कनाडा की अर्थव्यवस्था में ऊर्जा और गैसोलीन की कीमतों में आया नया उछाल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को एक बार फिर ऊपर धकेलने के लिए तैयार दिख रहा है। टीडी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ अर्थशास्त्री रॉबर्ट बॉथ के हालिया अनुमान के अनुसार, सितंबर महीने में कनाडा की वार्षिक हेडलाइन मुद्रास्फीति बढ़कर 3.2 प्रतिशत पर पहुंच सकती है। अगस्त की तुलना में इसमें 0.1 प्रतिशत अंक की तेजी और मासिक आधार पर 0.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना है। हालांकि हेडलाइन आंकड़े केंद्रीय बैंक के तय लक्ष्य सीमा से बाहर जाते दिख रहे हैं, लेकिन अंतर्निहित आर्थिक संकेतकों का मिजाज काफी अलग बना हुआ है।
कोर महंगाई के आंकड़ों में सुस्ती और राहत के संकेत
अर्थव्यवस्था के व्यापक स्वरूप पर नजर डालें तो रोजमर्रा की गैर-ऊर्जा वस्तुओं में कीमतों का कोई बड़ा दबाव फैलता नहीं दिख रहा है। अर्थशास्त्री रॉबर्ट बॉथ का विश्लेषण बताता है कि कोर सीपीआई के प्रमुख पैमानों, जैसे सीपीआई-ट्रिम और वेटेड मीडियन, पर दबाव सीमित बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "ऊर्जा क्षेत्र के बड़े योगदान के कारण हेडलाइन आंकड़ों में मजबूती आएगी, लेकिन कोर सीपीआई में व्यापक दबाव नहीं दिखेगा।"
आंकड़ों के ब्योरे के मुताबिक सितंबर महीने में सीपीआई-ट्रिम का स्तर 1.9 प्रतिशत पर स्थिर रहने की उम्मीद जताई गई है। वहीं दूसरी तरफ वेटेड मीडियन में 0.1 प्रतिशत अंक की हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे वह भी 1.9 प्रतिशत के स्तर पर आ जाएगा। इन दोनों कोर पैमानों का 1.9 प्रतिशत पर आना इन्हें वर्ष 2026 के निचले स्तरों के बराबर ला खड़ा करेगा। हालांकि पिछले तीन महीनों के कोर महंगाई के वार्षिक दर के आंकड़े 2.7 प्रतिशत पर आकर नीति निर्माताओं को सतर्क रहने की चेतावनी जरूर देते हैं।
बैंक ऑफ कनाडा की आगामी मौद्रिक समीक्षा पर संभावित असर
अक्टूबर की मौद्रिक नीति रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक अपने हेडलाइन सीपीआई अनुमानों को ऊपर संशोधित कर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ब्याज दरों को लेकर आक्रामक फैसला लिया जाएगा। महंगे कच्चे तेल का असर जब तक अर्थव्यवस्था के बाकी हिस्सों तक नहीं पहुंचता, तब तक बैंक ऑफ कनाडा की प्रतिक्रिया काफी नपी-तुली रहने की संभावना है। टीडी सिक्योरिटीज का मानना है कि कोर मुद्रास्फीति का यह शांत बर्ताव नीति निर्माताओं को आगामी बैठक में संतुलित संदेश देने की पूरी गुंजाइश प्रदान करेगा। केंद्रीय बैंक ऊर्जा लागत के अस्थायी झटकों के बजाय दीर्घकालिक प्रवृत्तियों पर अधिक ध्यान केंद्रित रखेगा।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और एशियाई सत्र में मुद्राओं की चाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान काफी हलचल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर पर बने बिकवाली के दबाव के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) को नया सहारा मिला और यह 0.6950 के स्तर की तरफ बढ़ गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष वॉर्श के बयानों ने डॉलर पर दबाव बढ़ाने का काम किया। वॉर्श ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि वे कीमत स्थिरता बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उन्होंने आने वाले समय में ब्याज दरों के रास्ते पर कोई ठोस संकेत नहीं दिया।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी भी बिकवाली के घेरे में आ गई। एशियाई कारोबार में यह जोड़ी 158.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गई। फेड प्रमुख वॉर्श के सख्त कदमों पर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता न जताने वाले रवैये ने अमेरिकी डॉलर को कमजोर किया, जिसका सीधा असर येन के मुकाबले डॉलर की कीमतों पर देखा गया।
सोने में उतार-चढ़ाव और क्रिप्टो बाजार का हाल
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल असमंजस से भरी रही। शुक्रवार को पीली धातु 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे लगातार बढ़त और गिरावट के बीच झूलती नजर आई। अमेरिकी डॉलर में आई मामूली सुस्ती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई हल्की रिकवरी के कारण सर्राफा बाजार में निवेशक किसी एक दिशा में मजबूत दांव लगाने से बचते रहे।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए भी अक्टूबर का महीना अब तक चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। व्यापक आर्थिक प्रतिकूलताओं और निवेशकों की सुस्त मांग के चलते बिटकॉइन (BTC) सप्ताह के शुरुआती दिनों में गिरकर 80,000 डॉलर से नीचे चला गया था। हालांकि शुक्रवार तक इसमें आंशिक सुधार आया और यह 82,000 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। पूरी दुनिया के वित्तीय बाजार इस समय मुद्रास्फीति के बदलते आंकड़ों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के बयानों के बीच संतुलन तलाशने में जुटे हुए हैं।

















