राजस्थान के बारां जिले में भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा को पकड़ने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया, मगर सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार की सुबह तीन अलग-अलग थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने नयागांव स्थित उनके पैतृक घर पर अचानक दबिश दी। भारी पुलिस जाब्ता देखकर परिवार के सदस्य भड़क गए और घर पर मीणा की गैरमौजूदगी के चलते पुलिस दल को बैरंग वापस लौटना पड़ा। पंचायत चुनाव की गतिविधियों के कारण वे उस वक्त इलाके में जनसंपर्क कर रहे थे। इस घटनाक्रम के बाद उनकी ओर से सार्वजनिक घोषणा की गई कि वे आगामी 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने पहुंचकर खुद गिरफ्तारी देंगे।
सात दिनों के भीतर दर्ज हुए तीन अलग-अलग आपराधिक मुकदमे
किसानों से जुड़ी विभिन्न मांगों को मुखरता से उठाने वाले नरेश मीणा की धरपकड़ स्थानीय पुलिस के लिए अब एक बड़ी सिरदर्दी बन चुकी है। महज पिछले सात दिनों के दौरान उनके खिलाफ सिलसिलेवार तरीके से तीन गंभीर आपराधिक मामले पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें छबड़ा क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत को लेकर हुए किसान आंदोलन के दौरान भीड़ को भड़काने और प्रशासनिक अधिकारियों को खुलेआम धमकाने का संगीन आरोप शामिल है। इसके अलावा शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर भीड़ इकट्ठा कर रास्ता रोकने और हाल ही में चुनावी सभा समाप्त होने के बाद समर्थकों संग नाहरगढ़ वन विभाग कार्यालय में प्रवेश कर एक वनकर्मी के साथ मारपीट व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा भी शामिल है।
बिना सर्च वारंट घर में घुसने पर पिता ने जताई कड़ी आपत्ति
वनकर्मी के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में नाहरगढ़ थाना पुलिस ने अब तक चार लोगों को हिरासत में ले लिया है, जिसमें नरेश मीणा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसी प्रकरण के सिलसिले में मंगलवार सुबह उपाधीक्षक रामानंद यादव, छबड़ा थानाधिकारी राजेश खटाना और सदर थानाधिकारी नवल किशोर भारी संख्या में पुलिस बल लेकर नयागांव पहुंचे थे। भारी लवाजमे के साथ घर में प्रवेश करने पर नरेश मीणा के पिता कल्याण सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से तीखे सवाल किए और बिना सर्च वारंट के जबरन निजी परिसर में घुसने को लेकर अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
नाहरगढ़ थाने पर समर्थकों का उग्र प्रदर्शन और सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी
वन विभाग प्रकरण में चार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में भगत सिंह सेना के समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सोमवार की देर शाम बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नाहरगढ़ थाने का घेराव करने पहुंच गए थे। वहां उन्होंने पकड़े गए लोगों की तुरंत रिहाई की मांग उठाते हुए नारेबाजी की और कहा कि यदि निर्दोषों को नहीं छोड़ा गया तो वे सब मिलकर सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देंगे।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व प्रहलाद खटाना और श्योपुर निवासी राधेश्याम मीणा ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से निर्मल नागर तथा बहुजन समाज पार्टी की ओर से बारां प्रधान पद की प्रत्याशी ममता नागर सहित सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे। देर रात तक थाने के बाहर हंगामा चलता रहा। वर्तमान में नरेश मीणा बारां जिले के पंचायत चुनावों में बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपने कई समर्थकों को चुनावी मैदान में उतार चुके हैं।






















