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भरतपुर के बांध बारेठा में तितलियों के संसार की खोज, 27 प्रजातियां मिलने के बाद बटरफ्लाई पार्क बनाने की तैयारीराजस्थान
18 सित॰ 2026, 7:11 pm (27 मिनट पहले)· 0

भरतपुर के बांध बारेठा में तितलियों के संसार की खोज, 27 प्रजातियां मिलने के बाद बटरफ्लाई पार्क बनाने की तैयारी

भरतपुर के प्रसिद्ध बांध बारेठा क्षेत्र में वन विभाग के प्रारंभिक सर्वेक्षण में तितलियों की 27 विभिन्न प्रजातियां मिली हैं, जिसके बाद यहां बटरफ्लाई पार्क विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

भरतपुर के ऐतिहासिक और खूबसूरत बांध बारेठा क्षेत्र में प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। स्थानीय वन विभाग द्वारा कराए गए एक शुरुआती वैज्ञानिक अध्ययन में इस वन्यजीव क्षेत्र में रंग-बिरंगी तितलियों के एक समृद्ध संसार का पता चला है। इस सर्वेक्षण में तितलियों की कुल 27 अलग-अलग प्रजातियों की पहचान की गई है, जिससे इस सुरम्य क्षेत्र में एक विशेष संरक्षण केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं काफी मजबूत हो गई हैं। प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के नजदीक स्थित यह क्षेत्र जल्द ही पारिस्थितिकी पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है और पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।

प्रजनन के अनुकूल वातावरण की खोज

इस प्रारंभिक अन्वेषण के दौरान पर्यावरण विशेषज्ञों को इस क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में बेहद उत्साहजनक संकेत मिले हैं। सर्वेक्षण टीम को न केवल उड़ती हुई वयस्क तितलियां दिखीं, बल्कि स्थानीय होस्ट पौधों पर भारी मात्रा में तितलियों के अंडे और कैटरपिलर भी पाए गए। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के DFO चेतन कुमार ने इस खोज पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि बांध बारेठा का प्राकृतिक परिवेश जैव विविधता के मामले में बेहद संपन्न है। उन्होंने कहा, "होस्ट पौधों पर अंडे और कैटरपिलर मिलना दर्शाता है कि बांध बारेठा केवल भोजन का स्थान नहीं, बल्कि एक संपूर्ण प्रजनन क्षेत्र है।" वैज्ञानिकों के अनुसार, यह खोज साबित करती है कि बांध बारेठा का सूक्ष्म-जलवायु वातावरण इन संवेदनशील जीवों के पूरे जीवन चक्र को पूरा करने के लिए पूरी तरह अनुकूल है।

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व्यवस्थित बटरफ्लाई पार्क की रूपरेखा

इन सकारात्मक नतीजों को देखते हुए वन विभाग अब इस वन्यजीव क्षेत्र में तितलियों के सुनियोजित संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की रणनीति बना रहा है। वन अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में कुछ और सर्वेक्षण किए जाएंगे ताकि मौसम के बदलाव के साथ तितलियों की गतिविधियों पर बारीक नजर रखी जा सके। यदि आगे के अध्ययनों में भी तितलियों की प्रजातियों में इसी तरह की विविधता और लगातार प्रजनन के प्रमाण मिलते हैं, तो विभाग यहां एक शानदार बटरफ्लाई पार्क विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगा। इस प्रस्तावित पार्क में स्थानीय वनस्पतियों को बढ़ावा देकर तितलियों की संख्या को और अधिक बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे जैव विविधता को और बल मिलेगा।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

बांध बारेठा अपने विशाल जलाशय, घने जंगलों और सैकड़ों प्रजातियों के विदेशी और स्थानीय पक्षियों के लिए पहले से ही पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा है। इस प्राकृतिक आवास में एक आधुनिक बटरफ्लाई पार्क का जुड़ना इसे देश-दुनिया के इको-टूरिज्म के नक्शे पर एक नई और विशिष्ट पहचान दिलाएगा। यह पार्क न केवल पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए व्यावहारिक शिक्षा का केंद्र, शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान स्थल और वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन बनेगा। इसके अलावा, पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होमस्टे और अन्य सहायक व्यवसायों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।

सवाल-जवाब

सर्वेक्षण के दौरान तितलियों की कितनी प्रजातियां मिलीं?
बांध बारेठा क्षेत्र में किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण के दौरान तितलियों की कुल 27 अलग-अलग प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
प्रस्तावित बटरफ्लाई पार्क किस स्थान पर विकसित किया जाएगा?
यह बटरफ्लाई पार्क राजस्थान के भरतपुर जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक बांध बारेठा क्षेत्र में विकसित करने की योजना है।
क्या प्रमाण है कि बांध बारेठा तितलियों का प्रजनन स्थल है?
सर्वेक्षण के दौरान यहां तितलियों के होस्ट पौधों पर भारी संख्या में तितलियों के अंडे और कैटरपिलर मिले हैं, जो उनके प्रजनन चक्र की पुष्टि करते हैं।
इस योजना की देखरेख कौन से अधिकारी कर रहे हैं?
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के DFO चेतन कुमार और स्थानीय वन विभाग के अधिकारी इस योजना की देखरेख और आगामी सर्वेक्षणों का नेतृत्व कर रहे हैं।
बटरफ्लाई पार्क स्थापित करने के लिए वन विभाग का अगला कदम क्या होगा?
वन विभाग आगामी सर्वेक्षणों में तितलियों की निरंतर प्रजनन गतिविधियों और प्रजातियों की विविधता की पुष्टि करने के बाद इसके निर्माण के लिए एक व्यवस्थित प्रस्ताव तैयार करेगा।
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