पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानबिटगेट पर बड़ा साइबर हमला, हॉट वॉलेट से उड़ाए गए 351 मिलियन डॉलर
गढ़चिरौली में भावुक विदाई, 50 माओवादियों ने छोड़ी हिंसा और लौटे अपने पैतृक गांवछत्तीसगढ़
1 सित॰ 2026, 6:55 pm (24 दिन पहले)· 2

गढ़चिरौली में भावुक विदाई, 50 माओवादियों ने छोड़ी हिंसा और लौटे अपने पैतृक गांव

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पिछले साल आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के लगभग 50 माओवादियों को पुलिस की मौजूदगी में उनके पैतृक गांवों के लिए विदा किया गया। इस दौरान लंबे समय तक जंगल में साथ रहे साथी एक-दूसरे से गले मिलकर भावुक हो गए।

दंडकारण्य के घने जंगलों में वर्षों तक हिंसा का दामन थामे रहने वाले माओवादियों ने अब मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पिछले साल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के करीब 50 माओवादियों को उनके गृह नगर और गांवों के लिए रवाना कर दिया गया है। इस विदाई के पल बेहद भावुक थे, क्योंकि वर्षों तक एक साथ संघर्ष करने वाले साथी अब एक-दूसरे से विदा ले रहे थे।

समर्पण और मुख्यधारा में वापसी

पिछले साल माओवादी संगठन के वरिष्ठ नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति समेत लगभग 60 माओवादियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने हथियार डाले थे। इस समूह में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जैसे विभिन्न जिलों के कैडर शामिल थे। इन सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन जीने का संकल्प लिया था, जिसके बाद अब उन्हें उनके परिवारों के पास भेजा जा रहा है।

ये भी पढ़ें

साथियों से बिछड़ने का दर्द

जब ये लोग अपने पैतृक गांवों के लिए रवाना हो रहे थे, तो वहां का माहौल काफी गमगीन और भावनाओं से भरा हुआ था। जंगलों की कठिन परिस्थितियों में वर्षों तक साथ रहने वाले साथी जब अलग हुए, तो उनकी आंखें नम हो गईं। गाड़ियों में बैठने से पहले सभी ने एक-दूसरे को गले लगाया और पुराने दिनों को याद किया। संगठन के वरिष्ठ नेता भूपति और विवेक भी इस विदाई के दौरान अपने आंसू नहीं रोक पाए। उनके साथ जंगल में रहने वाले कई अन्य साथी भी इस मौके पर काफी भावुक नजर आए।

प्रमुख नेताओं की विदाई

इस विदाई समारोह में कई जाने-माने कैडर शामिल थे जो अब सामान्य जिंदगी की ओर लौट रहे हैं। इनमें भूपति के मुख्य सहायक के रूप में वर्षों तक काम करने वाले टॉप लीडर शब्बीर भी शामिल थे, जो अपने साथियों से बिछड़ते वक्त बेहद भावुक दिखे। इसके अलावा दलम कमांडर जीतू, भूपति की व्यक्तिगत सुरक्षा में तैनात रहने वाली प्रगति और धरनी समेत कई अन्य प्रमुख साथी भी इस विदाई के दौरान नजर आए। कभी हाथों में हथियार लेकर चलने वाले ये लोग अब एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं।

परिवार के बीच एक नई शुरुआत

हथियार छोड़ने के बाद इन सभी के सामने अपने जीवन को नए सिरे से संवारने का सुनहरा अवसर है। वर्षों बाद अपने परिवार के बीच रहने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की उम्मीद इन लोगों के चेहरों पर साफ झलक रही थी। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई इस विदाई में एक तरफ पुराने साथियों से अलग होने का गम था, तो दूसरी तरफ अपने अपनों के पास लौटने की खुशी और एक नए भविष्य की उम्मीद भी थी।

सवाल-जवाब

कितने माओवादियों को गढ़चिरौली से उनके गांवों के लिए रवाना किया गया?
छत्तीसगढ़ के करीब 50 माओवादियों को उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना किया गया।
इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण कहां किया था?
इन्होंने पिछले साल महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण किया था।
किन वरिष्ठ नेताओं ने आत्मसमर्पण किया था?
मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति और विवेक सहित करीब 60 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था।
यह आत्मसमर्पण किसकी मौजूदगी में हुआ था?
यह आत्मसमर्पण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुआ था।
ये माओवादी मुख्य रूप से किस राज्य के रहने वाले हैं?
ये माओवादी छत्तीसगढ़ के बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जिलों के रहने वाले हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp