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मोहर्रम के जुलूस से पहले मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर मंदिर को लाल कपड़े से क्यों ढका, क्या रही पूरी वजहउत्तर प्रदेश
24 जून 2026, 10:52 am (126 दिन पहले)· 2

मोहर्रम के जुलूस से पहले मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर मंदिर को लाल कपड़े से क्यों ढका, क्या रही पूरी वजह

मुजफ्फरनगर के संवेदनशील शिव चौक पर मोहर्रम के जुलूस के दौरान मंदिर को लाल कपड़े से ढका गया, चारों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई और भारी पुलिस बल तैनात रहा।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मंगलवार रात मोहर्रम का बड़ा जुलूस निकला, और इसी को देखते हुए शहर के सबसे संवेदनशील इलाके शिव चौक पर सुरक्षा के खास इंतज़ाम किए गए। यहां जो बात सबसे ज़्यादा चर्चा में रही, वह थी चौक पर बने मंदिर को लाल कपड़े से ढक देना। प्रशासन ने यह कदम जुलूस के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या तनाव की आशंका को टालने के लिए उठाया।

जुलूस का रास्ता पहले से तय था। यह शहर के मोती महल से शुरू हुआ, खालापार होते हुए शिव चौक के रास्ते आगे बढ़ा। चूंकि शिव चौक पर हिंदू आस्था के प्रतीक के तौर पर मंदिर स्थित है, इसलिए मोहर्रम के जुलूस के वक्त इस जगह को अति संवेदनशील माना जाता है। यही वजह रही कि मंदिर पर लाल कपड़ा लगाया गया, चौक के चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई और मौके पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई, ताकि किसी भी शरारत या खुराफात की कोई गुंजाइश न बचे।

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सैकड़ों लोग हुए शामिल, शांति से निकला जुलूस

इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग शामिल हुए। तय रूट के मुताबिक यह जुलूस शिव चौक से गुजरते हुए पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ गया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर मौजूद रहे और भारी पुलिस बल के साथ हालात पर नज़र बनाए रखी।

एएसपी ने बताया क्या थी तैयारी

मुजफ्फरनगर के एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि यह मोहर्रम के सातवें दिन का जुलूस था। उन्होंने कहा, “मुजफ्फरनगर में यह एक बहुत बड़ा जुलूस है, जो मोती महल से शुरू होकर खालापार से वापस मोती महल जाता है। इसी के मद्देनज़र आज पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि सभी की भावनाओं की सुरक्षा हो सके और जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। जल्द ही यह जुलूस पूरी तरह संपन्न होगा और आगे होने वाले जुलूसों की तैयारी की जाएगी।”

एएसपी ने आगे कहा, “मंदिर पर लाल कपड़ा लगाया गया है, बैरिकेडिंग लगाई गई है और ट्रैफिक को सुचारू रखने के साथ-साथ सभी की आस्था का सम्मान करते हुए यहां से जुलूस के लिए अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया गया है। यहां से जुलूस अच्छी तरह और शांतिपूर्ण तरीके से निकला है।” कुल मिलाकर प्रशासन की कोशिश यही रही कि दोनों समुदायों की आस्था का सम्मान बना रहे और शहर में अमन-चैन कायम रहे।

सवाल-जवाब

मुजफ्फरनगर में शिव चौक पर मंदिर को लाल कपड़े से क्यों ढका गया?
मोहर्रम के जुलूस के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या तनाव की आशंका को टालने और सभी की आस्था का सम्मान बनाए रखने के लिए मंदिर को लाल कपड़े से ढका गया।
यह जुलूस कब और किस मौके पर निकला?
यह जुलूस मंगलवार रात मोहर्रम के सातवें दिन निकाला गया।
जुलूस का रास्ता क्या था?
जुलूस मोती महल से शुरू होकर खालापार होते हुए शिव चौक के रास्ते आगे बढ़ा और वापस मोती महल पहुंचा।
शिव चौक पर क्या-क्या सुरक्षा इंतज़ाम किए गए?
मंदिर को लाल कपड़े से ढका गया, चौक के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
इस बारे में किसने जानकारी दी?
मुजफ्फरनगर के एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने सुरक्षा इंतज़ामों और जुलूस के बारे में जानकारी दी।
क्या जुलूस शांतिपूर्ण रहा?
हां, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जुलूस तय रूट से पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से निकला।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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