मेघालय हाईकोर्ट ने जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसयू) की उस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है, जिसमें पूर्वी जयंतिया हिल्स में श्री सीमेंट के कामकाज को चुनौती दी गई थी। राज्य सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने तक कंपनी को कोई भी काम दोबारा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
सरकार का हलफनामा, जांच तक काम बंद
जेएसयू के मुताबिक राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि प्रस्तावित जांच पूरी होने तक श्री सीमेंट न तो अपना काम दोबारा शुरू कर पाएगी और न ही साइट पर किसी तरह का जमीनी काम कर सकेगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े पर्यावरण, सामाजिक और कानूनी पहलुओं के साथ-साथ आपराधिक आरोपों की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई जाएगी।
जेएसयू की मांग, सरकारी कमेटी नहीं, अदालत की निगरानी में जांच
जेएसयू सरकार की बनाई कमेटी के बजाय हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में स्वतंत्र जांच चाहता है। छात्र संगठन का कहना है कि अदालत की निगरानी वाली जांच से इस विवादित प्रोजेक्ट और उसके खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर कहीं ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
7 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
इस मामले पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 7 सितंबर को होनी है, जिसमें राज्य सरकार से और जवाब दाखिल करने की उम्मीद है। इसी सुनवाई से यह भी साफ होगा कि श्री सीमेंट पर लगी रोक आगे जारी रहेगी या इसमें कोई बदलाव होगा।
मानवाधिकार आयोग में भी चल रही लड़ाई
यह विवाद मेघालय मानवाधिकार आयोग (एमएचआरसी) तक भी पहुंच चुका है। जेएसयू पुलिस और जिला प्रशासन की उन रिपोर्टों पर अपना जवाब तैयार कर रहा है, जो कथित हिंसा और प्रदर्शनों को संभालने के तरीके को लेकर आयोग को पहले ही सौंपी जा चुकी हैं। जेएसयू के अनुसार आयोग ने इस जवाब के लिए 28 सितंबर की समयसीमा तय की है।
छात्र संगठन ने इन रिपोर्टों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इनमें स्पष्टता की कमी है और हिंसा किन हालात में हुई, यह ठीक से नहीं बताया गया है। जेएसयू ने यह भी दावा किया है कि पुलिस के अपने रिकॉर्ड में संगठन से जुड़ी एक मेडिकल रेस्क्यू टीम पर कथित हथियारबंद हमले का जिक्र मिलता है।
जेएसयू बोला, कानूनी लड़ाई जारी रहेगी
संगठन ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले को कानूनी रास्ते से आगे बढ़ाता रहेगा और उसकी मांग है कि हिंसा के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उस पर मुकदमा चले। यह पूरा घटनाक्रम पूर्वी जयंतिया हिल्स में श्री सीमेंट की मौजूदगी के खिलाफ लगातार जारी विरोध के बीच सामने आया है, और स्थानीय लोगों के साथ जेएसयू भी एक ऐसी स्वतंत्र और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग कर रहा है जिससे समुदाय की चिंताओं का हल निकल सके।





















