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अनुभवी फाइटर पायलट एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने ईस्टर्न एयर कमांड की कमान संभालीभारत
2 नव॰ 2026, 10:24 am (6 मिनट पहले)· 0

अनुभवी फाइटर पायलट एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने ईस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली

3,200 घंटे से अधिक लड़ाकू उड़ान अनुभव वाले एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने 1 नवंबर 2026 को पूर्वी वायु कमान के नए प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है.

भारतीय वायु सेना के बेहद अनुभवी सैन्य अधिकारी एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने 1 नवंबर 2026 को पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का दायित्व ग्रहण कर लिया है. इस शीर्ष कमान पर नियुक्ति मिलने से ठीक पहले वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर की अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे. उनके पास लड़ाकू अभियानों और रणनीतिक वायु रक्षा का लंबा तजुर्बा है, जिससे पूर्वोत्तर सेक्टर में भारतीय सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.

तीन दशकों से अधिक का शानदार सेवा काल

देसवाल की सैन्य यात्रा 14 जून 1989 को शुरू हुई थी, जब उन्हें भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन दिया गया. अपने साढ़े तीन दशक से अधिक के करियर में उन्होंने आसमान में 3,200 घंटे से अधिक समय तक कई तरह के लड़ाकू विमान उड़ाए हैं. वह एयर डिफेंस तथा आक्रामक स्ट्राइक अभियानों के माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं. इसके साथ ही वह क्वालिफाइड पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर के रूप में युवा पायलटों को युद्ध कौशल सिखाने का अनुभव भी रखते हैं. उनकी बुनियादी सैन्य शिक्षा नेशनल डिफेंस एकेडमी में हुई, जिसके बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस कॉलेज से उच्च रक्षा अध्ययन पूरा किया.

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फील्ड और प्रशासनिक मोर्चों पर व्यापक अनुभव

अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने अग्रिम पंक्ति के कमान दायित्वों से लेकर उच्च प्रशासनिक पदों को सफलतापूर्वक संभाला है. वह दो अहम फ्लाइंग बेस पर एयर ऑफिसर कमांडिंग के पद पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने पूरे बेस के ऑपरेशंस का मार्गदर्शन किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में भी लड़ाकू अभियानों का नेतृत्व किया है.

राजनयिक मिशन और शीर्ष मुख्यालय में भूमिका

उनकी क्षमताओं का विस्तार केवल घरेलू सैन्य कमान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है. वह पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायोग में एयर अटैशे के पद पर तैनात रहे, जहां उन्होंने संवेदनशील द्विपक्षीय माहौल में राजनयिक और सामरिक भूमिका निभाई. नई दिल्ली स्थित एयर हेडक्वार्टर में उन्होंने डायरेक्टर जनरल (वेपन सिस्टम्स) के पद पर काम करते हुए वायु सेना के आधुनिक हथियार प्रणालियों के प्रबंधन में योगदान दिया. उनके इसी असाधारण समर्पण और राष्ट्र सेवा को मान्यता देते हुए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से अलंकृत किया जा चुका है.

पूर्वी सीमाओं पर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्यों के बीच उनकी यह नियुक्ति रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि उनका विशाल लड़ाकू तजुर्बा और प्रशासनिक दक्षता अब इस पूरी कमान को दिशा देगी.

सवाल-जवाब

एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने कौन सा नया पदभार संभाला है?
उन्होंने 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायु सेना की पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला है.
पूर्वी कमान संभालने से पहले वह किस पद पर तैनात थे?
इससे पहले वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे.
एयर मार्शल देसवाल को वायु सेना में कब कमीशन मिला था?
उन्हें 14 जून 1989 को भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था.
उनके पास लड़ाकू विमान उड़ाने का कितना अनुभव है?
उनके पास विभिन्न लड़ाकू विमानों को उड़ाने का 3,200 घंटे से अधिक का शानदार अनुभव है.
उन्हें कौन-से प्रमुख सैन्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं?
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और वायु सेना मेडल (VM) से सम्मानित किया गया है.
विदेश में उन्होंने कौन सा महत्वपूर्ण राजनयिक दायित्व निभाया था?
वह पाकिस्तान में स्थित भारतीय दूतावास में एयर अटैशे के महत्वपूर्ण पद पर तैनात रह चुके हैं.
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