मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग के मावब्लेई इलाके में शनिवार तड़के उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक सड़क के बीचोंबीच जलता हुआ टायर और उसके पास रखा एक धमकी भरा हाथ से लिखा नोट मिला।
घटनास्थल पर क्या नजर आया
पुलिस को इसकी सूचना करीब रात डेढ़ बजे मिली, जब सड़क के बीच में रखे एक टायर से आग की लपटें उठती देखी गईं। पुलिस दल जब तक मौके पर पहुंचा, तब तक वहां कोई मौजूद नहीं था। जलते टायर के पास ही एक गत्ते के टुकड़े पर हाथ से एक संदेश लिखा हुआ रखा मिला, जो प्रशासन के लिए एक चेतावनी जैसा लग रहा था।
खासी भाषा में लिखी गई धमकी
नोट पर लिखा था, "वैट केमकुलमार ईओह कान प्लुह", जिसका मतलब होता है, "मनमाने ढंग से गिरफ्तारी मत करो, वरना यह जल जाएगा।" मदनरितिंग थाने की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाकर इलाके को सुरक्षित किया। कौन इस टायर और नोट को वहां छोड़ गया, इसका पता लगाने के लिए जांच अब भी जारी है।
तनाव की जड़ में खनन परियोजना का विरोध
यह घटना उससे अगले ही दिन सामने आई जब खासी छात्र संघ (केएसयू) ने राज्य सरकार को तीन दिन की मोहलत देते हुए कहा था कि पूर्वी जयंतिया हिल्स के लुम सिरमन में श्री सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर हुई एक जनसुनवाई का विरोध करने पहुंचे लोगों पर हमला करने, गाड़ियां तोड़ने और सड़कें क्षतिग्रस्त करने के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
केएसयू का आरोप, एकतरफा कार्रवाई हो रही है
संगठन का कहना है कि पुलिस सिर्फ उसके अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं पर शिकंजा कस रही है। केएसयू के मुताबिक उसके कई सदस्यों और पदाधिकारियों को कमजोर सबूतों के बावजूद गिरफ्तार कर मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि जनसुनवाई के दौरान हुई हिंसा में शामिल किसी को अब तक नहीं पकड़ा गया है।
शुक्रवार की बैठक में लिया गया फैसला
यह तीन दिन की चेतावनी केएसयू की केंद्रीय कार्यकारिणी की शुक्रवार को हुई बैठक में तय हुई। इसी बैठक में संगठन ने सरकार के सामने रखी अपनी पांच सूत्री मांगों की समीक्षा की और यह भी परखा कि 26 अगस्त को सचिवालय में राज्य के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में दिए गए भरोसे पर कितना अमल हुआ है।





















