उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा के कम दबाव का एक नया क्षेत्र बनने के कारण देश के पूर्वी और दक्षिणी तटीय इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके साथ ही तमिलनाडु तट के निकट निचले वायुमंडल में बने एक कमजोर ट्रफ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में मध्यम बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
तमिलनाडु में तेज हवाएं और मध्यम बारिश का अलर्ट
रविवार को पश्चिमी घाट से सटे जिलों में एक-दो स्थानों पर आंधी-तूफान आने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने के साथ मध्यम बारिश होने का अनुमान है। चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, तटीय और उत्तरी जिलों में मौसम प्रणाली की सक्रियता बनी रहेगी। चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची और कुड्डालोर जिलों के अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी ऐसा ही मौसम रहने की उम्मीद है। तमिलनाडु के शेष हिस्सों तथा कराईकल क्षेत्र में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और गर्जना हो सकती है।
सुरक्षा संबंधी सावधानियां और यातायात पर असर
मौसम में अचानक आने वाले इस बदलाव को देखते हुए अधिकारियों ने आम जनता को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के समय लोगों को बड़े पेड़ों, जर्जर इमारतों या कमजोर निर्माणों के नीचे शरण न लेने की ताकीद की गई है। अचानक होने वाली मूसलाधार बारिश और तेज हवा के थपेड़ों से कुछ इलाकों में जलभराव हो सकता है, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होने और बाहरी गतिविधियों में बाधा आने का जोखिम है।
समुद्र में उथल-पुथल और मछुआरों के लिए दिशा-निर्देश
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के चलते सोमवार तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समंदर में स्थिति काफी खराब और उग्र रह सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे इस अवधि के दौरान पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास समुद्र में जाने से बचें। जो मछुआरे पहले से ही गहरे पानी में मौजूद हैं, उनसे कहा गया है कि वे स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर लौट आएं।
दोनों प्रणालियों पर रखी जा रही है नजर
मौसम वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट किया है कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कम दबाव वाले सिस्टम का तमिलनाडु के मौसम पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। तमिलनाडु में हो रही बारिश मुख्य रूप से तटीय क्षेत्र में मौजूद ट्रफ और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण है। मौसम विभाग दोनों प्रणालियों की बदलती दिशा और तीव्रता का लगातार अध्ययन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर नई एडवाइजरी जारी करेगा।





















