जयपुर शहर के नागरिकों को प्रशासनिक और नागरिक सुविधाओं के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने से राहत दिलाने के मकसद से नगर निगम ने सेवा सेतु अभियान 2026 की घोषणा की है। इस विशेष पहल के तहत 7 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के दौरान शहर के सभी प्रमुख जोन कार्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए आम जनता को एक ही छत के नीचे अपनी समस्याएं दर्ज कराने, पेंडिंग मामलों का समाधान पाने और जरूरी प्रमाण पत्र व लाइसेंस बनवाने की सुविधा मिलेगी।
जोनवार शिविरों का पूरा कार्यक्रम
नगर निगम प्रशासन द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार इस अभियान की शुरुआत 7 अक्टूबर को सांगानेर जोन कार्यालय से की जाएगी। इसके अगले दिन यानी 8 अक्टूबर को मानसरोवर जोन कार्यालय में शिविर का आयोजन होगा। 9 अक्टूबर को विद्याधर नगर और मुरलीपुरा दोनों जोन कार्यालयों में कैंप लगाए जाएंगे। इसके बाद 12 अक्टूबर को जगतपुरा और झालाना जोन कार्यालयों में नागरिकों की समस्याएं सुनी जाएंगी। 13 अक्टूबर को झोटवाड़ा और वैशाली नगर जोन कार्यालयों में शिविर लगेंगे। 14 अक्टूबर को मालवीय नगर में नागरिक इस सुविधा का फायदा उठा सकेंगे। अभियान के अंतिम दौर में 15 अक्टूबर को किशनपोल और हवामहल-आमेर जोन कार्यालयों में जबकि 16 अक्टूबर को आदर्श नगर और सिविल लाइन जोन कार्यालयों में सेवा सेतु शिविर लगाए जाएंगे।
सड़क मरम्मत, सीवर लीकेज और सफाई की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई
नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से इन शिविरों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर समाधान किया जाएगा। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के अलावा सीमेंट कंक्रीट (सीसी) और डामर की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा पेचवर्क के काम शिविर के माध्यम से स्वीकृत और निपटाए जाएंगे। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सार्वजनिक स्थानों के सौंदर्यीकरण और रखरखाव से जुड़ी शिकायतें भी ली जाएंगी। भूमिगत जल निकासी और सीवर नेटवर्क को लेकर सामने आने वाली दिक्कतों जैसे सीवर लाइन लीकेज, नए सीवर कनेक्शन, नालियों की सफाई व मरम्मत, फेरोकवर और मैनहोल ठीक करने के आवेदनों पर भी त्वरित संज्ञान लिया जाएगा। शहर में आवारा पशुओं की रोकथाम और उन्हें पकड़ने से संबंधित शिकायतों का पंजीकरण भी इन शिविरों में होगा।
पट्टे, भवन निर्माण अनुमति और व्यापारिक लाइसेंस की सुविधाएं
प्रशासनिक और संपत्ति से जुड़े जटिल मामलों को निपटाने के लिए भी सेवा सेतु शिविरों में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। नागरिकों को जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन के साथ फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस और साइनेज लगाने की मंजूरी के दस्तावेज यहीं उपलब्ध कराए जाएंगे। दूरसंचार सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी ओएफसी केबल बिछाने और मोबाइल टावर स्थापना की एनओसी के आवेदन भी जमा किए जा सकेंगे। संपत्ति और भूमि विकास के इच्छुक लोगों के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विभिन्न श्रेणियों के पट्टे जारी करने, भूमि के उपयोग में परिवर्तन, नामांतरण, भूखंडों के उपविभाजन व पुनर्गठन, भवन निर्माण स्वीकृति और लीज मुक्ति प्रमाण पत्र देने का काम भी होगा। इसके अलावा नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) जमा कराने और लीज डीड के बदले फ्री होल्ड पट्टा प्राप्त करने के कार्य भी शिविर में संपन्न कराए जाएंगे।
पेंशन और जनहितैषी सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
शिविरों में आमजन को राज्य और केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत क्षेत्र के विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक भवनों के जीर्णोद्धार, मरम्मत और सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्तावों पर काम किया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अटल पेंशन योजना के नए आवेदन और सत्यापन का काम मौके पर होगा। बिजली राहत से जुड़ी मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के पंजीकरण व सहायता की व्यवस्था भी रहेगी। साथ ही छोटे कारोबारियों और पथ विक्रेताओं की आर्थिक मजबूती के लिए संचालित पीएम स्वनिधि से समृद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत योजनाओं का लाभ दिलाने के कार्य भी सेवा सेतु शिविरों में किए जाएंगे।



















