अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में लंबे समय से सुरक्षित निवेश का सबसे बड़ा सहारा बनी जापानी मुद्रा में निवेशकों ने अपनी आक्रामक पोजीशन को हल्का करना शुरू कर दिया है। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी CFTC के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि सटोरिया ट्रेडर्स ने जापानी येन में अपनी शुद्ध तेजी वाली पोजीशन को बड़े पैमाने पर कम किया है। यह कदम बाजार में सुरक्षित ठिकानों की अत्यधिक मांग के बीच मुनाफावसूली को दर्शाता है, जिससे वैश्विक जोखिम धारणा में आए बदलाव के संकेत मिलते हैं।
येन की तेजी वाली पोजीशन में अगस्त के बाद की सबसे तेज गिरावट
CFTC द्वारा 22 सितंबर को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह के लिए जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सटोरिया कारोबारियों ने अपनी शुद्ध लंबी पोजीशन में लगभग 48.4K यानी 48,400 अनुबंधों की सीधी कटौती की है। अगस्त के बाद से देखा जाए तो एक सप्ताह के भीतर दर्ज की गई यह सबसे तेज गिरावट है। इस बड़े बदलाव के बावजूद इसे जापानी मुद्रा के प्रति भरोसे का अचानक खत्म होना नहीं माना जा सकता, बल्कि यह उन निवेशकों की सतर्क रणनीति का हिस्सा है जिन्होंने हालिया अनिश्चितताओं के धीमे पड़ने पर अपना मुनाफा सुरक्षित किया है।
इस भारी साप्ताहिक निकासी से पहले चालू वर्ष के दौरान येन में तेजी का सबसे बड़ा जमावड़ा देखा गया था। हालिया बिकवाली के कारण शुद्ध सट्टा लंबी पोजीशन गिरकर लगभग 72K अनुबंधों पर आ गई है, जो पिछले सप्ताह 120.3K अनुबंधों से ऊपर बनी हुई थी। इसके साथ ही सट्टेबाजी का कुल एक्सपोजर भी 22.2 प्रतिशत से घटकर 19.0 प्रतिशत रह गया है। हालांकि इस गिरावट के बाद भी ऐतिहासिक नजरिए से येन में पोजीशन काफी मजबूत बनी हुई है। नेट पोजीशन पर्सेंटाइल अभी भी 88.1 के स्तर पर है, जबकि स्पेकुलेटिव एक्सपोजर पर्सेंटाइल 85.0 दर्ज किया गया है। यह साफ दिखाता है कि सटोरिए पिछले पांच वर्षों के अधिकांश समय की तुलना में अब भी उल्लेखनीय रूप से बड़ी तेजी की स्थिति बनाए हुए हैं।
दीर्घकालिक रुझान अब भी सकारात्मक, महीने भर में 135K अनुबंध जुड़े
साप्ताहिक आधार पर भारी बिकवाली दर्ज किए जाने के बावजूद व्यापक बाजार रुझान पूरी तरह सकारात्मक बना हुआ है। पिछले एक महीने की अवधि पर नजर डालें तो जापानी येन में शुद्ध पोजीशन में 135K से अधिक अनुबंधों की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि हालिया बिकवाली किसी बड़े उलटफेर की शुरुआत नहीं है, बल्कि अत्यधिक भरे हुए ट्रेड में एक स्वाभाविक नरमी और संतुलन बनाने का प्रयास है। मुद्रा बाजार में येन की आवाजाही केवल जापान की आंतरिक स्थिति ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता को भी उजागर करती है। हालिया आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि बाजार ने रक्षात्मक रुख को थोड़ा कम किया है, लेकिन येन को पूरी तरह नहीं छोड़ा है।
मजबूत अमेरिकी डॉलर के सामने अन्य मुद्राओं का संघर्ष
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने कई प्रमुख जोड़ियों पर गहरा दबाव बनाए रखा है। एशियाई कारोबारी सत्र में गुरुवार को AUD/USD अपने दो महीने के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा, जहां यह 0.6900 के मध्य स्तर के आसपास बना रहा। अमेरिका के व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी PCE डेटा ने फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है, लेकिन कच्चे तेल से जुड़े मुद्रास्फीति के जोखिम अभी भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को ऊंचा बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष अगस्त में तेजी से सिकुड़कर 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया, हालांकि इस आंकड़े का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बेहद सीमित असर देखने को मिला।
इसी बीच USD/JPY जोड़ी गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर टिकी रही। नरम अमेरिकी PCE डेटा के बावजूद, तेल की ऊंची कीमतों के कारण बने महंगाई के खतरे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब बनाए हुए हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी ने सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त मजबूती दी है। डॉलर की यह व्यापक ताकत बैंक ऑफ जापान की आक्रामक ब्याज दर उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिमों को संतुलित कर रही है।
सोने में ठहराव और क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर बढ़ता दबाव
मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में लगातार जारी उछाल ने कीमती धातुओं की चमक को सीमित कर दिया है। गुरुवार को सोना सपाट रुख के साथ कारोबार करता नजर आया और अपनी शुरुआती बढ़त को आगे बढ़ाने में संघर्ष करता रहा। XAU/USD लगभग 4,167 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो दिन के दौरान केवल 0.26 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। जब तक अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में नरमी नहीं आती, तब तक सोने की कीमतों के लिए ऊपर की ओर बड़ा ब्रेकआउट बनाना चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में भी सुस्ती और दबाव का माहौल स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बिटकॉइन मुख्य रूप से 82,500 डॉलर के समर्थन स्तर और 85,000 डॉलर के प्रतिरोध स्तर के बीच एक संकीर्ण दायरे में अटका हुआ है। इसी तरह एथेरियम भी भारी दबाव में है और 2,700 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलकर कारोबार कर रहा है, जहां 2,600 डॉलर का स्तर इसे तात्कालिक समर्थन प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही रिपल की कीमत में भी कमजोरी आई है और यह महत्वपूर्ण 1.50 डॉलर के स्तर से नीचे खिसक चुका है।
फेडरल रिजर्व पर बदला बाजार का रुख
फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों को लेकर वित्तीय बाजार ने अपनी धारणा में तेजी से बदलाव किया है। महज एक सप्ताह पहले तक वैश्विक निवेशक अक्टूबर में केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी को सबसे संभावित परिदृश्य मान रहे थे। हालांकि हाल ही में सामने आए कमजोर मुद्रास्फीति आंकड़ों और नीति निर्माताओं की सतर्क टिप्पणियों ने इस पूरे समीकरण को बदल कर रख दिया है। अब बाजार का प्रमुख अनुमान यह बन चुका है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अक्टूबर की आगामी बैठक में ब्याज दरों में किसी भी बदलाव से बचते हुए ठहराव की नीति अपनाएगा।



















