पंजाब के सियासी गलियारों में उस समय बड़ा फेरबदल देखने को मिला, जब दो दिनों के भीतर सत्तारूढ़ दल के तीन असंतुष्ट विधायकों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। इन तीनों बागी नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण कर ली है। विधानसभा चुनावों की तैयारियों से पहले इसे राज्य की सत्ताधारी पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
नई दिल्ली में सदस्यता ग्रहण समारोह
इस्तीफा देने वाले तीनों विधायकों ने दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी का दामन थामा। इस मौके पर नेताओं ने नारे लगाकर औपचारिक तौर पर नए राजनीतिक दल में अपनी शुरुआत की। पिछले अड़तालीस घंटों से राज्य की राजनीति में इन इस्तीफों को लेकर हलचल तेज थी, जिसका समापन इन विधायकों के पाला बदलने के साथ हुआ।
कुंवर विजय प्रताप सिंह का विधानसभा से इस्तीफा
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं में विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह भी शामिल हैं, जिन्होंने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा सौंप दिया। वह दो दिनों की इस अवधि में पार्टी से अलग होने वाले तीसरे विधायक बने। उनके इस कदम के बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्र में रिक्त हुई सीट और पार्टी संगठन के भीतर उपजे असंतोष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आगामी चुनावों से पहले सत्ता पक्ष की मुश्किलें बढ़ीं
वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर उभरे इस खुले विद्रोह ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। एक के बाद एक तीन विधायकों के बाहर निकलने से विरोधी दलों को हमलावर होने का नया मौका मिल गया है, जबकि सत्ताधारी खेमे को अपने अन्य विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए नई रणनीति बनानी पड़ रही है।



















