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पाली के आसपास जमीन निवेश के प्रमुख ठिकाने, मंडिया बाईपास से रोहट तक रियल एस्टेट में उछाल के संकेतराजस्थान
2 अक्तू॰ 2026, 7:25 am (26 मिनट पहले)· 0

पाली के आसपास जमीन निवेश के प्रमुख ठिकाने, मंडिया बाईपास से रोहट तक रियल एस्टेट में उछाल के संकेत

पाली शहर के 10 किलोमीटर के दायरे में बुनियादी ढांचे का विस्तार होने से आस-पास के ग्रामीण और हाईवे इलाकों में जमीन के भाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। मंडिया बाईपास, खैरवा, हेमावास और रोहट जैसे क्षेत्रों में विभिन्न बजट के निवेशकों के लिए नए विकल्प उभर रहे हैं।

शहरी सीमा के क्रमिक फैलाव और सड़क संपर्क के मजबूत होने से पाली के नजदीकी ग्रामीण और पेरिफेरल इलाकों में जमीन की मांग में हलचल देखी जा रही है। शहर के लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित भूखंडों को भविष्य की आवासीय और व्यावसायिक जरूरतों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास को देखते हुए विश्लेषक मान रहे हैं कि आने वाले वर्षों में इस पूरे बेल्ट में रियल एस्टेट की दरों में भारी बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे विभिन्न वित्तीय क्षमता वाले खरीदार यहां निवेश के नए विकल्प तलाश रहे हैं।

मंडिया बाईपास पर प्राइम लोकेशन वाली जमीन

पाली शहर से बेहद करीब रहकर निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए मंडिया बाईपास एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इस बाईपास से कुछ ही पहले आबादी क्षेत्र के दायरे में कॉर्नर लोकेशन पर 9.50 बीघा जनरल जमीन उपलब्ध है, जो तरमीन सुदा श्रेणी में दर्ज है। इस भूखंड की पेशकश 19 लाख रुपये प्रति बीघा के भाव से की जा रही है। कॉर्नर स्थिति और मुख्य आबादी के निकट होने के कारण इस संपत्ति को भविष्य में कमर्शियल गतिविधियों या आवासीय टाउनशिप दोनों ही रूपों में बेहतर रिटर्न देने में सक्षम माना जा रहा है।

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खैरवा मेन रोड पर किफायती दाम में बड़ा रकबा

शहर से केवल 7 किलोमीटर की दूरी तय करते ही खैरवा मेन रोड का इलाका रियल एस्टेट खरीदारों के ध्यान में आ रहा है। खैरवा मेन रोड से सीधी जुड़ी हुई 9 बीघा जनरल जमीन बिक्री के लिए सामने आई है, जो तरमीन सुदा रिकॉर्ड के साथ प्राइम लोकेशन पर मौजूद है। इस इलाके में 10 लाख रुपये प्रति बीघा के भाव से जमीन का सौदा संभव बताया जा रहा है। शहर के बिल्कुल निकट होने के साथ-साथ यह दर अपेक्षाकृत काफी कम है, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक स्थिर और सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आ रहा है।

हेमावास का मीठा पानी बेल्ट और कृषि परियोजनाएं

क्षेत्रीय जल संकट और सिंचाई के साधनों की चिंताओं के बीच पाली जिले का हेमावास इलाका अपनी मीठे पानी की पट्टी के लिए पहचाना जाता है। हाईवे से महज 1 किलोमीटर के फासले पर और 30 फीट चौड़े संपर्क मार्ग पर 5 बीघा जनरल जमीन काफी किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। पाली शहर से चंद किलोमीटर की दूरी पर मौजूद यह भूखंड कृषि कार्यों, फार्महाउस निर्माण अथवा किसी छोटी यूनिट या वेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए मुफीद स्थिति पेश करता है। पर्याप्त पानी की उपलब्धता इस क्षेत्र के मूल्य को और अधिक मजबूती देती है।

