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जांच अधिकारी के सामने वर्चुअली पेश होने की महुआ मोइत्रा की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराईराजनीति
7 अग॰ 2026, 1:27 pm (81 दिन पहले)· 3

जांच अधिकारी के सामने वर्चुअली पेश होने की महुआ मोइत्रा की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

धार्मिक भावनाएं भड़काने के कथित आरोपों में दर्ज एफआईआर मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, शीर्ष अदालत से राहत न मिलने के संकेत के बाद उनकी ओर से याचिका वापस ले ली गई।

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़े एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की कानूनी राहत की उम्मीद को बड़ा झटका लगा है। महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के बजाय वर्चुअली पेश होने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, शीर्ष अदालत द्वारा कड़ी मौखिक टिप्पणियां किए जाने के बाद उनकी ओर से इस याचिका को वापस ले लिया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

राजनीति और विरोध प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राजनेताओं के दायित्वों और प्रदर्शनों की आशंका को लेकर बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की। न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन और राजनीति में कदम रखने वाले व्यक्तियों को केवल विरोध प्रदर्शन या हंगामे की आशंका के आधार पर जांच प्रक्रियाओं से छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि जब कोई व्यक्ति राजनीति में प्रवेश करता है, तो उसे ऐसे दबावों का सामना करना पड़ता है और केवल प्रदर्शनों के डर से जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने से नहीं बचा जा सकता।

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स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष का दिया हवाला

पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक और राजनीतिक जीवन में साहस और जिम्मेदारी अनिवार्य हैं। कड़ी टिप्पणी करते हुए अदालत ने यहां तक कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने संघर्षों के दौरान गोलियां तक झेली थीं, इसलिए केवल विरोध की संभावना को आधार बनाकर जांच एजेंसी के समक्ष पेशी से बचने की दलील स्वीकार्य नहीं हो सकती।

वरिष्ठ वकील ने वापस ली याचिका

सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख और याचिका पर विचार करने से इनकार करने के मूड को देखते हुए महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका को वापस लिया गया मानकर खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद महुआ मोइत्रा को संबंधित एफआईआर मामले में तय प्रक्रिया के तहत जांच अधिकारी के सामने ही अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

सवाल-जवाब

महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में क्या याचिका दायर की थी?
उन्होंने एफआईआर मामले में जांच अधिकारी के सामने वर्चुअली पेश होने की अनुमति मांगी थी।
याचिका किस मामले से संबंधित एफआईआर पर आधारित थी?
यह याचिका धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले एक कथित फेसबुक पोस्ट मामले से जुड़ी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या टिप्पणी की?
कोर्ट ने कहा कि राजनीति में आने के बाद केवल विरोध प्रदर्शन के डर से जांच अधिकारी के सामने पेश होने से नहीं बचा जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका का क्या नतीजा रहा?
वरिष्ठ अधिवक्ता ने याचिका वापस ले ली, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे वापस ली गई मानते हुए खारिज कर दिया।
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