दोहरे समारोह और बढ़ते सियासी तनाव का दिन
शिवसेना अपने 60वें 'वर्धापन दिवस' यानी स्थापना दिवस के मौके पर एक बड़े राजनीतिक संकट से जूझ रही है। शुक्रवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और मुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाली शिवसेना, दोनों गुटों ने अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया। Eknath Shinde गुट का समारोह शाम 6 बजे गोरेगांव के नेस्को मैदान में होगा, जबकि उद्धव ठाकरे गुट माटुंगा के शन्मुखानंद हॉल में अपना कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन आयोजनों के बीच, मुंबई पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट जारी किया है।
दल-बदल की बढ़ती अटकलें और संभावित झटका
राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद शुक्रवार को Eknath Shinde के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ऐसी अटकलें हैं कि इन सांसदों के दल-बदल की औपचारिक घोषणा Eknath Shinde गुट के स्थापना दिवस कार्यक्रम में की जा सकती है। हाल के दिनों में उद्धव गुट के कई सांसदों के बीच नाराजगी और असहमति की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। इस संभावित राजनीतिक घटनाक्रम को 'ऑपरेशन टाइगर' से भी जोड़ा जा रहा है, जिसका जिक्र राजनीतिक विश्लेषक कर रहे हैं। हालांकि, दोनों गुटों की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बागी सांसदों का लोकसभा स्पीकर को पत्र
इस बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह कथित बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हस्ताक्षरित पत्र सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इन सांसदों ने पत्र में अपनी चिंता व्यक्त की है कि उद्धव ठाकरे गुट Congress में विलय की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे वे सहमत नहीं हैं। सांसदों ने यह भी कहा कि इसी आशंका और गहरे राजनीतिक मतभेदों के कारण उन्होंने एक अलग राह चुनने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, इन सभी छह सांसदों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख Eknath Shinde के नेतृत्व का समर्थन करने का निर्णय लिया है। इस कदम से शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय शक्ति पर खासा असर पड़ सकता है, जिससे पार्टी का आंतरिक संकट और गहरा गया है।
मुंबई में पोस्टर वॉर: विचारधारा की लड़ाई
स्थापना दिवस के मौके पर मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) ने Eknath Shinde गुट पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए कई पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए हैं। इन पोस्टरों में पार्टी की मूल विचारधारा और संघर्ष की विरासत को प्रमुखता से दर्शाया गया है। एक होर्डिंग पर लिखा है, “गद्दार बदले, चेहरे बदले, लेकिन विचारधारा नहीं बदली। महाराष्ट्र के लोगों के दिलों में बसी शिवसेना आज भी वैसी ही है। 60 साल का भरोसा – जो धोखे के तूफान में भी अडिग रहा।” वहीं, एक अन्य पोस्टर पर संदेश है, “हम जले, हमने संघर्ष किया, हम फिर से खड़े हुए। एक ऐसा संकल्प जो धोखे की राख से फिर से जागता है। यही शिवसेना का इतिहास है। आग की राह पर 60 साल।” ये पोस्टर धोखे और निष्ठा के संदेशों के साथ राजनीतिक माहौल को और गरमा रहे हैं।
संजय दीना पाटिल की बेटी का सोशल मीडिया पोस्ट
उद्धव ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय दीना पाटिल के परिवार से आया एक सोशल मीडिया पोस्ट भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। संजय दीना पाटिल की बेटी राजुल पाटिल, जो स्वयं उद्धव गुट से नगरसेवक हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शिवसेना के 60वें वर्धापन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के वर्धापन दिवस का पोस्टर और टीजर भी शामिल किया। यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है जब संजय दीना पाटिल के उद्धव गुट से अलग होने की अटकलें तेज हैं, जिससे इस सोशल मीडिया गतिविधि को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ओम प्रकाश राजभर का बयान
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शिवसेना (यूबीटी) के भीतर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। राजभर ने कहा कि प्रत्येक सांसद स्वतंत्र है और वह अपनी राजनीतिक सोच के अनुसार किसी भी दल में विलय या शामिल होने का फैसला कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित सांसदों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंप दिया है, और अब इस पर फैसला स्पीकर के स्तर पर होना है। राजभर के अनुसार, स्पीकर से उन्हें जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। यह बयान Eknath Shinde गुट में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के संभावित दल-बदल की अटकलों के बीच आया है।
शक्ति प्रदर्शन और संभावित बयानबाजी
स्थापना दिवस के अवसर पर, दोनों गुटों के नेता अपने-अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की ताकत और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर जोर देंगे। इस बात की पूरी संभावना है कि दोनों कार्यक्रमों में तीखी बयानबाजी देखने को मिलेगी, खासकर कथित 'ऑपरेशन टाइगर' और दल-बदल के मुद्दे पर। मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने 19 जून को होने वाले कार्यक्रमों के दौरान संभावित तनाव की आशंका जताई है और अधिकारियों को पूरे मुंबई में कड़ी निगरानी रखने व एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। गोरेगांव और सायन में आयोजित कार्यक्रमों को विशेष रूप से संवेदनशील माना गया है।













