धौलपुर में शारदीय नवरात्रि के आरंभ के साथ ही पूरे इलाके में धार्मिक उल्लास देखा जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन भक्तों ने विधि-विधान के साथ मां शैलपुत्री का पूजन किया और शक्ति की आराधना की शुरुआत की। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों से लेकर स्थानीय बाजारों तक श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जिससे हर तरफ त्योहार की हलचल बनी हुई है।
मंदिरों में भव्य सजावट और बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी
पर्व के स्वागत के लिए धौलपुर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों का विशेष रूप से श्रृंगार किया गया है। धार्मिक स्थलों को आकर्षक प्राकृतिक फूलों, लंबी लड़ियों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। वहीं त्योहार को लेकर बाजारों में भी सुबह से रौनक छाई हुई है। श्रद्धालु पूजा अनुष्ठान के लिए चुनरी, नारियल, पारंपरिक श्रृंगार की वस्तुएं और अन्य जरूरी सामान लेने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक पूजा पंडालों में कलश की स्थापना की जा रही है, जहां महिला और पुरुष श्रद्धालु व्रत रखकर अनुष्ठान पूरा कर रहे हैं।
घटस्थापना, अखंड ज्योत और दुर्गा सप्तशती का पाठ
नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत उपासना की परंपरा निभाई जाएगी। सवेरे से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन के लिए लग गईं। कई मंदिरों में पुरोहितों और भक्तों ने मिलकर दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का पाठ शुरू किया, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बन गया है। अधिकांश घरों में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई है, जो पूरे नौ दिनों तक निरंतर जलती रहेगी।
गरबा और डांडिया स्थलों पर सुरक्षा के लिए शक्ति सुरक्षा अभियान
त्योहार के दौरान आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया उत्सवों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्थान पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासन की ओर से विशेष तौर पर शक्ति सुरक्षा अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत भीड़भाड़ वाले गरबा स्थलों और उत्सव परिसरों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। किसी भी तरह की छेड़खानी या अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रख रही हैं।
सादे कपड़ों में कालिका टीम और डिजिटल सहायता के इंतजाम
उत्सव को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस की विशेष कालिका टीम को सादे कपड़ों में डिकॉय के रूप में तैनात किया गया है। यह टीम पंडालों के भीतर और उनके आसपास निगरानी रखेगी। बड़े आयोजन स्थलों पर युवतियों और महिलाओं की तत्काल सहायता के लिए महिला हेल्प डेस्क बनाई गई हैं, हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और डिजिटल मदद के लिए क्यूआर कोड लगाए गए हैं। आयोजनों के प्रवेश द्वार, वाहन पार्किंग और आसपास की गलियों में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक या भय के उत्सव का हिस्सा बन सकें।

















