जम्मू-कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है, जहां पश्चिम बंगाल से आए सैलानियों को ले जा रही एक पर्यटक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस श्रीनगर से जम्मू की तरफ बढ़ रही थी, तभी रामबन जिले के अंतर्गत आने वाले मरोग इलाके के पास चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और बस सड़क पर पलट गई। इस अचानक हुए हादसे के चलते बस में सवार 33 पर्यटक जख्मी हो गए हैं। दुर्घटनाग्रस्त बस का पंजीकरण नंबर WB 41K 2929 दर्ज किया गया है।
राहत टीमों ने चलाया तत्काल रेस्क्यू अभियान
सड़क पर बस पलटने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), नागरिक प्रशासन और सिविल क्यूआरटी रामबन के राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। बचाव दलों ने क्षतिग्रस्त बस से सभी फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी घायलों को प्राथमिक देखभाल के लिए जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने फौरन उनका उपचार शुरू किया।
गंभीर रूप से घायल 9 पर्यटक जम्मू रेफर
जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि कुछ यात्रियों को बेहद गंभीर चोटें आई हैं। कुल घायलों में से 9 पर्यटकों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर और विशेष चिकित्सा सुविधा के लिए जीएमसी अस्पताल जम्मू स्थानांतरित कर दिया गया। हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव के समन्वय को और ज्यादा तेज कर दिया गया ताकि किसी भी घायल की स्थिति बिगड़ने न पाए।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। एडीसी रामबन वरुणजीत सिंह चरक, एडिशनल एसपी मुजीब-उर-रहमान और एसीआर शौकत हयात मट्टू सहित कई शीर्ष अधिकारी सीधे दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों का व्यक्तिगत रूप से मुआयना किया। इसके बाद इन अधिकारियों ने जिला अस्पताल रामबन का दौरा कर घायलों को दी जा रही डॉक्टरी मदद और दवाओं के प्रबंध की समीक्षा की।
स्वास्थ्य प्रशासन को पुख्ता इंतजाम के निर्देश
जिला प्रशासन ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को कड़े निर्देश दिए हैं कि उपचाराधीन किसी भी सैलानी की देखभाल में कोई कोताही न बरती जाए और सभी को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बचाव अभियान चलाने से लेकर अस्पताल में भर्ती कराने और निरंतर उपचार जारी रखने तक के पूरे घटनाक्रम में सभी संबंधित विभागों और आपातकालीन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
















