घर पर सर्दियों भर मिलेंगी ताजी सब्जियां, सितंबर के महीने में ऐसे शुरू करें किचन गार्डनिंगबैंक ऑफ जापान की ब्याज दर वृद्धि के बाद येन में भारी हलचल, हस्तक्षेप के डर से डॉलर फिसलापेशाब में बार-बार जलन और संक्रमण को हल्के में न लें, जाने कैसे करें बचाव और क्यों जरूरी है डॉक्टर की सलाहबैंक ऑफ जापान के फैसले के बाद येन दबाव में, पाउंड में मामूली बढ़तडिजिटल स्क्रीन की तन्हाई मिटाने के लिए ऑफलाइन मेलजोल पर दांव लगा रहे हैं सफल उद्यमीअक्टूबर में लगाएं ये 7 फूलदार पौधे, सर्दियों में खिल उठेगी घर की बालकनीबिना पूंजी लगाए भी हर महीने हो सकती है भारी कमाई, समझिए डिजिटल दुनिया में काम शुरू करने का तरीकानखरे और जिद करने वाले बच्चों को संभालने के लिए आजमाएं तीन व्यावहारिक मनोवैज्ञानिक फॉर्मूलेलद्दाख के दुर्गम मोर्चों पर 3100 किमी का सफर तय कर पार्वती जांगिड़ ने 3750 जवानों को बांधा रक्षासूत्रमेघालय के वेस्ट गारो हिल्स में यात्री बसों पर पथराव, शीशे टूटे और कई चालक घायल
मथुरा और वृंदावन में 5000 कैमरों से निगहबानी, कॉरिडोर और घाटों के कायाकल्प से बदलेगी ब्रज की सूरतभारत
21 सित॰ 2026, 3:25 pm (1 मिनट पहले)· 0

मथुरा और वृंदावन में 5000 कैमरों से निगहबानी, कॉरिडोर और घाटों के कायाकल्प से बदलेगी ब्रज की सूरत

मथुरा-वृंदावन में सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत 5000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं, जिनका संचालन कमांड सेंटर से होगा। इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र में 100 से अधिक कुंडों के पुनरुद्धार, नए घाटों के निर्माण और परिक्रमा मार्गों के चौड़ीकरण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में पहचानी जाने वाली कान्हा की नगरी मथुरा और वृंदावन में आने वाले श्रद्धालुओं की हिफाजत को पुख्ता करने के लिए व्यापक सुरक्षा तंत्र स्थापित किया गया है। सेफ सिटी परियोजना के जरिए पूरे नगरीय क्षेत्र को निगरानी के कड़े दायरे में लाया गया है। समूचे इलाके में 5000 से भी ज्यादा अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर यानी आईसीसीसी के जरिए 24 घंटे की जा रही है। इस तकनीकी व्यवस्था का मुख्य मकसद दूर-दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों के साथ होने वाले अपराधों, ठगी और अप्रिय घटनाओं पर पूरी तरह नकेल कसना है।

चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर तीसरी आंख का पहरा

सड़क सुरक्षा और जनसुरक्षा के मद्देनजर स्थापित किए गए ये 5000 हाईटेक कैमरे शहर के प्रमुख तिराहों, व्यस्त चौराहों, प्रख्यात मंदिरों के प्रवेश द्वारों और सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर लगाए गए हैं। मथुरा की वैश्विक पहचान के चलते रोजाना यहां हजारों की तादाद में देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले रास्तों और संकरी गलियों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को महफूज बनाना प्राथमिकता रही है। डिजिटल निगरानी नेटवर्क की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और किसी भी संदिग्ध हरकत पर पुलिस बल फौरन कार्रवाई कर सकेगा।

ये भी पढ़ें

घाटों का पुनरुद्धार और यमुना पर सस्पेंशन ब्रिज की तैयारी

सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ ब्रज की ऐतिहासिक धरोहर और यमुना नदी के तटीय स्वरूप को संवारने की दिशा में भी बड़े पैमाने पर कार्य हुए हैं। विश्राम घाट से लेकर केशी घाट तक नदी किनारे श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार करते हुए विशेष सौंदर्यीकरण किया गया है। वृंदावन क्षेत्र में 7.6 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से आधुनिक अक्रूर घाट तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त देवरहा बाबा घाट के समीप यमुना नदी पर एक नए केबल स्टे सस्पेंशन ब्रिज के निर्माण की परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है। प्राचीन वास्तुकला को नया आकर्षण देने के लिए केशी घाट और परिक्रमा मार्ग से लगी प्रमुख इमारतों पर फसाड लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। पर्यावरण संरक्षण के तहत सुनरख स्थित सौभरि ऋषि वाटर बॉडी, करहला में बज्रनाभ समाधि परिसर और पूरे ब्रज मंडल के 100 से अधिक प्राचीन कुंडों का ईको-रेस्टोरेशन कर उनका प्राकृतिक स्वरूप लौटाया गया है।

कॉरिडोर परियोजना और परिक्रमा मार्गों पर यात्री सुविधाएं

तीर्थयात्रियों की यात्रा को सहज बनाने के उद्देश्य से ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के आसपास भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए एक विशाल कॉरिडोर निर्माण की योजना पर काम जारी है। इसी तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर की ओर जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों, चौराहों और मुख्य सड़कों को हेरिटेज लाइटिंग और फसाड विकास के माध्यम से पारंपरिक स्वरूप में निखारा गया है। गोवर्धन के 21 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ और बरसाना के परिक्रमा मार्ग को चौड़ा कर वहां छायादार शेड, होल्डिंग एरिया, स्वच्छ पेयजल और सार्वजनिक शौचालयों जैसी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं जिले की सीमाओं और एक्सप्रेसवे के मुहाने पर भव्य पौराणिक शैली के भव्य स्वागत द्वार खड़े किए गए हैं, जबकि गीता शोध संस्थान और रासलीला अकादमी परिसर में कन्वेंशन सेंटर तथा आधुनिक गेस्ट हाउस तैयार किए गए हैं।

सवाल-जवाब

मथुरा-वृंदावन में सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत कुल कितने कैमरे लगाए गए हैं?
मथुरा और वृंदावन के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा निगरानी के लिए 5000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कहां से की जा रही है?
इन सभी कैमरों का सीधा नियंत्रण इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से 24 घंटे किया जा रहा है।
वृंदावन में नए अक्रूर घाट के निर्माण पर कितनी लागत आ रही है?
वृंदावन में नए अक्रूर घाट के निर्माण पर 7.6 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।
यमुना नदी पर नए केबल स्टे सस्पेंशन ब्रिज की योजना कहां के लिए मंजूर हुई है?
यमुना नदी पर नए केबल स्टे सस्पेंशन ब्रिज के निर्माण की योजना देवरहा बाबा घाट के पास के लिए स्वीकृत की गई है।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की लंबाई कितनी है और वहां क्या सुविधाएं बढ़ाई गई हैं?
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग 21 किलोमीटर लंबा है, जिसे चौड़ा करने के साथ वहां शेड, होल्डिंग एरिया, पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था की गई है।
ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के तहत कितने कुंडों का कायाकल्प किया गया है?
ब्रज क्षेत्र के 100 से अधिक प्राचीन कुंडों का ईको-रेस्टोरेशन कर उन्हें नया जीवन दिया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp