राजस्थान के धौलपुर जिले में गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने और असामाजिक तत्वों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष घेराबंदी अभियान संचालित किया। रविवार को तड़के शुरू होकर देर रात तक जारी रही इस सघन कार्रवाई का सीधा असर समूचे इलाके में देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान की अगुवाई में अंजाम दिए गए इस कदम का मकसद आपराधिक गिरोहों के हौसले पस्त करना और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का माहौल पुख्ता करना था। जिले के संवेदनशील इलाकों और चिन्हित अड्डों पर अचानक पहुंची पुलिस टुकड़ियों ने अपराधियों को भागने या संभलने का कोई अवसर नहीं दिया।
रणनीतिक तैयारी और 67 विशेष दस्तों की एक साथ छापेमारी
इस वृहद स्तर के अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए पुलिस महकमे ने पहले से ही ठोस खाका तैयार कर रखा था। विकास सांगवान के दिशा-निर्देश पर विभाग ने 280 पुलिसकर्मियों और अफसरों को मुस्तैद किया। इन जवानों को 67 अलग-अलग दस्तों में बांटा गया, जिन्होंने पूरे जिले के करीब 450 चिन्हित ठिकानों पर एक ही समय में औचक दस्तक दी। योजनाबद्ध तरीके से की गई इस एकसाथ कार्रवाई ने संदिग्धों के छिपने के रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे वे कानून के शिकंजे में आ गए।
इनामी बदमाशों, वारंटियों और हिस्ट्रीशीटरों की धरपकड़
जिले भर में चली इस सघन तलाशी के दौरान कुल 246 व्यक्तियों के खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत कदम उठाए गए। पकड़े गए लोगों में काफी समय से चकमा दे रहे 27 वारंटी शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने 5 इनामी बदमाशों को भी गिरफ्त में लिया, जबकि 4 हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ा पहरा बिठाया गया। पुलिस टीमों ने इन सभी के पुराने रिकॉर्ड, छिपने की जगहों और हालिया गतिविधियों की गहन पड़ताल की।
हथियारों के मामले और बीएनएस की धाराओं में कार्रवाई
गोलीबारी तथा आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में लिप्त 43 सक्रिय बदमाशों को भी इस अभियान के तहत दबोचा गया। सामान्य अपराधों में वांछित चल रहे 14 लोगों, एक जघन्य वारदात के आरोपी और अवैध मदिरा के धंधे से जुड़े 5 वांछितों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। इलाके में शांति और विधि व्यवस्था कायम रखने के मद्देनजर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के प्रावधानों के तहत 107 लोगों को हिरासत में लिया गया।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच और गिरोहों की पड़ताल
छापेमारी के वक्त पुलिसकर्मियों ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि उनके द्वारा प्रयोग किए जा रहे संचार माध्यमों की भी छानबीन की। अवैध शराब के तस्करों, नशीले पदार्थों के सप्लायरों और हथियारबंद वारदातों में शामिल तत्वों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की तकनीकी जांच की गई, जिससे उनकी भविष्य की योजनाओं और संपर्कों की पड़ताल की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध और फरार आरोपियों के पूरे तंत्र को खत्म करने के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसी सघन कार्रवाइयां जारी रखी जाएंगी।



















