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राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय निर्माण में कमीशन के आरोपों पर महंत शशिकांत दास का बड़ा बयानउत्तर प्रदेश
20 जून 2026, 5:02 pm (40 दिन पहले)· 4

राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय निर्माण में कमीशन के आरोपों पर महंत शशिकांत दास का बड़ा बयान

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले कैंप कार्यालय निर्माण में 40 प्रतिशत कमीशन के आरोपों पर राम कचहरी चारों धाम मंदिर के महंत शशिकांत दास ने चुप्पी तोड़ी है।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले कैंप कार्यालय के निर्माण को लेकर छिड़ा विवाद अब गहराता जा रहा है। इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने इस निर्माण कार्य के लिए 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। यह विवाद राम कचहरी चारों धाम मंदिर परिसर में बने ट्रस्ट के पहले अस्थाई कार्यालय से जुड़ा हुआ है। इस गंभीर आरोप के बाद अब मंदिर के मुख्य महंत ने खुद सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

महंत शशिकांत दास ने विवाद से खुद को किया अलग

इस पूरे मामले पर राम कचहरी चारों धाम मंदिर के महंत शशिकांत दास ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के सभी दावों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। महंत ने स्पष्ट किया कि उनका इस विवाद या किसी भी तरह के लेनदेन से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार, उन्होंने केवल राम मंदिर के काम के लिए सहयोग के तौर पर अपना नवनिर्मित भवन ट्रस्ट को सौंप दिया था।

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महंत शशिकांत दास ने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज झा, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उनसे संपर्क किया था। उनके विशेष अनुरोध पर ही उन्होंने अपने मंदिर परिसर का नवनिर्मित हिस्सा ट्रस्ट के कैंप कार्यालय के लिए समर्पित किया था।

बिना किसी शुल्क और किराए के दी थी जगह

महंत शशिकांत दास ने साफ तौर पर कहा कि जब तक राम कचहरी चारों धाम मंदिर परिसर में ट्रस्ट का पहला कैंप कार्यालय संचालित होता रहा, तब तक उन्होंने इसके लिए कोई किराया या शुल्क नहीं लिया। उन्होंने यह जगह पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई थी। इसके बाद जब कैंप कार्यालय को यहां से हटाकर रामनिवास में स्थानांतरित कर दिया गया, तब ट्रस्ट ने इस परिसर का उपयोग बंद कर दिया।

इंजीनियर के दावों पर सवाल उठाते हुए महंत ने कहा कि वह दीनानाथ वर्मा को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं और न ही उनसे उनकी कभी कोई मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि उनका काम केवल कार्यालय के लिए अपनी जगह देना था, इसके अलावा वहां क्या निर्माण कार्य हुआ या क्या वित्तीय लेनदेन हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

सवाल-जवाब

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा पर क्या आरोप लगे हैं?
इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने आरोप लगाया है कि डॉ. अनिल मिश्रा ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले कैंप कार्यालय के निर्माण के लिए 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।
महंत शशिकांत दास ने इस विवाद पर क्या रुख अपनाया है?
महंत शशिकांत दास ने खुद को इस विवाद से पूरी तरह अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि उनका निर्माण कार्यों या किसी भी तरह के वित्तीय लेनदेन से कोई संबंध नहीं है।
क्या राम मंदिर ट्रस्ट के कैंप कार्यालय के लिए कोई किराया दिया गया था?
नहीं, महंत शशिकांत दास ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तत्कालीन डीएम अनुज झा और महासचिव चंपत राय के अनुरोध पर कार्यालय के लिए अपना भवन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया था और कोई किराया नहीं लिया था।
यह कैंप कार्यालय वर्तमान में कहां स्थित है?
राम कचहरी चारों धाम मंदिर परिसर से हटाने के बाद ट्रस्ट के इस कैंप कार्यालय को रामनिवास में स्थानांतरित कर दिया गया था।
क्या महंत शशिकांत दास आरोप लगाने वाले इंजीनियर दीनानाथ वर्मा को जानते हैं?
नहीं, महंत शशिकांत दास ने साफ किया कि वे न तो दीनानाथ वर्मा को जानते हैं और न ही उनसे कभी मिले हैं।
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