उत्तराखंड के कोटद्वार इलाके में सोशल मीडिया पर शुरू हुई तकरार के बाद एक स्थानीय दुकानदार को सरेआम धमकाने के मामले में दीपक कुमार कश्यप को पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया है। इंटरनेट पर सामने आए एक वीडियो फुटेज में दीपक कुमार साड़ी विक्रेता को धमकाते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना का वीडियो तेजी से प्रसारित होने के बाद पीड़ित कारोबारी ने तुरंत स्थानीय कोतवाली पहुंचकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
फेसबुक कमेंट्स से उपजा विवाद दुकान तक पहुंचा
इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर की गई टिप्पणियों से जुड़ी बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, फेसबुक पर छिड़ी बहस के बाद दीपक कुमार सीधे गंगा दत्त जोशी मार्ग पर स्थित एक साड़ी प्रतिष्ठान में पहुंच गए। वहां पहुंचकर उन्होंने दुकान संचालक के साथ तीखी नोंकझोंक शुरू कर दी और देखते ही देखते दुकानदार को खुलेआम गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे डाली। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बाजार क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पीड़ित व्यापारी ने फौरन कानूनी मदद की गुहार लगाई।
कोतवाली क्षेत्र में बढ़ा तनाव और पुलिस बल की तैनाती
व्यापारी के साथ हुई इस बदसलूकी और धमकी की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारिक समुदाय और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में कड़ा रोष फैल गया। आक्रोशित लोगों ने घटना पर सख्त आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की। स्थिति की संवेदनशीलता और इलाके में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की गड़बड़ी को रोकने के लिए कोटद्वार कोतवाली परिसर तथा आसपास के संवेदनशील हिस्सों में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
पूर्व में कैसे चर्चा में आया था नाम
पेशागत रूप से जिम का संचालन करने वाले दीपक कुमार इससे पूर्व 26 जनवरी 2026 को पहली बार देशव्यापी चर्चा में आए थे। उस दिन पटेल रोड स्थित एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार के साइनबोर्ड पर दर्ज 'बाबा' शब्द को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों ने भारी हंगामा खड़ा कर दिया था। उस समय दीपक कुमार ने स्थिति में हस्तक्षेप करते हुए उस बुजुर्ग दुकानदार का खुलकर पक्ष लिया था। जब मौके पर जुटी भीड़ ने उनका परिचय पूछा, तो उन्होंने व्यंग्य कसते हुए खुद को 'मोहम्मद दीपक' पुकारा था, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर उनकी पहचान इसी नाम से जुड़ गई थी। अब एक बार फिर ताजा विवाद के चलते वह कानूनी शिकंजे में आ गए हैं।























