अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो एक अहम तकनीकी मोड़ पर पहुंच गई है, जहां निचले स्तरों से आई मजबूत खरीदारी इसे एक बड़े साप्ताहिक रिवर्सल की ओर ले जा रही है। हाल के दिनों में फ्रांस के सरकारी ऋण बाजार में मची उथल-पुथल के थमने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख को लेकर उपजी अनिश्चितता ने यूरो को नई ऊर्जा प्रदान की है। प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध स्तरों को पार करने के बाद यूरो अब अपने हालिया नुकसान की भरपाई करने में जुटा है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की चौतरफा मजबूती पर ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है।
फ्रांस के बॉन्ड बाजार में स्थिरता और यील्ड का अंतर
यूरोपीय संप्रभु ऋण बाजार में पिछले हफ्ते की तुलना में दबाव कम हुआ है। विशेष रूप से फ्रांस के सरकारी बॉन्ड में आई भारी बिकवाली अब थम चुकी है। 10 वर्षीय फ्रेंच ओएटी (OAT) और जर्मन बंड (Bund) के बीच यील्ड का अंतर लगभग 135 से 140 आधार अंक (bps) के आसपास स्थिर बना हुआ है। हालांकि यह दायरा यूरोजोन के समान क्रेडिट रेटिंग वाले अन्य देशों के मुकाबले काफी चौड़ा है, लेकिन यह 2011 के ऐतिहासिक यूरोजोन ऋण संकट के चरम स्तरों से अब भी काफी नीचे है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय संप्रभु बॉन्ड स्प्रेड और यूरो की विनिमय दर के बीच का संबंध समय-समय पर बदलता रहता है और वर्तमान समय में मुद्रा विनिमय बाजार पर अन्य व्यापक आर्थिक कारक कहीं अधिक गहरा असर डाल रहे हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयान और नीतिगत परिदृश्य
मुद्रा बाजार की मौजूदा हलचल में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन वॉर्श की टिप्पणियों ने अहम भूमिका निभाई है। अपनी हालिया टिप्पणियों में उन्होंने भविष्य के ब्याज दर मार्ग को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया, बल्कि केवल मुद्रास्फीति को नियंत्रित कर मूल्य स्थिरता हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई। भविष्य में मौद्रिक सख्ती को लेकर उनकी इस खामोशी को वित्तीय बाजार ने नरम रुख के तौर पर लिया। इस नीतिगत अनिश्चितता के कारण यूरोजोन और अमेरिका के अल्पकालिक यील्ड अंतर में मामूली कमी आई, जिसने यूरो की विनिमय दर को प्रत्यक्ष समर्थन दिया और डॉलर इंडेक्स पर नकारात्मक दबाव बना दिया।
यूरो के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर और साप्ताहिक दृष्टिकोण
तकनीकी चार्ट पर यूरो ने उल्लेखनीय मजबूती दर्ज की है। सप्ताह की शुरुआत में यूरो 1.11 के निचले दायरे से तेजी से उछला, जो कि 2025/26 के दौरान 1.01 के स्तर से शुरू हुई रैली का 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट समर्थन स्तर था। इस मजबूत आधार से संभलने के बाद मुद्रा ने 1.1240 से 1.1250 के बीच स्थित कड़े प्रतिरोध स्तर को पार कर लिया है। इस तकनीकी ब्रेकआउट से यूरो के लिए एक संभावित तेजी भरा साप्ताहिक रिवर्सल तैयार हो रहा है। हालांकि, इस तकनीकी सुधार की पुष्टि इस बात पर निर्भर करेगी कि यूरो कारोबारी सत्र की समाप्ति तक इन स्तरों को बनाए रख पाता है या नहीं। वर्तमान में इंट्राडे सपोर्ट 1.1245 से 1.1250 के आसपास केंद्रित है, जो किसी भी संभावित गिरावट को रोकने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
डॉलर के कमजोर पड़ने से अन्य प्रमुख मुद्राओं में हलचल
अमेरिकी डॉलर पर बने ताजा बिकवाली के दबाव ने एशिया के कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों को भी दिशा दी है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी तेजी को बढ़ाते हुए 0.6950 के स्तर की तरफ बढ़ गया। चेयरमैन वॉर्श की गैर-प्रतिबद्ध टिप्पणियों के बाद निवेशकों द्वारा ग्रीनबैक की बिकवाली से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बल मिला। वहीं दूसरी ओर, डॉलर-येन जोड़ी में भी भारी बिकवाली देखी गई, जिसके चलते यह शुक्रवार को एशियाई सत्र में 158.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई। अमेरिकी मुद्रा में आई यह व्यापक नरमी विभिन्न विदेशी मुद्रा बाजारों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार में मची इस हलचल के बीच कमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजारों में मिला-जुला रुझान देखा जा रहा है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के प्रमुख स्तर के ठीक नीचे घटती-बढ़ती रही। पीली धातु की यह अनिश्चित चाल एक तरफ अमेरिकी डॉलर में आई हल्की गिरावट और दूसरी तरफ अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई सुस्त रिकवरी के आपसी टकराव का नतीजा है। डिजिटल परिसंपत्तियों की बात करें तो अक्टूबर के महीने में क्रिप्टो बाजार लगातार दबाव में रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) सप्ताह की शुरुआत में 80,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गई थी, हालांकि शुक्रवार को यह सुधरकर लगभग 82,000 डॉलर के आसपास आ गई। व्यापक आर्थिक प्रतिकूलताओं और घटती मांग के चलते डिजिटल बाजार अभी भी सतर्कता के दायरे में कारोबार कर रहा है।

















