बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आयोजित एक सभा में शिरकत करने के बाद यूट्यूबर ध्रुव राठी कानूनी और प्रशासनिक सवालों के घेरे में आ गए हैं। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और शहर के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने केंद्रीय गृह सचिव को औपचारिक पत्र भेजकर उनके आव्रजन दस्तावेजों की गहन छानबीन कराने की अपील की है। इस पत्राचार में मुख्य रूप से उनके यात्रा दस्तावेजों, नागरिकता की स्थिति और भारत में राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने की पात्रता पर सवाल खड़े किए गए हैं।
फ्रीडम पार्क में संबोधन और चुनाव आयोग पर आरोप
यह पूरा विवाद 8 अक्टूबर को आयोजित उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसका आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कुछ अन्य नागरिक समूहों ने मिलकर किया था। इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर अभिनेता एवं एक्टिविस्ट प्रकाश राज भी उपस्थित थे, जिन्होंने ध्रुव राठी को एक सरप्राइज गेस्ट के रूप में दर्शकों से रूबरू कराया और उन्हें बोलने के लिए आमंत्रित किया। अपने संबोधन में ध्रुव राठी ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना की और इसे पूरी तरह अपारदर्शी करार दिया।
नागरिकता, पासपोर्ट और ओसीआई नियमों की पड़ताल की मांग
केंद्रीय गृह सचिव को प्रेषित पत्र में भास्कर राव ने रेखांकित किया कि ऐसी जानकारी है कि ध्रुव राठी जर्मन नागरिकता रखते हैं। इसी आधार पर उन्होंने आग्रह किया है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके पासपोर्ट, जारी किए गए वीजा के प्रकार, भारत आगमन के घोषित प्रयोजन और यहां ठहरने की कानूनी समय-सीमा की विस्तृत पड़ताल की जाए। पत्र में यह तकनीकी बिंदु भी उठाया गया है कि क्या उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड है या कोई अन्य दर्जा हासिल है। साथ ही यह सवाल भी पूछा गया है कि क्या विदेशी नागरिकता अथवा ओसीआई धारक किसी व्यक्ति का भारत की चुनावी व्यवस्था से जुड़े संगठित राजनीतिक धरने में शामिल होना मौजूदा कानूनी नियमों के तहत वैध है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विपक्षी दलों की हलचल और सुरक्षा बंदोबस्त
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई इलाकों में विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ मुखर हैं। विरोधी दलों का आरोप है कि इस प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान वैध मतदाताओं के नाम बड़ी तादाद में सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जिससे चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इन व्यापक विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है, जहां संसद मार्ग और जंतर-मंतर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
























