लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि के अवसर पर देश भर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी जा रही है। स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी सेनानी और संपूर्ण क्रांति के प्रणेता रहे जयप्रकाश नारायण के विचारों और उनके जनसंघर्ष को याद करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा और नागरिक अधिकारों की बहाली के लिए लोकनायक के ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर करार दिया।
राजनाथ सिंह का संदेश और लोकनायक का योगदान
राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा कि स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय भागीदारी निभाने से लेकर संपूर्ण क्रांति का आह्वान करने तक लोकनायक का पूरा जीवन सामाजिक न्याय, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने के प्रति समर्पित रहा। विशेष रूप से आपातकाल की कठिन परिस्थितियों में उन्होंने नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व संघर्ष का नेतृत्व किया था। उनका आदर्श और जनसेवा का दृष्टिकोण आज भी देश के नागरिकों को निरंतर प्रेरित करता है।
कौन थे जयप्रकाश नारायण और क्या थी उनकी विरासत
जयप्रकाश नारायण भारतीय राजनीति और जनआंदोलनों के ऐसे प्रमुख नेता रहे, जिन्होंने कभी किसी सत्ता या सरकारी पद की लालसा नहीं रखी, फिर भी जनमानस में उन्हें सदैव लोकनायक का सर्वोच्च स्थान मिला। उनका गांव सिताबदियारा था, जहां वे 1978 में आखिरी बार पहुंचे थे। आपातकाल के दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं को एकजुट कर संपूर्ण क्रांति का शंखनाद किया था और जेल में रहते हुए अपनी प्रसिद्ध 'जेल डायरी' के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों की मशाल जलाए रखी। गरीबों, शोषितों और वंचितों के उत्थान को जीवन पर्यंत सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले जेपी का संपूर्ण जीवन निःस्वार्थ सेवा और जनसंघर्ष की अनूठी मिसाल रहा है।
लोकनायक के नाम पर स्थापित पटना विमानक्षेत्र की रूपरेखा
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति और सम्मान में बिहार की राजधानी स्थित मुख्य हवाई अड्डे का नामकरण लोकनायक जयप्रकाश विमानक्षेत्र किया गया है। यह नागरिक हवाई अड्डा पटना में संजय गांधी जैविक उद्यान और फुलवारी शरीफ रेलवे स्टेशन के मध्य अवस्थित है, जिसका आईसीएओ कोड वीईपीटी (VEPT) और आईएटीए कोड पीएटी (PAT) है। यहां सीमा शुल्क विभाग की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। वर्तमान में 6900 फीट लंबी कंक्रीट पेव्ड हवाई पट्टी और यांत्रिक प्रणाली से संचालित इस परिसर का विस्तार कार्य प्रगति पर है, जिसके अंतर्गत टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल वर्तमान 7,200 वर्ग मीटर से उल्लेखनीय रूप से बढ़ाकर 57,000 वर्ग मीटर किया जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस संदेश के सार्वजनिक होने के बाद नागरिकों ने मिलीजुली प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई उपयोगकर्ताओं ने जेपी के लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति समर्थन जताने के साथ-साथ निजी क्षेत्र के लिए रक्षा परीक्षण सुविधाओं के कड़े नियमों और सैन्य नेतृत्व के रणनीतिक पदों से जुड़े सुझाव व सवाल भी सामने रखे।































