राजस्थान के पाली जिले में देर रात एक औद्योगिक इकाई में अचानक भीषण आग लगने से भारी अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा एक ग्वार प्रसंस्करण फैक्ट्री में घटित हुआ, जहाँ रात की पाली में नियमित कामकाज चल रहा था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिसर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्र लपटों के बीच वहां काम कर रहे तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। लपटों से घिरे होने के बावजूद तीनों मजदूरों ने जान बचाने के लिए साहस दिखाया और किसी तरह कारखाने के मुख्य हिस्से से बाहर निकलने में सफल रहे।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा, अस्पताल पहुंचाया
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और झुलसे हुए मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद तुरंत एंबुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से तीनों घायल मजदूरों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों श्रमिकों का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस जाने की वजह से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद उन्हें उच्च स्तरीय और बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए जोधपुर रेफर करने का निर्णय लिया।
कड़ी मशक्कत के बाद सुबह चार बजे बुझी आग
फैक्ट्री परिसर में ग्वार और अन्य सामग्री होने की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। आग इतनी प्रचंड थी कि उस पर नियंत्रण पाने में बचाव कर्मियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। देर रात से लेकर सुबह तक लगातार पानी की बौछारें की गईं। कई घंटों के अथक प्रयासों के बाद सोमवार सुबह करीब 4 बजे जाकर लपटों पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक कारखाने के भीतर काफी सामग्री जलकर खाक हो चुकी थी।
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर, जांच शुरू
हादसे की भयावहता को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अमला भी तुरंत सक्रिय हो गया। घटना की सूचना पाकर एसडीएम विमलेन्द्र राणावत और सीओ मंगलेश चुण्डावत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पूरी फैक्ट्री परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई।
फिलहाल कारखाने में आग किन तकनीकी कारणों से लगी, इसका आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है। शॉर्ट सर्किट या मशीनरी में आई किसी तकनीकी खराबी की आशंकाओं को लेकर पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही इस अग्निकांड में फैक्ट्री मालिक को हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन किया जाना बाकी है। उधर जोधपुर भेजे गए तीनों झुलसे मजदूरों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।



















