जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में रविवार को आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान आगामी ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एक नया विकास दस्तावेज सामने रखा गया। इस दौरान पार्टी के नवनिर्मित सेवा संकल्प सभागार का औपचारिक उद्घाटन भी संपन्न हुआ। राज्य में वर्ष 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस ग्राम विकास संकल्प पत्र को सार्वजनिक किया गया। मंच से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शारदीय नवरात्र की घटस्थापना के अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और राज्य में शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की प्रार्थना के साथ अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत पार्टी लोकसभा, विधानसभा और शहरी निकाय चुनावों की तरह ही त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के लिए भी स्पष्ट नीतिगत दस्तावेज तैयार करने की परंपरा निभाती रही है। शासन की शुरुआती अवधि में तय की गई 100 दिन की प्राथमिक कार्ययोजना को आधार बनाकर ही इस नए विजन दस्तावेज को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ग्रामीण बस्तियों के आत्मनिर्भर और साधन संपन्न बने बिना कस्बों, शहरों, जिलों, संपूर्ण राज्य अथवा राष्ट्र के समग्र विकास की कल्पना साकार नहीं हो सकती।
गांवों से शहरों की ओर बढ़ती आवाजाही रोकने की कार्ययोजना
इस नीतिगत दस्तावेज में ग्रामीण इलाकों से आजीविका और सुविधाओं के अभाव में होने वाले पलायन को थामने को सबसे अहम लक्ष्य बताया गया है। अक्सर देखा जाता है कि बेहतर इलाज, बच्चों की उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों की तलाश में ग्रामीण आबादी को शहरों का रुख करना पड़ता है। इस असंतुलन को समाप्त करने के लिए गांवों के भीतर ही आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं का तंत्र खड़ा करने का फैसला लिया गया है। कमजोर आर्थिक वर्ग के परिवारों के कल्याण को नीति के केंद्र में रखते हुए यह सुनिश्चित करने की तैयारी है कि जो बुनियादी सहूलियतें नगरीय आबादी को उपलब्ध होती हैं, वे सुदूर ढाणियों और गांवों तक भी पहुंचें।
डिजिटल शिक्षा और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए नए केंद्र
खेती किसानी और पशुपालन से जुड़े परिवारों की अगली पीढ़ी को आधुनिक ज्ञान से लैस करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की रूपरेखा तैयार की गई है। संकल्प पत्र के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर द्रुत गति की इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी और वहां अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य यह रहेगा कि गांव में रहने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल अध्ययन सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और जरूरी ऑनलाइन सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में सुलभ हों। इसके साथ ही ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से आधुनिक खेल मैदान और अभ्यास सुविधाएं तैयार करने की योजना भी इसमें शामिल की गई है।
सिंचाई और पेयजल आपूर्ति को लेकर चल रही जल परियोजनाएं
कृषि प्रधान राज्य होने के नाते जल प्रबंधन को ग्रामीण जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश भर में जल संरक्षण और वितरण से जुड़ी कुल 10 बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिनमें से 4 प्रमुख योजनाओं का सीधा लाभ आमजन को बेहद कम समय में मिलना शुरू हो जाएगा। मध्य प्रदेश के साथ हुए ऐतिहासिक ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट यानी ईआरसीपी समझौते का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पूर्वी राजस्थान के एक बड़े भूभाग में खेतों के लिए सिंचाई और घरों के लिए पीने का पानी सुनिश्चित होगा। इसके अतिरिक्त पड़ोसी राज्य हरियाणा के साथ हुए जल समझौतों के क्रियान्वयन से भी राजस्थान के हिस्से का पानी सुरक्षित करने में सफलता मिली है।
















