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घाटे में डूबी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस में हुआ बड़ा घोटाला, कर्मचारियों ने ऐसे लगाई चपतपाकिस्तान
20 अक्तू॰ 2026, 8:15 pm (9 दिन पहले)· 3

घाटे में डूबी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस में हुआ बड़ा घोटाला, कर्मचारियों ने ऐसे लगाई चपत

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के लाहौर एयरपोर्ट पर प्रीमियम सीटों की बुकिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी गई है। 20 से अधिक कर्मचारियों ने यात्रियों से अतिरिक्त पैसे लेकर कंपनी को 50 लाख पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा का चूना लगाया, जिसके बाद अब उनकी सैलरी से पैसों की वसूली की जा रही है।

पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस में एक बड़े वित्तीय फर्जीड़े का मामला सामने आया है। लाहौर के अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रीमियम सीटों की बुकिंग के नाम पर यात्रियों से पैसे तो वसूले गए, लेकिन एयरलाइन के खजाने में वह रकम पहुंचने के बजाय कुछ चुनिंदा कर्मचारियों की जेब में चली गई। इस पूरे खेल में 20 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है, जिन्होंने कंपनी को 50 लाख पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया। यह गड़बड़ी तब उजागर हुई जब आंतरिक ऑडिट किया गया और इसके बाद आरोपी कर्मचारियों के वेतन से इस चोरी की गई रकम की वसूली शुरू कर दी गई।

कैसे चलता था सीटों की हेराफेरी का यह पूरा खेल

इस धांधली का तरीका बेहद शातिर था। लाहौर स्थित अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों को जब अतिरिक्त लेगरूम, बल्कहेड या अन्य प्रीमियम सीटों की आवश्यकता होती थी, तो वे इसके एवज में अतिरिक्त शुल्क चुकाते थे। आरोप है कि कर्मचारियों और अधिकारियों ने यात्रियों से यह अतिरिक्त रकम तो नकद या अन्य माध्यमों से ले ली, लेकिन एयरलाइन के आधिकारिक रिकॉर्ड में इन सीटों को बेहद चालाकी से सामान्य श्रेणी की सीटें बताकर दर्ज कर दिया गया। इस तरह कागजों पर सब कुछ ठीक दिखता था, यात्री को उसकी मनपसंद सीट मिल जाती थी, लेकिन एयरलाइन को मिलने वाली अतिरिक्त कमाई बीच में ही गायब हो जाती थी।

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ऑडिट में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा और वेतन से हुई वसूली

यह पूरा घोटाला मई 2024 और 2025 के दौरान के रिकॉर्ड की गहन जांच-पड़ताल में सामने आया। लाहौर फाइनेंस एंड ऑडिट कमिटी ने जब वित्तीय लेन-देन की समीक्षा की तो इस बड़े फर्जीड़े का पर्दाफाश हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोषी पाए गए कर्मचारियों के वेतन से अब तक कुल 50,60,269 पाकिस्तानी रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि काटी जा चुकी है। इस कटी हुई रकम को सीधे पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के खाते में जमा कराया गया है, ताकि कंपनी को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई की जा सके। जिस राजस्व को एयरलाइन के विकास में लगना चाहिए था, उसे इस प्रकार कर्मचारियों की सैलरी से वसूलना पड़ा।

आर्थिक तंगी से जूझ रही एयरलाइन के लिए नई मुसीबत

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस पहले से ही भारी आर्थिक नुकसान, कुप्रबंधन और भारी-भरकम कर्ज के संकट से जूझ रही है। कंपनी के हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि वह पूरी तरह से सरकारी मदद पर निर्भर रही है। इसी बदहाली से उबारने के लिए सरकार ने इस एयरलाइन के प्राइवेटाइजेशन को एक बड़े सुधार के रूप में आगे बढ़ाया है। हालांकि इस निजीकरण की प्रक्रिया और शर्तों को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने इस एयरलाइन की लगभग 650 अरब रुपये की पुरानी देनदारियों को एक अलग होल्डिंग कंपनी को ट्रांसफर कर दिया, ताकि आने वाले किसी भी खरीदार को पुराने कर्ज के भारी बोझ तले न दबना पड़े।

