चेन्नई के अड्यार स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एनआरआई शाखा में एक प्रबंधक के साथ हाथापाई करने के आरोप में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की पोती कायलविझी अलागिरी को पुलिस ने हिरासत में लिया। शास्त्री नगर थाने में लगभग दो घंटे तक चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज धाराओं में तीन साल से कम की सजा का प्रावधान होने के कारण विधिक नियमों के तहत उन्हें थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया।
लिफ्ट की समस्या से शुरू हुआ विवाद
यह मामला अड्यार स्थित उस वाणिज्यिक इमारत का है जिसमें भारतीय स्टेट बैंक की एनआरआई शाखा संचालित होती है। इस व्यावसायिक परिसर का स्वामित्व पूर्व केंद्रीय मंत्री एमके अलागिरी की बेटी कायलविझी अलागिरी के पास है। बैंक परिसर में मौजूद लिफ्ट पिछले काफी समय से खराब पड़ी हुई थी, जिससे कर्मचारियों और ग्राहकों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शाखा प्रबंधक हर्षिन सिंह ने लिफ्ट की मरम्मत को लेकर कई बार इमारत का रखरखाव देखने वाले कर्मचारियों से शिकायत की थी। बार-बार निवेदन के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो शाखा प्रबंधक ने इस मुद्दे पर सीधे इमारत की मालिक कायलविझी अलागिरी से संपर्क किया और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
शाखा में कहासुनी और हाथापाई के आरोप
लिफ्ट की शिकायत मिलने के तुरंत बाद कायलविझी अलागिरी 20 जुलाई को बैंक की एनआरआई शाखा पहुंचीं। वहां मरम्मत कार्य और लिफ्ट के रखरखाव को लेकर उनकी शाखा प्रबंधक हर्षिन सिंह के साथ तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बातचीत काफी उग्र रूप में बदल गई।
आरोप है कि तीखी नोकझोंक के दौरान कायलविझी अलागिरी ने आपा खो दिया और बैंक प्रबंधक के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी। इसके साथ ही गुस्से में आकर उन्होंने शाखा प्रबंधक के चेहरे पर थप्पड़ जड़ दिया। बैंक परिसर के अंदर घटी यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामले ने काफी तूल पकड़ लिया।
मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
घटना के बाद भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय व्यापार कार्यालय (द्वितीय) के मुख्य प्रबंधक नामशिवयम ने पुलिस में इस संबंध में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। मुख्य प्रबंधक नामशिवयम की तहरीर के आधार पर अड्यार पुलिस स्टेशन ने कायलविझी अलागिरी के विरुद्ध संबंधित कानूनी धाराओं में एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की।
समन के बाद पूछताछ और जमानत की शर्तें
मामले की तफ्तीश आगे बढ़ने पर पुलिस ने 28 जुलाई को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के अंतर्गत कायलविझी को समन भेजा था। इस समन का पालन करते हुए वह जांच अधिकारी के समक्ष शास्त्री नगर पुलिस स्टेशन में उपस्थित हुईं। पुलिस अधिकारियों ने उनसे लगभग दो घंटे तक गहन पूछताछ की और इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, जिन अपराधों में अधिकतम कारावास की अवधि तीन वर्ष से कम होती है, उनमें आरोपी को पुलिस स्टेशन स्तर पर ही जमानत देने का अधिकार रहता है। इसी नियम के तहत प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत उन्हें तुरंत रिहा कर दिया गया। पुलिस ने जमानत मंजूर करते समय कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। कायलविझी को पुलिस जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना अनिवार्य होगा और यदि वह शहर से बाहर जाने की योजना बनाती हैं, तो उन्हें इसकी पूर्व सूचना पुलिस को देनी होगी। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।



















