राजस्थान के टोंक में 60 वर्षीय संतोष देवी पर डायन बताकर हमला, रिश्तेदारों सहित 8-9 लोगों पर आरोपभागलपुर में पति की हत्या के लिए हैदराबाद से फ्लाइट लेकर आया प्रेमी, पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तारमूलांक 6 राशिफल 8 अगस्त 2026: संयम और विनम्र भाषा से बनेंगे काम, जल्दबाजी और गुस्से पर रखें काबूबांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की सुरक्षा में तैनात 41 वर्षीय कांस्टेबल गणेश का निधनकम समय में रिकॉर्ड पैदावार और ₹4000 क्विंटल भाव, रामपुर के किसानों को रास आई पूसा बासमती 1509 धानद अलायंस फिनाले के बाद जैद दरबार का खुलासा गौहर खान की सीख से कुशाल टंडन संग संभला रिश्तापाकिस्तान केंद्रित जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश, खुफिया जानकारी लीक करने पर भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर गिरफ्तारमिर्जापुर में पहली बारिश झेल न सका 64 करोड़ का आमघाट ओवरब्रिज, धंसी एप्रोच रोड पर बैठी 3 सदस्यीय जांच टीमलाइव: पश्चिम एशिया तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर जल्द समझौते की आस में अमेरिकामौसम विभाग की 15 राज्यों को बड़ी चेतावनी, दिल्ली एनसीआर समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत पुडुचेरी नकली दवा रैकेट में रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तारहरियाणा
2 जुल॰ 2026, 1:17 pm (37 दिन पहले)· 3

हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत पुडुचेरी नकली दवा रैकेट में रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार

हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को सीबीआई ने पुडुचेरी के करीब 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा रैकेट में रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है, हालांकि उन्होंने अदालत में सभी आरोपों से इनकार किया है।

हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पुडुचेरी में सामने आए करीब 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा रैकेट की जांच में मुख्य आरोपी से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। सीबीआई के मुताबिक उन्होंने जांच में राहत दिलाने के बदले 3 करोड़ रुपये मांगे थे और इसमें से 1 करोड़ रुपये पहले ही ले भी चुके थे। हालांकि दीपक गहलावत ने अदालत में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि उनके बैंक खाते से एक भी रुपया बरामद नहीं हुआ। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि आरोपी अधिकारी खुद पदक विजेता और एक चर्चित करियर वाले आईपीएस अफसर रहे हैं।

कौन हैं दीपक गहलावत?

दीपक गहलावत भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस के 2012 बैच के अधिकारी हैं। संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर उन्हें सीधे आईपीएस सेवा के लिए चुना गया था। उनका कैडर हरियाणा है और सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक उनका होम स्टेट भी हरियाणा ही है। उन्होंने 3 सितंबर 2012 को औपचारिक रूप से आईपीएस सेवा जॉइन की थी और तब से वह पुलिस महकमे में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते आए हैं।

ये भी पढ़ें

आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग, पहले ही प्रयास में यूपीएससी पास

प्रशासनिक सेवा में आने से पहले दीपक गहलावत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग यानी बीई सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और देश की सबसे मुश्किल मानी जाने वाली इस परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में पास कर लिया था, जिसके बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में जगह मिली। इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि से सीधे आईपीएस तक का यह सफर उनकी पहचान का अहम हिस्सा रहा है।

पुलिस सेवा में तैनाती और जिम्मेदारियां

आईपीएस बनने के बाद दीपक गहलावत की शुरुआती पोस्टिंग हरियाणा में हुई थी। उन्होंने राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस अधिकारी के तौर पर काम किया, कानून-व्यवस्था संभाली और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। समय के साथ उन्हें वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति भी मिलती गई। हरियाणा पुलिस में सेवा के दौरान उन्होंने गुरुग्राम पुलिस समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद उनकी प्रतिनियुक्ति केंद्र सरकार के अधीन हुई, जहां उन्हें ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी बीसीएएस में पहले संयुक्त निदेशक और बाद में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया। बीसीएएस देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाली एक महत्वपूर्ण एजेंसी है, और इस पद पर नियुक्ति को उनके करियर की एक बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है।

पावरलिफ्टिंग में देश के लिए पदक

पुलिस अधिकारी होने के अलावा दीपक गहलावत एक बेहतरीन पावरलिफ्टर भी रहे हैं। साल 2025 में अमेरिका के बर्मिंघम शहर में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के पुरुषों के पुश-पुल मुकाबले में उन्होंने 240 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया था। उनकी इस उपलब्धि पर बीसीएएस ने भी उन्हें बधाई दी थी। उस वक्त उनका नाम उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों में शामिल किया गया जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का नाम रोशन किया था। खेल की दुनिया में मिली इस पहचान ने उन्हें महकमे के भीतर और बाहर, दोनों जगह चर्चा में ला दिया था।

क्या है 5,000 करोड़ रुपये का नकली दवा रैकेट?

