अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता काफी बढ़ गई है, जिससे महाद्वीप में ईंधन की लागत लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। डच टीटीएफ बेंचमार्क पर नेचुरल गैस की कीमतें 80 यूरो प्रति मेगावाट घंटे के महत्वपूर्ण आंकड़े से ऊपर कारोबार कर रही हैं। मध्य पूर्व में गहराते भू-राजनीतिक तनाव ने फारस की खाड़ी से लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी एलएनजी की आवक में तत्काल बढ़ोतरी की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। उत्तरी गोलार्ध में कड़ाके की ठंड और हीटिंग सीजन शुरू होने से पहले वैश्विक एलएनजी बाजार बेहद संवेदनशील और तंग स्थिति में पहुंच चुका है।
सर्दियों से पहले यूरोपीय गैस भंडारों की कमजोर स्थिति
यूरोपीय संघ के ऊर्जा बुनियादी ढांचे के सामने इस समय पर्याप्त ईंधन जुटाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। महाद्वीप के भूमिगत गैस भंडारण केंद्र मौजूदा समय में अपनी कुल क्षमता के केवल 68 प्रतिशत से कुछ अधिक ही भर पाए हैं। आमतौर पर इस मौसम के दौरान पांच साल का ऐतिहासिक औसत स्तर लगभग 84 प्रतिशत रहता है, जिसकी तुलना में वर्तमान भंडार काफी कम है। यूरोपीय संघ ने आगामी सर्दियों से पहले अपने गैस भंडारों को न्यूनतम 75 प्रतिशत तक भरने का कम स्तर वाला लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन वैश्विक आपूर्ति बाधाओं को देखते हुए इस लक्ष्य को हासिल करना भी बेहद कठिन साबित हो रहा है।
जेकेएम और टीटीएफ के बीच कीमतों का मौजूदा अंतर तकनीकी रूप से यह संकेत देता है कि यूरोप को वैश्विक स्तर पर स्पॉट कार्गो आकर्षित करने चाहिए। हालांकि, आपूर्ति श्रृंखला में तंग हालात और मालवाहक जहाजों की सीमित उपलब्धता के कारण यूरोप के लिए तत्काल अतिरिक्त आपूर्ति जुटाना आसान नहीं रह गया है। इस वजह से सर्दियों के आगमन से ठीक पहले गैस बाजार में अनिश्चितता और घबराहट का माहौल गहराता जा रहा है।
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर का दबदबा और येन का रुख
ग्लोबल करेंसी मार्केट में मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर की मजबूती का व्यापक असर देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी एयूडी/यूएसडी 0.7150 के स्तर से नीचे फिसलकर दबाव में कारोबार करती नजर आई, जो बीते कारोबारी दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के काफी करीब है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के निकट टिकी हुई है, जिसे आगामी एफओएमसी नीतिगत बैठक और कच्चे तेल के उछाल से पैदा हुए महंगाई के जोखिमों से समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही चीन की ओर से जारी अगस्त महीने के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों से भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कोई सहारा नहीं मिल सका।
दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर और जापानी येन यानी यूएसडी/जेपीवाई की जोड़ी शुरुआती कारोबारी घंटों में तेजी दर्शाते हुए 155.00 के स्तर की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दी। मुद्रा व्यापारी इस सप्ताह होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी और बैंक ऑफ जापान यानी बीओजे की बैठकों के फैसलों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के दांव और तेल की कीमतों से उपजे मुद्रास्फीति दबावों ने बॉन्ड प्रतिफल को ऊंचा बनाए रखा है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाने की बढ़ती संभावनाओं ने जापानी मुद्रा को आंतरिक सहारा दिया है, जो आगे चलकर इस मुद्रा जोड़ी की बढ़त को सीमित कर सकता है।
सोने के भाव में सुस्ती और क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट
कमोडिटी बाजार में सोने की चमक फीकी पड़ती दिखाई दी, जहां पीली धातु ने सोमवार की निराशा को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को लगभग 4,260 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे को दोबारा छुआ। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में तेजी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की अस्थिर चाल और केंद्रीय बैंक के फैसलों से पहले निवेशकों की सतर्कता ने सोने पर सीधा दबाव बनाया है। सुरक्षित निवेश विकल्प होने के बावजूद नीतिगत अनिश्चितता के दौर में सोने के भाव सीमित दायरे में अटके हैं।
डिजिटल एसेट बाजार में भी कमजोरी का रुख हावी रहा, जहां प्रमुख ऑल्टकॉइन्स लाल निशान में कारोबार करते पाए गए। रिपल यानी एक्सआरपी, कार्डानो यानी एडीए और हाइपरलिक्विड यानी एचवाइपीई जैसी डिजिटल संपत्तियों में मंगलवार को लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। संसद में क्लेरिटी एक्ट पर होने वाले क्लोजर वोट से पहले विनियामक चिंताओं के चलते डिजिटल संपत्तियों में यह बिकवाली और दबाव देखने को मिला है।



















