अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी उपलब्धियों की सराहना करते हुए ईरान पर सैन्य जीत का बड़ा दावा किया है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों और विदेशी सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर सक्रिय रहते हुए उन्होंने ईरान के खिलाफ अपनी नीतियों को बेहद सफल बताया।
डेमोक्रेटिक नेताओं और ईरान नीति पर कड़ा प्रहार
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि कट्टर वामपंथी और डेमोक्रेट्स अब खुद देख सकते हैं कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को कितनी शानदार सफलता मिली है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब सैन्य रूप से पूरी तरह से पराजित हो चुका है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर सीधा निशाना साधते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया कि उन्होंने ईरान को अरबों डॉलर की नकद राशि तो सौंप दी, लेकिन अमेरिकी सैन्य शक्ति का वह इस्तेमाल नहीं कर पाए जो किया जाना चाहिए था।
इसके साथ ही उन्होंने जो बाइडेन को 'स्लीपी' कहकर संबोधित किया और कहा कि ईरान उन्हें एक बेहद कमजोर नेता मानता था और इस मामले में ईरान का सोचना शत-प्रतिशत सही था। डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, ईरान बीते 47 सालों से अपनी जवाबदेही से बचता आ रहा था, लेकिन उनके सत्ता में आने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। उन्होंने अपने बयान के अंत में जोर देकर कहा कि अमेरिका अब वापस लौट आया है।
बराक ओबामा के इंटरव्यू से भड़का विवाद
डोनाल्ड ट्रंप की यह तीखी प्रतिक्रिया दरअसल शुक्रवार रात को NBC न्यूज पर प्रसारित बराक ओबामा के एक इंटरव्यू के बाद सामने आई। इस इंटरव्यू के दौरान ओबामा ने डोनाल्ड ट्रंप के हालिया शांति समझौते की आलोचना की थी और इसे पिछले JCPOA समझौते से भी बदतर करार दिया था। इसी आलोचना के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर आकर अपनी भड़ास निकाली।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भी लपेटा
ईरान के मुद्दे के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर भी हमला बोला। उन्होंने G7 शिखर सम्मेलन के उस वाकये का जिक्र किया, जब मेलोनी ने उनसे साथ में एक तस्वीर खिंचवाने का आग्रह किया था। ट्रंप ने दावा किया कि इटली में मेलोनी की लोकप्रियता लगातार गिर रही है, और इसका एक बड़ा कारण यह है कि उन्होंने ईरान के खिलाफ संघर्ष में अमेरिका का साथ नहीं दिया।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका हर साल इटली और NATO सहयोगियों की रक्षा के लिए सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है, लेकिन मेलोनी ने अमेरिकी सेना को इटली के हवाई अड्डों और रनवे का इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब जब अमेरिका ने ईरान को हरा दिया है, तो मेलोनी महज लोकप्रियता हासिल करने के लिए अमेरिका के साथ करीबी दिखाने का नाटक कर रही हैं।













