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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में उछाल की रफ्तार सीमित, 1.3315 पर कड़ा प्रतिरोधबाज़ार
7 अक्तू॰ 2026, 12:53 pm (58 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में उछाल की रफ्तार सीमित, 1.3315 पर कड़ा प्रतिरोध

यूओबी के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड 1.3286 तक चढ़ने के बाद अब 1.3315 के मजबूत अवरोध के करीब सीमित रह सकता है। वैश्विक मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है।

GBP/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण7 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD अभी 1.32 पर है, जबकि EMA20 1.33, EMA50 1.34 और EMA200 1.34 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.33) के पास थम सकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हालिया तेजी के बाद कुछ मजबूती जरूर दिखाई है, लेकिन आगे की राह पर कड़ा अवरोध खड़ा नजर आ रहा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक यानी यूओबी के तकनीकी मूल्यांकन के अनुसार, मुद्रा जोड़ी में हालिया बढ़त के बाद ऊपर की तरफ 1.3315 का स्तर पार करना काफी मुश्किल साबित हो सकता है। बाजार में दैनिक और साप्ताहिक रुझान यह दर्शा रहे हैं कि सीमित उछाल के बावजूद खरीदारों के पास लंबी रैली जारी रखने के लिए पर्याप्त रफ्तार नहीं है।

दैनिक दायरे से बाहर निकला पाउंड और तात्कालिक स्तर

अल्पकालिक समय सीमा में ब्रिटिश पाउंड की चाल ने शुरुआती अनुमानों को झुठला दिया था। दो दिन पहले के मूल्य व्यवहार को देखने के बाद विश्लेषकों का मानना था कि तेजी या मंदी में से किसी भी दिशा में स्पष्ट गति नहीं बन रही है और पाउंड 1.3195 से 1.3245 के सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। हालांकि, बाजार ने इस दायरे को तोड़ते हुए 1.3286 का ऊपरी स्तर छू लिया, जिससे तेजी की रफ्तार में मामूली इजाफा दर्ज किया गया।

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वर्तमान 24 घंटे के परिदृश्य को देखते हुए पाउंड के लिए 1.3285 के स्तर का दोबारा परीक्षण करने की संभावना बनी हुई है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि इस स्तर से आगे लगातार बढ़त बने रहने के आसार बेहद कम हैं। ऊपर की ओर 1.3315 का बड़ा प्रतिरोध स्तर किसी गंभीर चुनौती के दायरे में आता नहीं दिख रहा है। नीचे की तरफ अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो पहला सहारा 1.3240 पर मिलेगा, जिसके बाद अगला अहम सपोर्ट 1.3220 के स्तर पर स्थित है।

एक से तीन सप्ताह का व्यापक तकनीकी दृष्टिकोण

व्यापक नजरिए से देखें तो पिछले शुक्रवार यानी 2 अक्टूबर को जब स्पॉट स्तर 1.3195 पर था, तब नीचे की ओर मंदी का दबाव बनने की बात कही जा रही थी, हालांकि वह दबाव बहुत मजबूत नहीं था। उस समय संभावना जताई गई थी कि पाउंड खिसककर 1.3140 के प्रमुख सपोर्ट स्तर की ओर जा सकता है। लेकिन बीते सत्र में पाउंड ने मजबूती दिखाते हुए 1.3265 के कड़े प्रतिरोध स्तर को पार कर लिया और पुराने मंदी के रुख को अमान्य कर दिया।

इस तकनीकी बदलाव के बाद तेजी की रफ्तार में मामूली बढ़त आई है और पाउंड धीरे-धीरे 1.3315 की दिशा में आगे बढ़ सकता है। मौजूदा तकनीकी रुझान के आधार पर 1.3315 से ऊपर की निरंतर तेजी संभव नहीं मानी जा रही है। इस हल्की तेजी की लय को बरकरार रखने के लिए पाउंड को अपने मजबूत सपोर्ट स्तर 1.3200 के ऊपर बने रहना अनिवार्य होगा।

लाइव तकनीकी संकेतक और लंबी अवधि के रुझान

मौजूदा क्लोजिंग सत्र के रियल-टाइम तकनीकी आंकड़ों पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी जोड़ी 1.32 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 1.32 के बंद भाव के मुकाबले 0.19 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाती है। 52 हफ्तों के दौरान इसका दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है, जबकि मौजूदा वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना के बराबर बना हुआ है।

तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 38 पर दर्ज किया गया है, जो कमजोर स्थिति का संकेत देता है। एमएसीडी (MACD) -0.01 पर है जबकि सिग्नल लाइन भी -0.01 पर है, जिससे हिस्टोग्राम -0.00 के साथ मंदी का रुख दिखा रहा है। मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 1.33, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 और 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर हैं। वहीं 50-दिवसीय एसएमए 1.35 और 200-दिवसीय एसएमए 1.34 पर स्थित हैं। 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाने से डेथ क्रॉस बना हुआ है, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 1.31 से 1.36 के बीच हैं जिसका मध्य स्तर 1.33 है, और कीमतें इन्हीं बैंड्स के भीतर हैं। इसके अलावा 14-दिवसीय एडीएक्स (ADX) 33 पर ट्रेंडिंग चरण दिखा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 29 और सिग्नल लाइन 21 पर है। 14-दिवसीय एटीआर 0.01 पर दैनिक अस्थिरता दर्शाता है। पिवट स्तर 1.33 पर है, जहां रेजिस्टेंस R1 और R2 दोनों 1.33 पर हैं तथा सपोर्ट S1 और S2 दोनों 1.32 पर मौजूद हैं। विश्लेषकों का यह भी आकलन है कि यदि भाव 1.3180 के नीचे फिसलता है तो गिरावट का दबाव और तेज हो सकता है।

