कगिसो रबाडा के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले अफ्रीकी बल्लेबाज बनेलाइव: आंध्र प्रदेश के तट से टकरा रहा चक्रवात अर्णब, कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारीबेयरडायनामिक एमएमएक्स 330 प्रो रिव्यू (2026): गेमर्स के लिए ओपन-बैक वायर्ड हेडफोन्स की पूरी परखमंत्रालय की हरी झंडी के बाद सेंसर बोर्ड की स्क्रीनिंग का इंतजार कर रही सलमान खान की मातृभूमिउत्तर कोरिया को पाले में करने की होड़ में चीन और रूस, ट्रंप की बढ़ सकती हैं मुश्किलेंलालजी पांडेय से अंजान बनने तक का सफर, जिन्होंने अमिताभ बच्चन को दिए थे 1500 से ज्यादा सुपरहिट गानेवृश्चिक राशिफल 28 अक्टूबर: संवाद में व्यंग्य से बचें और साझे काम में जिम्मेदारियां स्पष्ट रखेंआज का वित्त राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए धन और निवेश से जुड़े जरूरी संकेतसिंह राशिफल 28 अक्टूबर: उच्च के गुरु और अष्टम शनि के बीच खर्च पर नियंत्रण और काम में स्पष्टता रखेंमारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव का बड़ा बयान, कहा- भारत कभी नहीं छोड़ेगा छोटी कारों का साथ
गोरखपुर के पंचर बनाने वाले को मिला 100 करोड़ का CGST नोटिस, दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल से फर्जी कंपनी बनाने का सनसनीखेज मामलाउत्तर प्रदेश
20 जून 2026, 7:30 pm (130 दिन पहले)· 6

गोरखपुर के पंचर बनाने वाले को मिला 100 करोड़ का CGST नोटिस, दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल से फर्जी कंपनी बनाने का सनसनीखेज मामला

गोरखपुर में सड़क किनारे टायर पंचर जोड़ने वाले राज प्रजापति के नाम पर जालसाजों ने फर्जी कंपनी खोलकर 100 करोड़ रुपये का लेनदेन कर डाला, जिसके बाद CGST विभाग ने उन्हें समन भेजकर तलब किया है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क किनारे टायर पंचर बनाकर अपना और अपने परिवार का पेट पालने वाले एक आम दुकानदार के होश तब उड़ गए, जब उसके पास 100 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेनदेन से जुड़ा सरकारी नोटिस पहुंचा। डाक विभाग की ओर से मिले इस CGST समन को देखकर न सिर्फ पीड़ित दुकानदार बल्कि उसके पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। बहुत ही मामूली कमाई करने वाले इस शख्स के नाम पर इतने बड़े वित्तीय मामले का नोटिस पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर एक गरीब मजदूर इतने बड़े घोटाले के जाल में कैसे फंस गया।

मदद के बहाने लिया आधार और पैन कार्ड

पीड़ित दुकानदार राज प्रजापति का कहना है कि उसने अपनी पूरी जिंदगी में कभी इतनी बड़ी रकम का सपना भी नहीं देखा था, जितनी समन पत्र में दर्ज की गई है। नोटिस हाथ में आते ही वह बुरी तरह डर गया और उसे समझ नहीं आ रहा था कि इस मुसीबत से कैसे निपटा जाए। TrendKia की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे एक सोची-समझी साजिश काम कर रही थी।

ये भी पढ़ें

दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल की कहानी साल 2024 से शुरू होती है। उस दौरान राम प्रजापति को अपनी बहन की शादी के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी सिलसिले में उसने गांव के ही एक रसूखदार व्यक्ति से कर्ज मांगा था। उस व्यक्ति ने कर्ज दिलाने का झांसा देकर राम प्रजापति से उसका Aadhaar कार्ड और PAN कार्ड ले लिया। केवल इतना ही नहीं, आरोपी ने उससे दो बार वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई और कई कागजातों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। पीड़ित को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि इन गोपनीय दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम पर मेसर्स गजेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक एक फर्जी कंपनी खोल दी जाएगी और एक निजी बैंक में उसका खाता भी संचालित किया जाने लगेगा।

100 करोड़ का टर्नओवर और 28 करोड़ की टैक्स चोरी

इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब फरवरी 2026 में वाराणसी CGST विभाग के अधिकारियों ने संदिग्ध लेनदेन की जांच शुरू की। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि मेसर्स गजेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की इस कंपनी के जरिए लगभग 100 करोड़ रुपये का विशाल कारोबार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह थी कि इतने बड़े टर्नओवर के बाद भी इस कंपनी पर करीब 28 करोड़ रुपये का GST बकाया था और यह टैक्स चुकाए बिना ही अपना काम समेट कर बंद हो चुकी थी।

मामले की गहराई से जांच करने के लिए मार्च 2026 में CGST की एक विशेष टीम गोरखपुर के रामपुर बुजुर्ग गांव पहुंची। सरकारी रिकॉर्ड में इस कंपनी के निदेशक के तौर पर राज प्रजापति का नाम दर्ज था और टीम उनके घर का पता सत्यापित करने आई थी। लेकिन जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर खुद अधिकारी भी दंग रह गए। जिस व्यक्ति के नाम पर करोड़ों का बिजनेस दिखाया गया था, वह वास्तव में सड़क किनारे एक टूटी-फूटी झोपड़ीनुमा दुकान में लोगों की गाड़ियों के पंचर ठीक कर रहा था।

वाराणसी सीजीएसटी विभाग ने भेजा समन

पूछताछ के दौरान राज प्रजापति ने अधिकारियों के सामने अपनी बेगुनाही जाहिर की और स्पष्ट किया कि उसका इस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। उसने बताया कि किसी ने कर्ज दिलाने के नाम पर उसके कागजातों का दुरुपयोग किया है। शुरुआती जांच और सत्यापन के बाद उस समय CGST की टीम बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई थी।

हालांकि, इस कानूनी पेचीदगी से राज को इतनी जल्दी राहत नहीं मिली। 27 मई 2026 को वाराणसी CGST कार्यालय की तरफ से एक बार फिर राज प्रजापति के नाम पर औपचारिक समन जारी किया गया। इस समन के जरिए पीड़ित को हिदायत दी गई है कि वह 29 मई 2026 को वाराणसी स्थित CGST आयुक्त कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करे। इस घटना के बाद से पीड़ित का परिवार गहरे तनाव में है और कानूनी मदद की गुहार लगा रहा है।

सवाल-जवाब

गोरखपुर के पंचर बनाने वाले को CGST विभाग से कितने रुपये का नोटिस मिला है?
उन्हें मेसर्स गजेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए किए गए 100 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले में समन भेजा गया है।
आरोपियों ने पीड़ित के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कैसे किया?
साल 2024 में पीड़ित ने अपनी बहन की शादी के लिए कर्ज लेने के बहाने अपने आधार और पैन कार्ड दिए थे, जिसका इस्तेमाल कर जालसाजों ने उनके नाम पर फर्जी कंपनी और बैंक खाता खोल लिया।
फर्जी कंपनी पर कुल कितना टैक्स बकाया है?
जांच के अनुसार, मेसर्स गजेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी पर लगभग 28 करोड़ रुपये का GST बकाया है।
CGST विभाग ने पीड़ित को कब और कहां पेश होने के लिए समन भेजा है?
विभाग ने पीड़ित राज प्रजापति को 27 मई 2026 को समन जारी कर 29 मई 2026 को वाराणसी स्थित CGST आयुक्त कार्यालय में हाजिर होने के लिए कहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp