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कच्चे तेल में नरमी के बीच सोने में लौटी हल्की खरीदारी, लेकिन ऊंचे ब्याज दरों का दबाव बरकरारबाज़ार
3 नव॰ 2026, 12:38 pm (10 मिनट पहले)· 0

कच्चे तेल में नरमी के बीच सोने में लौटी हल्की खरीदारी, लेकिन ऊंचे ब्याज दरों का दबाव बरकरार

सोने की कीमतों ने अपने एक साल के निचले स्तर से उबरते हुए 1.85 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है, हालांकि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से तेजी सीमित बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में पिछले हफ्ते आई तेज बिकवाली के बाद राहत देखने को मिली है। कच्चे तेल के दामों में गिरावट और निचले स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई चुनिंदा लिवाली के चलते पीली धातु ने 1.85 प्रतिशत की उछाल दर्ज की। हालांकि, कमोडिटी रणनीतिकार वारेन पैटरसन और इवा मान्थे का आकलन है कि एक साल के निचले स्तर से हुई यह वापसी फिलहाल बेहद नाजुक स्थिति में है, क्योंकि मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने का रुख धातु पर लगातार दबाव बनाए हुए है।

तेल की नरमी और कूटनीतिक हलचल से बाजार को सहारा

सोमवार को सोने में आई 1.85 प्रतिशत की तेजी ने इसे पिछले 12 महीनों के सबसे निचले पायदान से ऊपर खींचने में मदद की। इस सुधार की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में नरमी के संकेत रहे, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। तेल की कीमतों के नीचे आने से महंगाई को लेकर खड़ी हो रही चिंताएं कुछ हद तक शांत हुईं, जिससे धातु बाजार को जरूरी राहत मिली। पिछले कुछ समय से सोना जोखिम से बचने की चौतरफा लहर और तकनीकी शेयरों में आई भारी बिकवाली के बीच पिस रहा था। भू-राजनीतिक जोखिम अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जबकि कर्ज महंगा रहने की आशंका निवेशकों के उत्साह पर ब्रेक लगा रही है।

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मजबूत अमेरिकी विनिर्माण आंकड़ों ने फिर बढ़ाई चिंता

एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमत एक बार फिर 3,950 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गई, जिससे पिछले दिन की रिकवरी का एक बड़ा हिस्सा खत्म हो गया। इस ताजा दबाव के पीछे अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र के मजबूत आंकड़े रहे। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों में अक्टूबर माह में लगातार 10वें महीने विस्तार दर्ज किया गया। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.5 पर पहुंच गया, जो पिछले महीने 54.5 के स्तर पर था और बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा। इस आंकड़े ने फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को सख्त बनाए रखने के रुख को और हवा दी है, जिसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी ने बिना ब्याज वाली इस धातु में ताजा बिकवाली को जन्म दिया।

विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल: येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति

वैश्विक करेंसी बाजार में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव दर्ज किए जा रहे हैं। मंगलवार को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बहुप्रतीक्षित 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) लगातार दूसरे दिन फिसलकर दो सप्ताह के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। दरें बढ़ाने का यह फैसला पूरी तरह सर्वसम्मत नहीं था, क्योंकि तीन सदस्य ब्याज दरों को 4.60 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने के पक्ष में थे। इस असहमति ने आगे दर वृद्धि की उम्मीदों को धीमा कर दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर की मामूली मजबूती के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव बढ़ गया।

दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) में पिछले सत्र में 158.00 तक पहुंचे लाभ में आंशिक गिरावट आई। ईरान कूटनीति की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले डॉलर में सुस्ती देखी गई। वहीं, जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को नीचे से सहारा दिया है, हालांकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता ने इस बढ़त को सीमित रखा है। नतीजतन, यह मुद्रा जोड़ी एक सीमित दायरे में फंसी हुई है।

क्रिप्टो बाजार में बिकवाली और अमेरिकी चुनावों पर नजरें

डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में कार्डानो (ADA) में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह मंगलवार को 0.189 डॉलर के नीचे कारोबार करता नजर आया। पिछले सत्र में महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर गंवाने के बाद मिले-जुले डेरिवेटिव डेटा और कमजोर ऑन-चेन संकेतकों ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है, जिससे तकनीकी रूप से आगे भी गिरावट के जोखिम बने हुए हैं।

इन तमाम आर्थिक गतिविधियों के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें मंगलवार को होने वाले अमेरिकी चुनावों पर टिकी हैं। इन मध्यावधि चुनावों में सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इसके अलावा, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खाली की गई सीटों को भरने के लिए फ्लोरिडा और ओहियो में विशेष चुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके नतीजे वैश्विक नीति और बाजार की दिशा तय करने में बेहद अहम होंगे।

सवाल-जवाब

सोने की कीमतों में हालिया उछाल का मुख्य कारण क्या रहा?
अमेरिका-ईरान तनाव में कमी के चलते कच्चे तेल में आई तेज गिरावट और निचले स्तरों पर की गई खरीदारी ने सोने को 1.85 प्रतिशत की बढ़त दिलाई।
सोने की कीमतों में सुधार को नाजुक क्यों माना जा रहा है?
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंका के कारण सोने में लंबी अवधि की तेजी सीमित बनी हुई है।
अक्टूबर महीने में अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई का आंकड़ा क्या रहा?
इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.5 रहा, जो पिछले महीने 54.5 के स्तर पर था।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया?
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की, हालांकि तीन सदस्य दरों को 4.60 प्रतिशत पर रखने के पक्ष में थे।
कार्डानो की कीमत में क्या बदलाव देखा गया?
सपोर्ट स्तर टूटने और कमजोर तकनीकी संकेतकों के कारण कार्डानो की कीमत फिसलकर 0.189 डॉलर के नीचे आ गई।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में किन प्रमुख सीटों पर मतदान हो रहा है?
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के अलावा मार्को रुबियो और जेडी वेंस की खाली सीटों पर मतदान हो रहा है।
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