यह पूरा मामला पुडुचेरी में सामने आए करीब 5,000 करोड़ रुपये के नकली और मिलावटी दवाओं के बड़े रैकेट से जुड़ा हुआ है। पिछले साल पुडुचेरी पुलिस और सीबी-सीआईडी ने छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में नकली दवाएं और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद किया था। इस रैकेट के मुख्य आरोपी एन. राजा, जिसे वल्लियप्पन या राजशेखर के नाम से भी जाना जाता है, को दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान जब कई राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने लगे तो यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने इसी साल मार्च में नई एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी और तभी से इस रैकेट के अलग-अलग पहलुओं की परतें एक के बाद एक खुलती चली गईं।

रिश्वत मांगने का आरोप कैसे आया सामने?

सीबीआई के मुताबिक जांच के दौरान यह सामने आया कि दीपक गहलावत ने मुख्य आरोपी राजा से खुद संपर्क किया और दावा किया कि सीबीआई के भीतर उनके अच्छे संबंध हैं। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने जांच में राहत दिलाने के बदले 3 करोड़ रुपये की मांग रखी और इसमें से 1 करोड़ रुपये आरोपी से पहले ही वसूल भी लिए गए थे। सीबीआई का कहना है कि यह रकम कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई थी, जिससे लेनदेन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर समेत अन्य गिरफ्तारियां

इस मामले में सीबीआई पहले ही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान करीब 25 लाख रुपये की ट्रैप राशि, लगभग 90 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। सीबीआई का दावा है कि मुख्य आरोपी राजा ने हवाला के जरिए 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी और इस रकम को कई लोगों के माध्यम से दीपक गहलावत तक पहुंचाने की कोशिश की गई थी। इन गिरफ्तारियों से यह भी संकेत मिलता है कि रकम की डिलीवरी में एक से ज्यादा लोग शामिल रहे होंगे।

अदालत में क्या हुआ?

दीपक गहलावत को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश ने सीबीआई से एक अहम सवाल पूछा। अदालत ने पूछा कि अगर अधिकारी ने पैसे मांगते वक्त सीबीआई के भीतर किसी प्रभावशाली व्यक्ति का नाम लिया था, तो जांच एजेंसी ने अब तक यह पता लगाने की कोशिश क्यों नहीं की कि वह अधिकारी आखिर कौन था। अदालत ने जांच अधिकारी से इस पहलू पर जवाब मांगा और टिप्पणी की कि इस दिशा में अब तक पर्याप्त जांच नहीं हुई है। वहीं दीपक गहलावत ने अदालत में खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मई से जून के बीच उन्होंने सीबीआई में अपने किसी भी परिचित को फोन नहीं किया था और उनके बैंक खाते से एक भी रुपया बरामद नहीं हुआ है। इन दलीलों के बावजूद अदालत ने सीबीआई को उनसे एक दिन की हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दे दी।

सीबीआई की आगे की जांच

सीबीआई फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस पूरे मामले में कोई और सरकारी अधिकारी या बिचौलिया भी शामिल था। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि दीपक गहलावत ने जिन संपर्कों का दावा किया था, उनका वाकई कोई अस्तित्व था या नहीं। इसके अलावा हवाला नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और नकली दवा रैकेट से जुड़े बाकी लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है। फिलहाल दीपक गहलावत सीबीआई की जांच के दायरे में हैं और एजेंसी उनसे लगातार पूछताछ करते हुए मामले से जुड़े तमाम सबूतों की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस पूछताछ से जो जानकारी मिलेगी, उसी के आधार पर तय होगा कि जांच का दायरा और आगे बढ़ता है या नहीं।

सवाल-जवाब

दीपक गहलावत कौन हैं?
वह हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पहले ही प्रयास में यूपीएससी पास की थी।
सीबीआई ने उन्हें किस मामले में गिरफ्तार किया?
पुडुचेरी में सामने आए करीब 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा रैकेट की जांच में मुख्य आरोपी से रिश्वत मांगने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
उन पर कितनी रकम की रिश्वत मांगने का आरोप है?
सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने जांच में राहत दिलाने के बदले 3 करोड़ रुपये मांगे थे, जिसमें से 1 करोड़ रुपये पहले ही ले लिए गए थे।
दीपक गहलावत ने आरोपों पर क्या कहा?
उन्होंने अदालत में सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि उनके बैंक खाते से एक भी रुपया बरामद नहीं हुआ है।
इस मामले में और कौन-कौन गिरफ्तार हुआ है?
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह समेत कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
नकली दवा रैकेट का मुख्य आरोपी कौन है?
इस रैकेट का मुख्य आरोपी एन. राजा है, जिसे वल्लियप्पन या राजशेखर के नाम से भी जाना जाता है, और उसे दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था।
अदालत ने क्या आदेश दिया?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को दीपक गहलावत से एक दिन की हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी।
सीबीआई अब आगे क्या जांच कर रही है?
सीबीआई यह पता लगा रही है कि क्या मामले में कोई और सरकारी अधिकारी या बिचौलिया शामिल था और दीपक गहलावत के दावा किए गए संपर्कों का वाकई कोई अस्तित्व था या नहीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR