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सोहरा हाफ मैराथन में 11 हजार से ज्यादा धावकों ने रचा इतिहास, सतीश वर्मा और तेजस्विनी लाम्बकाने बने चैंपियनमेघालय
5 सित॰ 2026, 3:03 pm (8 घंटे पहले)· 4

सोहरा हाफ मैराथन में 11 हजार से ज्यादा धावकों ने रचा इतिहास, सतीश वर्मा और तेजस्विनी लाम्बकाने बने चैंपियन

मेघालय में आयोजित 5वीं सोहरा इंटरनेशनल हाफ मैराथन में रिकॉर्ड 11,672 धावकों ने भाग लिया, जहां सतीश कुमार वर्मा और तेजस्विनी नरेंद्र लाम्बकाने ने एलीट 21 किलोमीटर श्रेणी के खिताब जीते।

सोहरा इंटरनेशनल हाफ मैराथन के पांचवें संस्करण में धावकों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला, जहां कुल 11,672 पंजीकृत एथलीटों ने हिस्सा लेकर नया रिकॉर्ड बनाया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के 21 किलोमीटर एलीट वर्ग में सतीश कुमार वर्मा और तेजस्विनी नरेंद्र लाम्बकाने ने अपने-अपने वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य खिताब अपने नाम किए।

एलीट और स्थानीय वर्ग के परिणाम

पुरुषों की 21 किलोमीटर एलीट स्पर्धा में सतीश कुमार वर्मा ने 1 घंटे 3 मिनट और 4 सेकंड का समय निकालते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं महिलाओं के एलीट वर्ग में तेजस्विनी नरेंद्र लाम्बकाने ने 1 घंटे 15 मिनट और 20 सेकंड के समय के साथ जीत दर्ज की।

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घरेलू खिलाड़ियों के लिए आयोजित मेघालय वर्ग की 21 किलोमीटर रेस में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पुरुषों के मेघालय वर्ग में वोल्बेटस्टार रामसेज 1 घंटे 3 मिनट और 26 सेकंड के समय के साथ शीर्ष पर रहे। दूसरी ओर महिलाओं के मेघालय वर्ग में मार्क्वीनलेस रामसेज ने 1 घंटे 23 मिनट और 55 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया।

विभिन्न आयु वर्गों और राज्यों की सहभागिता

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश के लगभग 24 राज्यों के धावकों के साथ-साथ विदेशी एथलीटों ने भी हिस्सा लिया। 10 किलोमीटर की रेस में अलग-अलग आयु वर्गों के मुकाबले हुए। 18 से 39 वर्ष के पुरुष वर्ग में वानकिरमेन एल मावफलांग 28 मिनट 28 सेकंड के समय के साथ विजेता बने, जबकि महिला वर्ग में डापलिन वाहलांग ने 37 मिनट 20 सेकंड में रेस जीतकर पहला स्थान पाया।

40 से 54 वर्ष के आयु वर्ग में भारत भूषण ने 29 मिनट 14 सेकंड का समय लेकर पुरुषों में जीत दर्ज की, जबकि मेना मैरी वाहलांग 41 मिनट 55 सेकंड के साथ महिलाओं में शीर्ष पर रहीं। इसके अलावा 55 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वर्ग में स्वॉन्डिंग मावलोंग ने 38 मिनट 7 सेकंड में पुरुषों की रेस जीती, वहीं महिलाओं में थ्लिंगदा वानियांग 45 मिनट के समय के साथ विजेता बनीं।

पुरस्कार राशि में भारी बढ़ोतरी और आर्थिक प्रभाव

आयोजकों ने इस बार एलीट वर्ग की इनामी राशि को दोगुना कर दिया। 21 किलोमीटर एलीट पुरुषों और महिलाओं के विजेताओं को 3-3 लाख रुपये की नकद राशि दी गई। उपविजेताओं को 2-2 लाख रुपये और तीसरा स्थान पाने वाले धावकों को 1-1 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। चौथे से आठवें स्थान पर रहने वाले एथलीटों को 10-10 हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया गया। स्थानीय मेघालय वर्ग के विजेताओं को भी नकद पुरस्कार प्रदान किए गए, जिसमें 21 किलोमीटर मेघालय ओपन विजेता को 50,000 रुपये मिले।

