अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती का दायरा लगातार बढ़ाता दिखाई दे रहा है। डॉलर इंडेक्स (DXY) बुधवार को मामूली बढ़त के साथ 101.45 के स्तर पर बंद हुआ, जो इससे पिछले कारोबारी दिन 101.37 पर दर्ज किया गया था। इस बढ़त के साथ ही डॉलर ने सितंबर महीने में कुल 2.0 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया है, जो जून के बाद का इसका सबसे बेहतरीन मासिक प्रदर्शन साबित हुआ है। हालांकि कारोबारी सत्र के दौरान अपेक्षाकृत नरम पीसीई (PCE) महंगाई आंकड़ों ने डॉलर की तेज रफ्तार पर कुछ समय के लिए ब्रेक जरूर लगाया, लेकिन सत्र समाप्त होने तक डॉलर निचले स्तरों से शानदार वापसी करने में कामयाब रहा।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की महंगाई का दोहरा असर
अमेरिकी मुद्रास्फीति से जुड़े नरम पीसीई आंकड़ों ने अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को थोड़ा सीमित जरूर किया है। इसके बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों से उपजने वाले मुद्रास्फीति के जोखिमों ने अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तरों के करीब टिका रखा है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में जारी इस तेजी और अमेरिका और ईरान के बीच गहराते गतिरोध ने डॉलर को एक सुरक्षित ठिकाने (सेफ हेवन) के रूप में जबरदस्त सहारा दिया है। यह मजबूत वैश्विक धारणा अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं और कमोडिटी परिसंपत्तियों पर भारी दबाव बना रही है।
एशियाई मुद्राओं का रुख और केंद्रीय बैंकों की रणनीति
अमेरिकी पीसीई आंकड़े सामने आने से पहले एशियाई मुद्राओं में डॉलर के मुकाबले व्यापक स्तर पर मजबूती देखी गई थी। इस दौरान इंडोनेशियाई रुपिया (IDR) को बैंक इंडोनेशिया की उस स्पष्ट प्रतिबद्धता से ठोस सहारा मिला, जिसमें केंद्रीय बैंक ने कई वित्तीय साधनों के जरिए विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप करते हुए मुद्रा स्थिरता बनाए रखने की बात कही थी। इस दखल के बाद यूएसडी/आईडीआर (USD/IDR) 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,870 के स्तर पर बंद हुआ।
सिंगापुर डॉलर की स्थिति पर नजर डालें तो एस$नीयर (S$NEER) सूचकांक सुबह के वक्त अनुमानित मिड-पॉइंट से लगभग 1.85 प्रतिशत ऊपर कारोबार करता दिखा। अनुमानित मध्य बिंदु से 1.5 प्रतिशत से 2.0 प्रतिशत ऊपर रहने के आधार पर आज के कारोबारी दिन के लिए यूएसडी/एसजीडी (USD/SGD) का संभावित ट्रेडिंग दायरा 1.2761 से 1.2824 के बीच बना हुआ है।
येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बढ़ता दबाव
गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर 158.00 के पार टिका रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति अपनाए जाने की संभावनाओं और जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद अमेरिकी डॉलर का दबदबा जापानी येन पर पूरी तरह हावी है। कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई और ऊंची बॉन्ड यील्ड इस मुद्रा जोड़ी को लगातार मजबूती प्रदान कर रही है।
वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) अपने दो महीने के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। एशियाई सत्र में यह जोड़ी 0.6900 के मध्य स्तरों पर संघर्ष करती नजर आई। अगस्त के महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष घटकर केवल 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD495M) रह गया, जिसमें काफी तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि व्यापार संतुलन में आई इस भारी कमी का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और इस करेंसी जोड़ी पर बेहद सीमित असर देखने को मिला।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में ठहराव
मजबूत अमेरिकी डॉलर और लगातार चढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ने कीमती धातुओं की चमक को भी थाम रखा है। गुरुवार को सोने की कीमतों में एक सीमित दायरे का ठहराव देखने को मिला। हाजिर सोना (XAU/USD) 0.26 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ लगभग $4,167 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जहां पीली धातु अपनी शुरुआती रिकवरी को आगे बढ़ाने के लिए कड़ा संघर्ष करती नजर आ रही है।
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में भी सुस्ती का आलम साफ दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) मोटे तौर पर $82,500 के सपोर्ट और $85,000 के रेजिस्टेंस स्तर के बीच फंसी हुई है। इसी तरह एथेरियम (ETH) पर भी लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और यह $2,700 से नीचे कारोबार कर रहा है, जिसे $2,600 का स्तर तत्काल सहारा दे रहा है। दूसरी तरफ रिपल (XRP) फिसलकर अपने बेहद अहम $1.50 के स्तर से नीचे आ गया है।
यूरो के लिए नई चुनौतियां और पेरोल आंकड़ों पर नजर
यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 तक लुढ़क गई, जो जनवरी के अपने 1.2082 के शिखर से काफी नीचे है। हालांकि यूरोजोन में मुद्रास्फीति का कोई नया झटका यूरो को अप्रत्याशित सहारा भी दे सकता है।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार अब पूरी तरह से अमेरिका के सितंबर महीने के गैर-कृषि पेरोल (NFP) आंकड़ों की ओर देख रहा है। डॉलर इस महत्वपूर्ण रोजगार रिपोर्ट से ठीक पहले अपने सालाना उच्चतम स्तरों के पास कारोबार कर रहा है। बाजार के विश्लेषक इस रिपोर्ट को लेकर दो स्पष्ट खेमों में बंटे हुए हैं। आधे विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार रिपोर्ट आने तक डॉलर में लिवाली का दौर जारी रहेगा और यह ऊपर की तरफ नया ब्रेकआउट दे सकता है। वहीं बाकी विश्लेषकों का तर्क है कि डॉलर की यह हालिया तेजी पहले ही अपनी वास्तविक सीमा से कहीं आगे निकल चुकी है और अब इसमें ठहराव आ सकता है।



















