राजस्थान के पाली जिले में ग्रामीण राजनीति की एक नई और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है. देसूरी पंचायत समिति के अंतर्गत नवसृजित ग्राम पंचायत गांथी में एक युवा छात्रा ने सामाजिक रूढ़ियों और बंदिशों को पीछे छोड़ते हुए ग्राम पंचायत के मुखिया का पद अपने नाम किया है. कॉलेज की पढ़ाई कर रहीं भावना मेघवाल ने महज 21 साल 1 महीने की उम्र में सरपंच पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करके पूरे इलाके में अपना परचम लहराया है. इस चुनाव परिणाम ने यह साफ संदेश दिया है कि ग्रामीण मतदाता अब युवा नेतृत्व और सेवा की भावना पर भरोसा जता रहे हैं.
225 वोटों के अंतर से प्रतिद्वंद्वी को दी मात
गांथी ग्राम पंचायत में हुआ यह मुकाबला बेहद कड़ा और चर्चा का केंद्र बना हुआ था. पंचायत चुनाव के इस चुनावी मैदान में उतरीं युवा प्रत्याशी भावना मेघवाल ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 225 मतों के बड़े फासले से पराजित किया. किसी लंबे राजनीतिक तजुर्बे या पारिवारिक रसूख के बिना मिली इस बड़ी जीत ने कई चुनावी जानकारों को चौंका दिया है. ग्रामीणों ने केवल उम्र या डिग्री के बजाय गांव के प्रति निष्ठा और समर्पण भाव को तरजीह दी. 225 मतों के इस अंतर के साथ जीत हासिल करते ही भावना पाली जिले की सबसे कम उम्र की सरपंच बन गई हैं.
जीत के बाद गांव के बुजुर्गों का लिया आशीर्वाद
चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद गांथी गांव में खुशी और उत्सव का माहौल बन गया. विजय की इस घड़ी में भावना मेघवाल का व्यवहार पूरी तरह सादगी और संस्कारों से भरा रहा. जीत की सूचना मिलते ही जब वह गांव के लोगों के बीच पहुंचीं, तो उन्होंने सबसे पहले हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर गांव के बुजुर्गों का चरण स्पर्श किया. उनकी इस विनम्रता और जमीन से जुड़े आचरण ने वहां मौजूद सभी ग्रामीणों का दिल जीत लिया. उन्होंने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय ग्रामीणों के भरोसे और बुजुर्गों के स्नेह को दिया.
ग्रामीणों से सीधा संवाद और विकास का संकल्प
सरपंच बनने के बाद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए भावना मेघवाल ने अपने विचार बेहद सहजता और मजबूती से साझा किए. उन्होंने कहा कि पंचायत के विकास और किसी भी बड़े सुधार के लिए गांव के प्रत्येक नागरिक का साथ बेहद जरूरी है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी परेशानियां और शिकायतें बिना किसी संकोच के उनके पास लेकर आएं. भावना ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वह खुद को गांव का मुखिया नहीं बल्कि उनकी अपनी बेटी मानती हैं. उन्होंने संकल्प लिया कि सभी ग्रामीण मिलकर गांथी पंचायत को प्रगति की नई दिशा में ले जाएंगे.
उच्च शिक्षा के साथ संभालेंगी पंचायत की बागडोर
वर्तमान समय में बीएससी की पढ़ाई कर रहीं भावना मेघवाल ने यह दिखा दिया है कि यदि लगन मजबूत हो तो उच्च शिक्षा और जनसेवा दोनों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया जा सकता है. कम आयु में इतनी अहम संवैधानिक जिम्मेदारी मिलना पूरे पाली जिले के साथ-साथ राजस्थान भर की बेटियों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है. गांव के लोगों को उम्मीद है कि एक शिक्षित और ऊर्जावान युवा नेतृत्व मिलने से नवसृजित गांथी ग्राम पंचायत की व्यवस्था और विकास दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.
























