देशभर में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के मकसद से चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर के तहत कई जाने-माने चेहरों को सत्यापन नोटिस भेजे गए हैं। इस सघन प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी नामावलियों में मौजूद विसंगतियों को दूर करना और वास्तविक प्रविष्टियों को सत्यापित करना है। हैरत की बात यह है कि इस जांच अभियान की जद में चुनाव प्रबंधन से जुड़े शीर्ष अधिकारी से लेकर केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ राजनेता तक शामिल हैं।
शीर्ष हस्तियों के नामों पर सत्यापन की प्रक्रिया
मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण में खुद चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू का नाम सामने आया है, जिन्हें निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिसरी का नाम भी इस पड़ताल सूची में दर्ज है। राजनीतिक गलियारों के दिग्गज चेहरों में वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी तथा जाने-माने नेता कपिल सिब्बल के नाम भी शामिल बताए गए हैं। इतना ही नहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को भी इस सत्यापन प्रक्रिया के दायरे में रखा गया है।
प्रक्रियात्मक जांच और अभियान का उद्देश्य
निर्वाचन तंत्र द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए यह सघन पड़ताल चलाई जा रही है। जब भी किसी प्रविष्टि, पते या पारिवारिक विवरण में तकनीकी स्तर पर दोबारा मिलान की आवश्यकता महसूस होती है, तो संबंधित नागरिक को औपचारिक सूचना भेजी जाती है। निर्वाचन अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि नियमों का पालन हर स्तर पर समान रूप से हो और अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी तथा त्रुटिहीन तैयार की जा सके।



















