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राजस्थान के धौलपुर की माधवानंद कॉलोनी में तीन साल से गंदा पानी, बच्चों-बुजुर्गों का जीना मुश्किलराजस्थान
7 सित॰ 2026, 12:01 pm (1 घंटे पहले)· 2

राजस्थान के धौलपुर की माधवानंद कॉलोनी में तीन साल से गंदा पानी, बच्चों-बुजुर्गों का जीना मुश्किल

धौलपुर के वार्ड नंबर 2 स्थित माधवानंद कॉलोनी में पिछले तीन-चार साल से सीवर और नालियां जाम पड़ी हैं, जिससे सड़कों पर हमेशा गंदा पानी भरा रहता है और बच्चों को स्कूल जाने के लिए भी उसी पानी से गुजरना पड़ता है.

राजस्थान के धौलपुर शहर के वार्ड नंबर 2 की माधवानंद कॉलोनी में रहने वाले परिवार पिछले तीन-चार बरस से जलभराव की मार झेल रहे हैं. यहां की सीवर लाइन और नालियां लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिस वजह से हल्की बारिश में भी सड़कों पर बदबूदार पानी भर जाता है और कई दिनों तक जमा रहता है. निकासी का कोई ठीक इंतजाम न होने से यह पानी घरों के ठीक बाहर तक पहुंच जाता है, और लोगों को मजबूरी में इसी गंदगी से होकर आना-जाना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हाल हर मानसून में और बिगड़ जाता है, फिर भी अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया.

गड्ढों से पटी सड़क, बच्चों का खेलना बंद

कॉलोनी की मुख्य सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जो बारिश के गंदे पानी से भरे रहते हैं. छोटे बच्चे और बड़े-बुजुर्ग रोज़ इसी पानी के बीच से निकलते नजर आते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक जलभराव ने बच्चों की खेलकूद पूरी तरह छीन ली है, और कई बच्चों को तो स्कूल पहुंचने के लिए भी इसी दूषित पानी में से रास्ता बनाना पड़ता है. कई बार तो पानी इतना ज्यादा भर जाता है कि सड़क और गड्ढे में फर्क करना भी मुश्किल हो जाता है.

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अरुण का आरोप, जीतने के बाद भूल जाते हैं नेता

कॉलोनी निवासी अरुण के मुताबिक जलभराव की सबसे ज्यादा मार बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ती है. उनका कहना है कि कई बुजुर्ग तो पानी में फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल हो चुके हैं. उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि वोट मांगने कॉलोनी पहुंचते हैं, लेकिन जीतने के बाद इस समस्या पर ध्यान नहीं देते.

साल भर जलभराव, शिकायतों का असर नहीं

कॉलोनी के सोनू कुमार बताते हैं कि यहां जलभराव की समस्या पूरे बारह महीने बनी रहती है, और बरसात के मौसम में तो हालात और बिगड़ जाते हैं. उनके अनुसार करीब तीन साल से नालियां और सीवर लाइन ठप पड़ी हैं. सड़क पर बने गड्ढों की वजह से राहगीरों के फिसलकर गिरने और चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, और गंदे पानी से उठने वाली बदबू के चलते वहां से गुजरना भी किसी चुनौती से कम नहीं. सोनू का कहना है कि धौलपुर नगर परिषद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन तक कई बार शिकायत पहुंचाई जा चुकी है, फिर भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला.

सांप-बिच्छू का डर, बच्ची को काट चुका है सांप

एक और निवासी मुकेश ठाकुर के मुताबिक गंदे पानी से संक्रमण और त्वचा रोग फैलने का खतरा लगातार बना रहता है. उन्होंने बताया कि जलभराव वाली जगहों पर सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव भी अक्सर दिखाई देते हैं. कुछ दिन पहले एक बच्ची को सांप ने डस लिया था, जिसे वक्त रहते अस्पताल ले जाकर बचाया जा सका. मुकेश और अन्य निवासियों ने जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बंद पड़ी सीवर लाइन और नालियों की तुरंत सफाई कराई जाए, और जल निकासी का स्थायी हल निकाला जाए ताकि बच्चों व बुजुर्गों को रोज़ गंदे पानी से गुजरना न पड़े.

सवाल-जवाब

यह जलभराव की समस्या कहां हो रही है?
राजस्थान के धौलपुर शहर के वार्ड नंबर 2 स्थित माधवानंद कॉलोनी में.
यह समस्या कब से चल रही है?
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब तीन से चार साल से सीवर लाइन और नाले जाम हैं.
जलभराव से बच्चों पर क्या असर पड़ा है?
बच्चों का खेलना बंद हो गया है और कई बच्चों को स्कूल जाने के लिए भी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है.
निवासी अरुण ने क्या आरोप लगाया है?
उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के वक्त वोट मांगने आते हैं और जीतने के बाद समस्या पर ध्यान नहीं देते.
क्या पहले भी इसकी शिकायत की गई थी?
हां, सोनू कुमार के मुताबिक धौलपुर नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है.
जलभराव से सेहत को क्या खतरा है?
मुकेश ठाकुर के मुताबिक गंदे पानी से संक्रमण, त्वचा रोग और सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है.
क्या कोई हादसा भी हुआ है?
हां, कुछ दिन पहले एक बच्ची को सांप ने काट लिया था, जिसे समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाया गया.
निवासियों की मुख्य मांग क्या है?
बंद पड़ी सीवर लाइन और नालियों की जल्द सफाई हो और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए.
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·36 मिनट पहले

माधवानंद कॉलोनी का यह मामला केवल खराब शहरी प्रबंधन का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। लगातार अनदेखी और जहरीले जीवों के हमलों का जोखिम यह बताता है कि स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों में पूरी तरह विफल रहे हैं। यदि समय रहते सीवर लाइनों की सफाई और जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह स्थिति किसी बड़े स्वास्थ्य संकट या कानूनी मुकदमे का रूप ले सकती है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·35 मिनट पहले

माधवानंद कॉलोनी का यह संकट सिर्फ स्थानीय जलभराव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला प्रशासन की कार्यशैली और जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था की गंभीर पोल खोलता है। जब बच्चे स्कूल जाने के लिए दूषित पानी से गुजरने को मजबूर हों और सांप-बिच्छू जैसे खतरे नागरिकों की जान पर बन आएं, तो यह स्पष्ट है कि नगर परिषद का वार्ड प्रबंधन पूरी तरह धराशायी हो चुका है। यदि धौलपुर प्रशासन ने इस मानसून से पहले सीवर ओवरफ्लो और क्षतिग्रस्त सड़कों का कोई स्थायी और त्वरित तकनीकी समाधान नहीं निकाला, तो यह स्थिति किसी बड़े स्वास्थ्य संक्रमण या जन-आंदोलन का रूप ले सकती है, जिसकी पूरी प्रशासनिक जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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