1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अगुआ माने जाने वाले मंगल पांडे की जयंती पर अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्हें याद करते हुए एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने मंगल पांडे के साहस को आज भी लोगों के लिए प्रेरणा बताया।
केजरीवाल ने पोस्ट में क्या लिखा
अपने हैंडल @ArvindKejriwal से किए पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने लिखा, "1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, अमर शहीद मंगल पांडे जी की जयंती पर शत-शत नमन।" इसके आगे उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला देने वाले उस वीर सैनिक का साहस आज भी हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा-स्रोत बना हुआ है।
कौन थे मंगल पांडे
मंगल पांडे ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेंट्री में सिपाही थे और उन्हें भारत के 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम की सबसे अहम शुरुआती कड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने गाय की चर्बी से बने कारतूस को मुंह से काटने से साफ इनकार कर दिया था, जिसे उस दौर की अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ पहली बड़ी बगावत माना जाता है और जिसने आगे चलकर पूरे देश में 1857 के विद्रोह की चिंगारी भड़काने का काम किया। तत्कालीन अंग्रेजी शासन ने उन्हें बागी करार दिया, लेकिन आम हिंदुस्तानी हमेशा से उन्हें आजादी की लड़ाई के नायक के तौर पर सम्मान देता आया है। इसी बगावत के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनके योगदान को याद करते हुए भारत सरकार ने सन् 1984 में उनके सम्मान में एक डाक टिकट भी जारी किया था।
दूसरे नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
अरविंद केजरीवाल अकेले नहीं थे जिन्होंने मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें याद किया। खबरों के मुताबिक इसी मौके पर नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई अन्य नेताओं ने भी मंगल पांडे को श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले वर्षों में भी मंगल पांडे की जयंती पर देश के बड़े नेता उन्हें याद करते रहे हैं, बीते साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी मौके पर मंगल पांडे को नमन किया था और उनके साहस को देशवासियों के लिए प्रेरणा बताया था। खबरों में यह भी सामने आया कि मंगल पांडे की याद 1857 की क्रांति से जुड़े दूसरे आयोजनों में भी ताजा होती रहती है, जैसे मेरठ में धन सिंह कोतवाल को लेकर हुए आयोजन, जिनका नाम खबरों में उस दौर की घटनाओं से जोड़कर लिया जाता रहा है जो मंगल पांडे की बगावत से पहले की हैं। इससे यह भी पता चलता है कि 1857 की क्रांति सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं थी, बल्कि उस दौर में देश के अलग-अलग हिस्सों में कई लोगों ने मिलकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई थी।
हर साल क्यों याद किए जाते हैं मंगल पांडे
मंगल पांडे की जयंती हर साल इसीलिए खास मानी जाती है क्योंकि उन्हें 1857 के उस बड़े जन-आंदोलन की चिंगारी माना जाता है जिसने आगे चलकर देश की आजादी की नींव रखने में मदद की। यही वजह है कि राजनीतिक दलों से जुड़े नेता हर साल इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को याद करते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स ने पोस्ट का समर्थन करते हुए मंगल पांडे की जयंती पर खुद भी शुभकामनाएं दीं, वहीं कुछ यूजर्स ने जवाब में केजरीवाल की आलोचना करते हुए उनसे जुड़े राजनीतिक सवाल भी उठाए।

























