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मौसम का नया दौर: 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएंभारत
26 सित॰ 2026, 3:35 pm (36 मिनट पहले)· 0

मौसम का नया दौर: 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

देश के 10 से ज्यादा राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है जिससे कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है।

देशभर में मौसम की चाल एक बार फिर से बदलती हुई नजर आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय डिप्रेशन अब लगातार उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ आगे बढ़ रहा है जिसका सीधा प्रभाव उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक साफ महसूस किया जा रहा है। मौसम प्रणाली के इस रुख के कारण पूर्वी और मध्य भारत के तमाम हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ तीखे दौर की बारिश का खतरा लगातार बना हुआ है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में डिप्रेशन का असर

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर बने इस मजबूत वेदर सिस्टम की वजह से दोनों ही राज्यों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक यह डिप्रेशन उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के पास सक्रिय था जो लगभग 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से कई संवेदनशील इलाकों में हालात बिगड़ चुके हैं। विशेष तौर पर बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में लगातार हो रही बरसात ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की जा रही है जो हवा के तेज झोंकों के साथ बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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उत्तर प्रदेश में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने बेहद सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है क्योंकि यह राज्य 27 सितंबर को सबसे अधिक सक्रिय मौसम का सामना करने वाले क्षेत्रों में शामिल है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। डिप्रेशन के आगे बढ़ने से प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र, चंदौली और रीवा से सटे हुए सीमावर्ती जिलों में इसका प्रभाव सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बुलंदशहर जैसे इलाकों में भी बादलों के बरसने और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना बनी हुई है।

दिल्ली एनसीआर में भी दिखेगा मौसमी बदलाव

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी दिल्ली-NCR भी इस बदले हुए मौसम के असर से अछूता नहीं रहने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और चंडीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी आसमान में घने बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। यहां भी हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक छूने की आशंका जताई गई है, हालांकि 27 सितंबर के बाद इस दौर में थोड़ी नरमी आने के संकेत हैं।

पहाड़ी राज्यों और बिहार-झारखंड का हाल

पहाड़ी इलाकों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है जहाँ बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर बिहार में 27 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है लेकिन फिर भी कई जगहों पर हल्की से मध्यम बौछारों का दौर जारी रह सकता है। पटना, गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर जैसे जिलों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पड़ोसी राज्य झारखंड में भी रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग और पलामू के तमाम हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बादल बरसने की उम्मीद है।

पश्चिम बंगाल और राजस्थान में मौसमी हलचल

पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भी बारिश का यह दौर लगातार बना हुआ है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्वी बर्धमान और पश्चिमी बर्धमान के साथ-साथ उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और कलिम्पोंग में भी सक्रिय मौसम का प्रभाव देखने को मिल रहा है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज के साथ बारिश की गतिविधियां जारी हैं। वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के विभिन्न जिलों में भी 27 से 29 सितंबर के दौरान छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है जिसमें जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, करौली के साथ-साथ जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर के इलाके भी शामिल हैं।

सवाल-जवाब

मौसम विभाग के अनुसार डिप्रेशन किस दिशा में आगे बढ़ रहा है?
डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में लगभग 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
किन राज्यों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है?
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी से बेहद भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली-NCR में हवा की रफ्तार कितनी रहने की संभावना है?
दिल्ली-NCR में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है जो झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
छत्तीसगढ़ के किन इलाकों में बारिश से ज्यादा दिक्कतें आई हैं?
बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में बारिश से हालात प्रभावित हुए हैं।
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टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·1 मिनट पहले

60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का सुनकर ही डर लग रहा है, कल निकलते वक्त संभलकर चलना होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·अभी

रविकेश भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। इतनी तेज़ हवाओं में बाहर निकलना वाकई खतरनाक हो सकता है, संभलकर ही रहिएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·22 मिनट पहले

यूपी के पूर्वी जिलों में तो कल से ही मौसम बिगड़ गया है, लग रहा है कल दफ्तर निकलते समय काफी दिक्कत होगी। क्या लखनऊ और आसपास के जिलों में भी इतनी ही तेज हवाएं चलेंगी या वहां असर थोड़ा कम रहेगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 मिनट पहले

रोहन भाई, लखनऊ में भी हवाएं 60 की रफ्तार तक जा सकती हैं, कल निकलते वक्त छाता संभाल कर रखना।

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