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सीकर के कल्याण अस्पताल में शुरू हुईं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं, जयपुर और दिल्ली के चक्कर से मिली राहतराजस्थान
16 सित॰ 2026, 9:25 pm (9 दिन पहले)· 3

सीकर के कल्याण अस्पताल में शुरू हुईं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं, जयपुर और दिल्ली के चक्कर से मिली राहत

सीकर के कल्याण अस्पताल में गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी और यूरोलॉजी समेत कई सुपर स्पेशलिटी विभागों के डॉक्टरों ने कार्यभार संभाल लिया है। अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्थानीय मरीजों को बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

शेखावाटी क्षेत्र के मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कल्याण अस्पताल में अब गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी और यूरोलॉजी जैसी आधुनिक सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का दायरा काफी बढ़ गया है। अस्पताल में गेस्ट्रोएंटेरोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरो, जनरल मेडिसिन, पीएसएम और पैथोलॉजी समेत विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। इन तमाम नए विशेषज्ञों के जुड़ने से अब आम मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी अस्पताल के भीतर उच्च स्तरीय चिकित्सा परामर्श और उपचार की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

विशेष तौर पर गेस्ट्रोएंटेरोलॉजी विशेषज्ञ के अस्पताल में उपलब्ध होने से पेट, आंत और लिवर से जुड़ी बेहद जटिल और पुरानी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सीधा लाभ पहुंचेगा। अभी तक की स्थिति यह थी कि ऐसे गंभीर और पेचीदा रोगों के विशेषज्ञ परामर्श के लिए मरीजों को मजबूरन भारी भरकम खर्च करके निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था या फिर जयपुर जैसे महानगरों में लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। अब इस नई व्यवस्था के लागू होने से ऐसे सभी मरीजों को अपने गृह जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय राय और मार्गदर्शन आसानी से मिलने लगेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की भारी बचत होगी।

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इसके साथ ही अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग की सेवाओं में भी उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया गया है। वर्तमान में अस्पताल के भीतर दो कुशल यूरोलॉजिस्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनकी मौजूदगी से किडनी स्टोन, प्रोस्टेट की समस्याओं, पेशाब में रुकावट आने और अन्य तमाम मूत्र संबंधी जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अब बेहद सुगम और त्वरित उपचार मिल सकेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त संख्या होने के कारण अब मरीजों की शुरुआती जांच, बीमारी की सटीक पहचान करने और उसके बाद के संपूर्ण उपचार की दिशा तय करने में डॉक्टरों को बहुत आसानी होगी, जिससे इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

चिकित्सा सेवाओं के इस विस्तार की कड़ी में न्यूरोलॉजी से जुड़ी सुविधाओं को भी और अधिक मजबूत किया गया है। अस्पताल में पहले से ही न्यूरो सर्जन की सेवाएं निरंतर मिल रही थीं, और अब एक समर्पित न्यूरो फिजिशियन के शामिल हो जाने से मरीजों को मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज में और अधिक पैनी विशेषज्ञ राय हासिल हो सकेगी। न्यूरो से जुड़े इन गंभीर मामलों की अब समय रहते सही पहचान की जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर बिना किसी देरी के तुरंत उचित उपचार शुरू किया जा सकेगा, जो कि कई आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की जान बचाने के लिए बेहद मददगार साबित होगा।

इस पूरे चिकित्सा उन्नयन क्रम में पीएसएम यानी जन स्वास्थ्य विभाग और पैथोलॉजी के अनुभवी विशेषज्ञों ने भी अपना कार्यभार संभाल लिया है। इन विभागों के सक्रिय होने से अस्पताल की आंतरिक जांच प्रणालियों और जन स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। इन तमाम विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता का प्रत्यक्ष और सबसे बड़ा लाभ उन आम मरीजों को मिलेगा जो सरकारी अस्पतालों पर अपने इलाज के लिए निर्भर रहते हैं। अब उन्हें अलग-अलग प्रकार की बीमारियों के परामर्श और जांच के लिए अपने शहर से बाहर जाने की आवश्यकता बेहद कम हो जाएगी, जिससे उनका इलाज काफी हद तक सुलभ हो गया है।

अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इन तमाम विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी के संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित समय सारणी तैयार की जा रही है। विशेष तौर पर गेस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग की ओपीडी को सप्ताह में तीन दिन नियमित रूप से संचालित किए जाने की पूरी योजना बनाई गई है। क्षेत्र के मरीजों को इन निर्धारित ओपीडी के दिनों और तय समय के अनुसार ही अपने संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। कल्याण अस्पताल की अधीक्षक डॉ. प्रियंका अमन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यूरोलॉजी और गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी सहित कई प्रमुख विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हाल ही में अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली है और इन सभी के बैठने व परामर्श देने के लिए ओपीडी का समय निर्धारित किया जा रहा है।

सवाल-जवाब

कल्याण अस्पताल किस शहर में स्थित है?
कल्याण अस्पताल राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है।
अस्पताल में कौन-सी नई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं जोड़ी गई हैं?
अस्पताल में गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरो, जनरल मेडिसिन, पीएसएम और पैथोलॉजी सेवाएं जोड़ी गई हैं।
गेस्ट्रोएएंट्रोलॉजी ओपीडी सप्ताह में कितने दिन संचालित होगी?
गेस्ट्रोएएंट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी सप्ताह में तीन दिन संचालित किए जाने की योजना है।
कल्याण अस्पताल की अधीक्षक कौन हैं?
डॉ. प्रियंका अमन कल्याण अस्पताल की अधीक्षक हैं।
यूरोलॉजी सेवाओं के विस्तार से किन बीमारियों के मरीजों को फायदा होगा?
इससे किडनी स्टोन, प्रोस्टेट, पेशाब में रुकावट और अन्य मूत्र संबंधी बीमारियों के मरीजों को फायदा होगा।
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