पूरे देश में गणेश उत्सव की धूम है और गांव से लेकर शहरों तक विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर पंडालों को आकर्षक स्वरूप दिया गया है. राजस्थान के अजमेर जिले में भी पर्व को लेकर वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है, जहां अलग-अलग इलाकों में सजे पूजा पंडालों में दर्शन के लिए लगातार श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. इसी धार्मिक उत्साह के बीच अजमेर से सटी तीर्थ नगरी पुष्कर से एक बेहद खूबसूरत कलात्मक तस्वीर सामने आई है, जिसने उत्सव की छटा में चार चांद लगा दिए हैं.
रेत से गढ़ी गणपति की मनभावन छवि
पुष्कर में विख्यात सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने अपने पारंपरिक हुनर का नायाब प्रदर्शन करते हुए सुनहरी रेत पर भगवान गणेश की अत्यंत सुंदर और भव्य प्रतिमा तैयार की है. बालू के टीलों पर तराशी गई बप्पा की यह प्रतिमा इन दिनों पुष्कर आने वाले देशी और विदेशी सैलानियों के साथ-साथ स्थानीय श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुकी है. रेत के बारीक कणों से गढ़ी गई इस कलाकृति को देखने के लिए हर कोई रुक रहा है और शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहा है.
सैलानियों में तस्वीरें लेने की मची होड़
धार्मिक नगरी घूमने आ रहे पर्यटक और श्रद्धालु इस कलात्मक प्रतिमा को देखकर दंग रह जाते हैं. लोग न केवल भगवान गणेश के इस अनूठे स्वरूप के दर्शन कर रहे हैं, बल्कि अपने मोबाइल कैमरों में प्रतिमा की तस्वीरें खींचते और वीडियो बनाते भी दिखाई दे रहे हैं. कई लोग इस मनमोहक सैंड आर्ट के साथ यादगार सेल्फी ले रहे हैं, जिससे यह कलाकृति पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
धार्मिक और सामाजिक विषयों पर पहले भी बिखेर चुके हैं रंग
अजय रावत इससे पूर्व भी रेत के जरिए कई हैरतअंगेज कलाकृतियों और धार्मिक स्वरूपों का निर्माण कर चुके हैं. हाल ही में उन्होंने रेत पर लोकदेवता बाबा रामदेव की सुंदर प्रतिमा उकेरी थी, जिसे लोगों ने काफी सराहा था. इसके अतिरिक्त देश के प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भी उन्होंने रेत से उनकी सजीव प्रतिमा बनाकर अपनी अद्भुत कला का लोहा मनवाया था.
राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है बड़ी पहचान
अजय रावत की इस अद्वितीय रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है. उनकी कला साधना के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें सम्मानित कर चुके हैं. इसके साथ ही उन्हें अजमेर जिले का यूथ आइकन अवॉर्ड भी प्रदान किया जा चुका है. फाइन आर्ट्स यानी ललित कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए उन्हें वर्ष 2026 में प्रतिष्ठित महाराणा सज्जन सिंह सम्मान से भी नवाजा गया है.



















