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सिंचाई पानी के लिए घड़साना में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, हनुमान बेनीवाल ने दी चक्का जाम की चेतावनीराजस्थान
10 अक्तू॰ 2026, 10:24 pm (1 घंटे पहले)· 0

सिंचाई पानी के लिए घड़साना में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, हनुमान बेनीवाल ने दी चक्का जाम की चेतावनी

घड़साना में 31 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों की सभा में आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल पहुंचे और प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए श्रीगंगानगर कूच और चक्का जाम का ऐलान किया।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में फसलों की सिंचाई के लिए पानी की मांग कर रहे अन्नदाताओं का रोष अब नए मोड़ पर पहुंच चुका है। लगातार 31 दिनों से धरना दे रहे हजारों काश्तकार शनिवार को स्थानीय नई धानमंडी परिसर में एकजुट हुए। खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल जनसभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल भी पहुंचे, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक और सियासी सरगर्मी अचानक तेज हो गई।

सिंचाई के पानी पर आर-पार की लड़ाई के मूड में किसान

घड़साना क्षेत्र में खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर बीते 31 दिनों से अनवरत प्रदर्शन चल रहा है। संघर्ष समिति के आह्वान पर शनिवार को इलाके भर के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य साधनों से धानमंडी पहुंचे। किसानों का साफ कहना है कि फसलों को बचाने के लिए पानी जीवन रेखा की तरह है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस पहल न होने के कारण उन्हें सड़कों पर डटे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। मंडी परिसर में जुटी भारी भीड़ ने साफ कर दिया कि किसान अपनी मांगों पर किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं हैं।

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हनुमान बेनीवाल का अल्टीमेटम और श्रीगंगानगर कूच का ऐलान

सभा के मंच से किसानों को संबोधित करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार और स्थानीय तंत्र पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि किसानों की पानी से जुड़ी जायज समस्याओं का तुरंत सटीक समाधान निकाला जाए। बेनीवाल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए रात 9:30 बजे तक की समय सीमा तय कर दी।

बेनीवाल ने घोषणा की कि यदि निर्धारित समय तक शासन या प्रशासन की ओर से पानी देने का ठोस निर्णय नहीं आया, तो किसान शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय सीमा समाप्त होते ही बड़े पैमाने पर चक्का जाम किया जाएगा और हजारों की संख्या में किसान घड़साना से जिला मुख्यालय श्रीगंगानगर की तरफ कूच करेंगे। इस घोषणा के बाद आंदोलनकारियों का हौसला और बढ़ गया है।

प्रशासन सतर्क, भारी पुलिस बल की तैनाती

सभा स्थल पर हजारों लोगों के जमावड़े और जिला मुख्यालय कूच की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट हो गया है। धानमंडी और आसपास के मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

अब समूचे इलाके की निगाहें रात 9:30 बजे की तय समय सीमा पर टिकी हैं। यदि प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच वार्ता से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता, तो आंदोलन का दायरा पूरे जिले में फैल सकता है। प्रशासन के सामने एक तरफ किसानों की मांग सुलझाने और दूसरी तरफ संभावित चक्का जाम से निपटने की दोहरी चुनौती खड़ी है।

सवाल-जवाब

घड़साना में किसान कितने दिनों से आंदोलन कर रहे हैं?
घड़साना क्षेत्र में किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले 31 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
किसानों की प्रमुख मांग क्या है?
किसानों की मुख्य मांग खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने की है।
शनिवार को किसान कहां जुटे थे?
हजारों किसान शनिवार को घड़साना की नई धानमंडी में विशाल किसान सभा के लिए एकत्रित हुए थे।
हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन को क्या चेतावनी दी है?
उन्होंने रात 9:30 बजे तक समाधान न निकलने पर चक्का जाम करने और श्रीगंगानगर कूच करने का अल्टीमेटम दिया है।
किस संगठन के बैनर तले यह आंदोलन चल रहा है?
यह आंदोलन खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चलाया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·11 मिनट पहले

31 दिन से ठंड में धरना दे रहे हैं लोग, प्रशासन को पानी देने का फैसला करने के लिए रात साढ़े नौ बजे तक का अल्टीमेटम सही दिया है।

Ravikash Gupta@ravikash·32 मिनट पहले

एक महीने से धरने पर बैठे किसानों की कोई सुध नहीं ले रहा था, अब बेनीवाल के आने से प्रशासन पर दबाव तो बन गया है। अगर रात साढ़े नौ बजे तक पानी नहीं मिला, तो चक्का जाम से पूरा रास्ता ब्लॉक हो जाएगा और मुश्किलें बढ़ेंगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो सही है आपकी। पर क्या प्रशासन वाकई रात साढ़े नौ बजे तक कोई फैसला ले पाएगा या बात सचमुच चक्का जाम तक जाएगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·51 मिनट पहले

31 दिन से धरना चल रहा है और अब बेनीवाल के अल्टीमेटम से मामला और भड़क गया है। रात साढ़े नौ बजे के बाद रास्ता जाम हुआ तो प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·51 मिनट पहले

करण भाई, बात तो सही है। 31 दिन कम नहीं होते, ऊपर से बेनीवाल का अल्टीमेटम हो तो रात तक कुछ बड़ा होने के पूरे आसार हैं।

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