राजस्थान के श्रीगंगानगर में पुलिस ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले खाद्य सामग्री में मिलावट करने वाले एक बड़े नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। सुरक्षा बलों ने अनन्या ट्रेडिंग कंपनी के परिसर में अचानक छापा मारकर बड़े पैमाने पर डंप किया गया नकली घी अपने कब्जे में लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान 16,394 लीटर नकली घी बरामद हुआ है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 1.23 करोड़ रुपये आंका गया है। मौके से इस गैरकानूनी धंधे में शामिल तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया है, जिससे अवैध खाद्य कारोबारियों में भारी खलबली मच गई है।
गोदाम में सुनियोजित दबिश और सवा करोड़ के माल की बरामदगी
जिले की पुलिस को इस इलाके में नकली घी के अवैध भंडारण और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पुख्ता खुफिया इनपुट प्राप्त हुए थे। इन जानकारियों को पुख्ता करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने एक विशेष टीम गठित कर अनन्या ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पर सुनियोजित तरीके से दबिश दी। जब पुलिस दल ने गोदाम के भीतर तलाशी शुरू की, तो वहां टीन और डिब्बों में भरा हुआ नकली घी देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए। गणना करने पर कुल 16,394 लीटर नकली उत्पाद पाया गया, जिसकी कुल कीमत करीब 1.23 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए इस जगह भारी मात्रा में माल जमा किया गया था।
तीन लोग गिरफ्तार, नकदी के साथ मारुति वैन भी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गोदाम में मौजूद तीन संदिग्धों को दबोच लिया। अवैध घी के भारी जखीरे के अलावा वहां से बड़ी मात्रा में नकदी भी मिली है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही मौके पर खड़ी एक मारुति वैन को भी जब्त किया गया है। माना जा रहा है कि इस वाहन का इस्तेमाल विभिन्न बाजारों और दुकानों तक इस नकली माल की खेप पहुंचाने के लिए किया जाता था, हालांकि इस तथ्य की विस्तृत पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
मिठाइयों में इस्तेमाल की आशंका और सप्लाई चेन की पड़ताल
दीपावली और अन्य आगामी त्योहारों के समय बाजार में मिठाइयों, नमकीन और पारंपरिक पकवानों की खपत कई गुना बढ़ जाती है। मांग में इस भारी उछाल का फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और सस्ते नकली घी को असली बताकर बाजार में खपाने की फिराक में रहते हैं। इस घटिया सामग्री का उपयोग मिठाइयां बनाने में होने से आम लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। पुलिस अब गिरफ्तार तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि नकली घी का निर्माण मूल रूप से कहां किया गया था, इसे तैयार करने में किन हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल हुआ और इस नेटवर्क के तार किन-किन शहरों व व्यापारियों से जुड़े हुए हैं।
























