं।
अन्ना राडोम्स्का का नजरिया: खरीदारों को अभी खुद को साबित करना होगा
इंट्राडे स्तर पर चल रही इस खींचतान का विश्लेषण करते हुए विश्लेषक अन्ना राडोम्स्का ने बताया कि हालिया गिरावट के दौरान सोना संक्षेप में 4,098 डॉलर से 4,135 डॉलर के साप्ताहिक बुलिश गैप की निचली सीमा से नीचे फिसला था। हालांकि, यह गिरावट 4,095 डॉलर पर थम गई, जो पिछले निचले स्तर 4,091 डॉलर से ऊपर रही। साप्ताहिक क्लोजिंग के आधार पर विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि बुलिश गैप अभी पूरी तरह अमान्य नहीं हुआ है। इसके बाद एशियाई सत्र में 4,107 डॉलर से 4,125 डॉलर के दायरे में एक नया गैप बना, जो व्यापक साप्ताहिक गैप के भीतर ही आता है।
खरीदारों ने इसके बाद लाल गिरते हुए वेज की ऊपरी सीमा पर दोबारा कब्जा जमाया और भाव को 4,156 डॉलर के पार पहुंचाकर पिछले ब्रेकडाउन को पलटने की कोशिश की। राडोम्स्का का मानना है कि 4,156 डॉलर के ऊपर दैनिक बंद मिलने से यह भरोसा मजबूत होगा कि कंसोलिडेशन से नीचे का ब्रेकडाउन विफल हो चुका है। हालांकि, तेजी की राह में 4,240 डॉलर से 4,250 डॉलर का कड़ा अवरोध मौजूद है, जहां से कीमतें पहले भी तीन बार गिर चुकी हैं और हर बार कैंडलस्टिक चार्ट पर लंबी ऊपरी छाया बनी है। इसके ठीक नीचे 4,233 डॉलर पर कंसोलिडेशन का उच्चतम स्तर भी स्थित है। यदि भाव दोबारा 4,156 डॉलर से नीचे फिसलते हैं, तो कम से कम 4,080 डॉलर तक की गिरावट का नकारात्मक परिदृश्य दोबारा सक्रिय हो सकता है।
एलेक्स स्पिरोग्लू का सुझाव: अनुमान लगाने के बजाय नियमों पर आधारित प्रक्रिया अपनाएं
अन्य विश्लेषकों से अलग रुख अपनाते हुए स्वतंत्र विश्लेषक एलेक्स स्पिरोग्लू ने किसी निश्चित दिशा का अनुमान लगाने से परहेज किया है। उनका मानना है कि दैनिक चार्ट पर दिशा की भविष्यवाणी करने की जगह नियमों पर आधारित एक वस्तुनिष्ठ ढांचा लागू किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि ट्रेडिंग का लक्ष्य हर छोटी-बड़ी चाल की सटीक भविष्यवाणी करना नहीं होता, बल्कि अटकलबाजी की जगह एक ऐसी प्रक्रिया को अपनाना होता है जिसे बार-बार दोहराया जा सके।
यह विचार ठीक उसी दुविधा को रेखांकित करता है जिससे इस समय अन्य विश्लेषक जूझ रहे हैं। जब एक ही चार्ट पर अलग-अलग स्तरों के आधार पर विपरीत निष्कर्ष निकल रहे हों, तो केवल सख्त तकनीकी नियम ही जोखिम को नियंत्रित रख सकते हैं। वर्तमान में सोना 4,187 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 4,170 डॉलर से 0.40 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 44 के स्तर पर न्यूट्रल बना हुआ है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम 3.50 पर मामूली तेजी के संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 4,220 डॉलर और 50-दिवसीय ईएमए 4,288 डॉलर पर तात्कालिक रुकावट के रूप में कार्य कर रहे हैं। फेड की 27 और 28 अक्टूबर की बैठक से पहले शनिवार से शुरू हो रही मौन अवधि के दौरान यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि क्या सोना 4,156 डॉलर के ऊपर टिककर 4,240 डॉलर की दीवार को चुनौती दे पाता है या नहीं।
