निजीकरण और देनदारियों के आंकड़े

इस बिक्री प्रक्रिया के तहत लगभग 135 अरब रुपये के मूल्यांकन पर इस एयरलाइन की परिचालन इकाई को आरिफ हबीब कॉर्पोरेशन के नेतृत्व वाले एक निजी कंसोर्टियम को बेचे जाने की बात सामने आई। इस पूरे सौदे के तहत सरकार को नकद रूप में करीब 10 अरब रुपये मिलने की बात कही गई, जबकि शेष राशि को एयरलाइन के भीतर ही इक्विटी के रूप में निवेश किए जाने का प्रावधान रखा गया। इस पूरी व्यवस्था की आलोचना करने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने कर्ज का असली बोझ अंततः देश की आम जनता पर ही बना रहेगा, जबकि एयरलाइन के संचालन की कमान निजी प्रबंधन के हाथों में चली जाएगी।

निगरानी और जवाबदेही पर खड़े होते बड़े सवाल

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के पास मूल्यवान संपत्तियों की कोई कमी नहीं रही है, जिसमें विमानों का बेड़ा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रमुख रूट और विदेशी हवाई अड्डों पर लैंडिंग से जुड़े बेशकीमती अधिकार शामिल हैं। ऐसे में एयरलाइन के भीतर होने वाली हर एक कमाई और खर्च का पारदर्शी हिसाब रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ताजा मामला यह गंभीर सवाल खड़े करता है कि जब यात्रियों द्वारा प्रीमियम सीटों के लिए दिए जाने वाले पैसों का ही कोई सही हिसाब नहीं रखा जा रहा था, तो आंतरिक निगरानी व्यवस्था कितनी कमजोर थी। क्या भविष्य में निजीकरण के बाद ऐसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग पाएगी और जवाबदेही तय होगी?

सवाल-जवाब

यह घोटाला किस एयरपोर्ट पर पकड़ा गया?
यह वित्तीय घोटाला लाहौर के अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया।
कितने कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है?
इस मामले में 20 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों पर कंपनी को चूना लगाने का आरोप है।
एयरलाइन को कितने का नुकसान हुआ है?
कर्मचारियों ने एयरलाइन को 50 लाख पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा का चूना लगाया है।
रकम की वसूली कैसे की गई?
दोषी पाए गए कर्मचारियों के वेतन से पैसे काटकर पीआईए के खाते में जमा कराए गए हैं।
यह मामला कब सामने आया?
यह गड़बड़ी मई 2024 और 2025 के रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·8 दिन पहले

कर्मचारियों की सैलरी से वसूली करके पचास लाख रुपये वापस लाना अजीब हाल है।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

सैलरी से पैसे काटकर भरपाई कर ली, पर क्या सिर्फ इतने से इस बड़े खेल के असली मास्टरमाइंड बच जाएंगे?

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·8 दिन पहले

रविकेश, बात तो सही है कि सिर्फ सैलरी काटने से क्या होगा, पर जब एयरलाइन ही इतनी डूबी हो तो शायद तुरंत रिकवरी ही उनके लिए बड़ा कदम है।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·8 दिन पहले

पहले से डूबी एयरलाइन में ऐसा फर्जीवाड़ा देखकर हैरानी होती है। कर्मचारियों ने प्रीमियम सीटों के पैसे खुद रख लिए, अब सैलरी से पैसे कट रहे हैं। बुरा हाल है।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·8 दिन पहले

यूकी जी, सही कहा आपने! 20 से ज्यादा लोग मिलकर सीधे सैलरी से भरपाई करवा रहे हैं, अजीब हाल है।

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