मेघालय के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री वाइलाडमिकी शल्ला ने बताया कि इस मैराथन की शुरुआत महज 750 धावकों से हुई थी, जो अब बढ़कर लगभग 12,000 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर लॉजिस्टिक्स और सुविधाओं को बनाए रखने के लिए रजिस्ट्रेशन सीमित करने पड़े, वरना मांग 20,000 के पार पहुंच सकती थी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से स्थानीय होमस्टे संचालकों, परिवहन सेवाओं और किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है। इसने सोहरा को सिर्फ बारिश और झरनों के शहर के बजाय एक प्रमुख खेल स्थल के रूप में पहचान दिलाई है। मंत्री ने धावकों से मेघालय का ब्रांड एम्बेसडर बनने की अपील की और बताया कि राज्य अगले वर्ष 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था और एआईएमएस से मान्यता

तीन बार 200 मील की अल्ट्रामैराथन पूरी कर चुके भारत के प्रसिद्ध एथलीट सुकांत सुकी सिंह ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने मेघालय के बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक परिदृश्य की सराहना करते हुए कहा कि इस राज्य में भारत की खेल राजधानी बनने की अपार क्षमता है।

इस प्रतियोगिता का आयोजन मेघालय स्टेट ओलंपिक्स एसोसिएशन (MSOA), खेल एवं युवा मामलों के निदेशालय, मेघालय एथलेटिक्स एसोसिएशन और अन्य हितधारकों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौड़ को एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन्स एंड डिस्टेंस रेसेज (AIMS) द्वारा मान्यता प्राप्त है। पूरे मार्ग पर पुलिस बल, मेडिकल टीम, पैरामेडिक्स और स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ पेयजल स्टेशन बनाए गए थे ताकि धावकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सवाल-जवाब

सोहरा हाफ मैराथन 2026 में 21 किलोमीटर एलीट पुरुष वर्ग का खिताब किसने जीता?
सतीश कुमार वर्मा ने 1 घंटे 3 मिनट और 4 सेकंड के समय के साथ एलीट पुरुष 21 किलोमीटर का खिताब जीता।
एलीट महिला वर्ग में 21 किलोमीटर दौड़ की विजेता कौन रहीं?
तेजस्विनी नरेंद्र लाम्बकाने ने 1 घंटे 15 मिनट और 20 सेकंड में दौड़ पूरी कर महिला एलीट वर्ग का खिताब जीता।
इस वर्ष एलीट वर्ग के विजेताओं को कितनी इनामी राशि दी गई?
इस वर्ष पुरस्कार राशि दोगुनी कर दी गई, जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त विजेताओं को 3-3 लाख रुपये दिए गए।
इस मैराथन में कुल कितने धावकों ने भाग लिया?
इस आयोजन में रिकॉर्ड 11,672 पंजीकृत धावकों ने हिस्सा लिया।
स्थानीय मेघालय 21 किलोमीटर पुरुष वर्ग में कौन प्रथम रहा?
वोल्बेटस्टार रामसेज ने 1 घंटे 3 मिनट और 26 सेकंड के समय के साथ मेघालय पुरुष श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 घंटे पहले

मेघालय में इतने बड़े पैमाने पर खेल आयोजन होना राज्य में युवाओं के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सार्वजनिक सुरक्षा व कानून-व्यवस्था एजेंसियों के लिए भी एक बड़ा लॉजिस्टिक परीक्षण होता है। 12 हजार से अधिक धावकों की भीड़ को नियंत्रित करना और अंतरराष्ट्रीय एथलीटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस बल की कार्यक्षमता को दर्शाता है। खेल और शांति का यह संगम भविष्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ अपराध दर को कम करने में भी अप्रत्यक्ष रूप से मददगार साबित हो सकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·7 घंटे पहले

इस आयोजन की आर्थिक और पर्यटन क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। जब 24 राज्यों और विदेशों से लगभग 12 हजार एथलीट मेघालय पहुँचते हैं, तो यह सीधे तौर पर स्थानीय आतिथ्य, परिवहन और होटल व्यवसाय को गति देता है। एलीट वर्ग की पुरस्कार राशि को दोगुना कर 3 लाख रुपये करना और स्थानीय स्तर पर भागीदारी बढ़ाना इस बात का संकेत है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अब खेल पर्यटन और बड़े आयोजनों के आर्थिक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, जिससे राज्य के सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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