मठ गांव के आसपास कम बजट में बड़े विकल्प

सीमित बजट में बड़ा भूखंड तलाश रहे खरीदारों के लिए पाली से 14 किलोमीटर दूर स्थित मठ गांव का इलाका एक अन्य विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। मठ गांव से लगभग 3 किलोमीटर की परिधि में बीघा के हिसाब से बेहद सस्ती और सामान्य प्रकृति की उपजाऊ जमीनें मिल रही हैं। जिस तरह से पाली का दायरा बाहर की ओर बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में मठ क्षेत्र के आसपास भी विकास की गति तेज होने और भू-संपत्ति के मूल्यों में बढ़त की पूरी संभावना जताई जा रही है।

रोहट और कांकाणी में औद्योगिक कॉरिडोर का असर

रोहट और कांकाणी का बेल्ट राजस्थान भर में बड़े बुनियादी ढांचे और औद्योगिक परियोजनाओं के केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस इलाके से भारतमाला परियोजना, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और रिको (RIICO) के विशाल औद्योगिक क्षेत्र जुड़े हुए हैं, जहां निर्माण कार्य लगातार गति पकड़ रहे हैं। सरकार की इन बड़ी परियोजनाओं के चलते रोहट और कांकाणी के आसपास भूमि की मांग में कई गुना इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे यह इलाका संस्थागत और बड़े निवेशकों की सूची में सबसे ऊपर पहुंच चुका है।

हाइवे ट्रैफिक और हॉस्पिटैलिटी कारोबार के नए मौके

रोहट क्षेत्र केवल अपनी औद्योगिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मारवाड़ क्षेत्र में अपनी प्रसिद्ध और स्वादिष्ट कचोरी के लिए भी व्यापक लोकप्रियता रखता है। जोधपुर, पाली और अहमदाबाद को जोड़ने वाले मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों मुसाफिर और सैलानी रोहट की कचोरी का आनंद लेने के लिए यहां ठहराव करते हैं। इस भारी आवागमन को देखते हुए हाईवे से लगती जमीनों पर होटल, ढाबा, पारिवारिक रेस्टोरेंट या किसी आधुनिक कमर्शियल प्लाजा की स्थापना को काफी लाभप्रद माना जा रहा है, जिससे निवेशकों को नियमित आय और पूंजी वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है।

सवाल-जवाब

मंडिया बाईपास के पास जमीन का क्या भाव चल रहा है?
मंडिया बाईपास से ठीक पहले आबादी क्षेत्र में 9.50 बीघा कॉर्नर जनरल जमीन 19 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से उपलब्ध है।
पाली से खैरवा मेन रोड की दूरी कितनी है और वहां जमीन का क्या रेट है?
खैरवा मेन रोड पाली शहर से लगभग 7 किलोमीटर दूर है और वहां रोड से टच 9 बीघा जमीन 10 लाख रुपये प्रति बीघा के भाव से मिल रही है।
हेमावास क्षेत्र में जमीन की मुख्य विशेषता क्या है?
हेमावास क्षेत्र अपनी मीठे पानी की पट्टी के लिए जाना जाता है, जहां 30 फीट चौड़ी रोड पर 5 बीघा जमीन कृषि या फार्महाउस के लिए उपयुक्त है।
कम बजट वाले खरीदारों के लिए कौन सा इलाका मुफीद माना जा रहा है?
पाली से 14 किलोमीटर दूर स्थित मठ गांव के पास बेहद किफायती दरों पर उपजाऊ और सामान्य जमीनें मिल रही हैं।
रोहट और कांकाणी क्षेत्र में जमीन की मांग क्यों बढ़ रही है?
यहां भारतमाला परियोजना, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और रीको के विशाल प्रोजेक्ट्स बनने से जमीनों की मांग में तेजी है।
रोहट के पास हाईवे पर किस तरह के निवेश की संभावना है?
जोधपुर-पाली-अहमदाबाद हाईवे पर पर्यटकों की भारी आवाजाही के कारण रोहट के पास ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खोलना मुनाफे का सौदा हो सकता है।
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