नागालैंड के दूरदराज इलाकों में रहने वाले स्कूली छात्रों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और सामरिक सीमावर्ती क्षेत्रों से परिचित कराने के लिए एक विशेष शैक्षिक यात्रा की शुरुआत हुई है। असम राइफल्स के स्पीयर कॉर्प्स ने ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत 'सीमा दर्शन टूर' का आयोजन किया है, जिसमें कोहिमा जिले के रुसोमा स्थित गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के 20 विद्यार्थी और 2 शिक्षक शामिल हैं। यह 10 दिवसीय शैक्षिक दल असम और अरुणाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर 28 सितंबर को वापस कोहिमा लौटेगा।
पूर्वोत्तर के रणनीतिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा
इस अध्ययन दल के यात्रा कार्यक्रम में गुवाहाटी, टेंगा, तवांग और तेजपुर जैसे प्रमुख स्थान शामिल किए गए हैं। अरुणाचल प्रदेश में स्थित टेंगा और तवांग भारत की उत्तरी सीमा पर अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखते हैं और साथ ही अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के लिए जाने जाते हैं। वहीं असम के तेजपुर में सेना की चौथी कोर (गजराज कॉर्प्स) का मुख्यालय स्थित है। इसके अलावा तेजपुर में भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख लड़ाकू एयरबेस भी है, जहाँ से सुखोई Su-30 MKI जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान संचालित किए जाते हैं।
सैन्य अधिकारियों और स्थानीय नेतृत्व से संवाद
इस पूरे दौरे के दौरान छात्रों के लिए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। स्पीयर कॉर्प्स ने X पर लिखा कि इस यात्रा का मुख्य मकसद युवाओं को देश की विभिन्न संस्कृतियों, सरहदी इलाकों और देश की रक्षा में सुरक्षाबलों की भूमिका से प्रत्यक्ष तौर पर जोड़ना है। सेना के अनुसार, इस प्रकार के जमीनी संवाद राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने और युवा पीढ़ी को नए अवसरों के प्रति जागरूक कर सशक्त करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
नागालैंड के छात्रों के लिए इस साल की दूसरी बड़ी पहल
नागालैंड के विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष आयोजित होने वाला यह दूसरा बड़ा शैक्षिक दौरा है। इससे पहले मार्च महीने में वोखा जिले के भंडारी से 20 छात्रों और 3 शिक्षकों का एक दल गुवाहाटी और कोलकाता के अध्ययन दौरे पर गया था, जहाँ उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखा था। इसके अलावा पिछले वर्ष किफिर जिले के यांग्फी स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट हाई स्कूल के छात्र और शिक्षक दिल्ली तथा आगरा के भ्रमण पर पहुंचे थे। उस दल ने लाल किला और ताजमहल देखने के साथ-साथ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की थी।
दूरदराज के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति
ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत चलाई जा रही इन योजनाओं के माध्यम से सेना दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को अपने गृह क्षेत्र से बाहर निकलने और देश के व्यापक भूगोल को समझने का मौका देती है। विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों के कामकाज को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिलता है, जिससे उनका सामान्य ज्ञान बढ़ता है और देश सेवा तथा करियर निर्माण के प्रति उनका दृष्टिकोण भी व्यापक होता है।





