वैश्विक मुद्राओं और बॉन्ड यील्ड का व्यापक माहौल

फॉरेक्स बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों की स्थिति भी अमेरिकी डॉलर की मांग से प्रभावित हो रही है। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में ताजा उछाल और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण डॉलर में निचले स्तरों पर लिवाली लौट रही है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) हालिया सुधार को आगे बढ़ाने में संघर्ष कर रहा है और बुधवार के एशियाई सत्र में 0.7000 के नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करता दिखा, भले ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से सख्त रुख की उम्मीदें बनी हुई हैं। बाजार की नजरें अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी (FOMC) के मिनट्स पर टिकी हैं।

उधर यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) एशियाई सत्र के दौरान 158.50 के करीब डेढ़ सप्ताह के उच्च स्तर पर मंडरा रहा है। डॉलर खरीदार एफओएमसी मिनट्स से पहले 200-दिवसीय एसएमए की बाधा पार करने का इंतजार कर रहे हैं। बैंक ऑफ जापान के नरम बयानों और अमेरिकी यील्ड में तेजी ने इस जोड़ी को सहारा दिया है। कमोडिटी बाजार में सोने पर भी दबाव बना हुआ है और वह बुधवार को पिछले दिन छुए गए दो महीने के निचले स्तर यानी लगभग 4,100 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है।

क्रिप्टोकरेंसी, भारतीय रुपया और ईसीबी की दुविधा

डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में डॉगकॉइन (DOGE) में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.090 डॉलर के आसपास ट्रेड करता दिखा, जो इस सप्ताह अब तक 5 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। इसमें शॉर्ट पोजीशन एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं और डेरिवेटिव डेटा ट्रेडर्स की सतर्कता दर्शा रहा है।

घरेलू मोर्चे पर भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मोटे तौर पर 96.37 के आसपास शांत रहा। इस नीति बैठक में आरबीआई ने अपनी रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.5 प्रतिशत कर दिया, जो फरवरी 2023 के बाद पहली ब्याज दर वृद्धि है। वहीं यूरोप में यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी के सामने मुद्रास्फीति लक्ष्य से लगभग दोगुनी होने के कारण दरें बढ़ाने का दबाव है, लेकिन बॉन्ड बाजार पहले ही सख्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है, जिससे बैंक के सामने नीतिगत असमंजस की स्थिति बन गई है।

सवाल-जवाब

यूओबी के अनुसार ब्रिटिश पाउंड के लिए मुख्य रेजिस्टेंस स्तर क्या है?
यूओबी के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार ब्रिटिश पाउंड के लिए प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर 1.3315 है, जिसे पार करना फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है।
पाउंड में हल्की तेजी बरकरार रखने के लिए किस सपोर्ट स्तर का टूटना नहीं चाहिए?
पाउंड को अपनी हल्की बढ़त बनाए रखने के लिए 1.3200 के मजबूत सपोर्ट स्तर से ऊपर बने रहना जरूरी है।
आरबीआई ने रेपो रेट में कितना बदलाव किया है?
आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है।
डॉगकॉइन में इस सप्ताह कितनी गिरावट दर्ज की गई है?
डॉगकॉइन इस सप्ताह 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 0.090 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।
सोने की कीमत किस दायरे में कारोबार कर रही है?
सोना पिछले सत्र में छुए गए दो महीने के निचले स्तर लगभग 4,100 डॉलर के करीब दबाव में ट्रेड कर रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Rohan Gupta@rohan-gupta·11 मिनट पहले

पाउंड की रफ्तार देखकर लग रहा है कि फिनटेक प्लेटफॉर्म्स और ग्लोबल पेमेंट गेटवे के लिए फॉरेक्स कन्वर्जन चार्जेस पर नजर रखना जरूरी हो गया है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·10 मिनट पहले

रोहन, बिल्कुल सही कहा आपने। वैसे क्या इस करेंसी उतार-चढ़ाव का सीधा असर हमारे विदेशी दौरों के मेडिकल खर्च और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी पड़ेगा?

Ravikash Gupta@ravikash·34 मिनट पहले

पाउंड की चाल देखकर लगता नहीं कि 1.3315 तक जाना इतना मुश्किल होगा। बाज़ार का मूड थोड़ा अलग लग रहा है।

Michael Anderson@michael-anderson·33 मिनट पहले

रविकेश, आपको क्यों लगता है कि 1.3315 पार करना आसान होगा जबकि बैंक इसे मुश्किल बता रहा है?

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