राजस्थान की राजधानी जयपुर में टोंक रोड स्थित एक बड़े लग्जरी वॉच शोरूम को निशाना बनाकर चोरों ने करीब 5 करोड़ रुपये की घड़ियों पर हाथ साफ कर दिया। सुबह के वक्त हुई इस सनसनीखेज वारदात की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा अब राजस्थान से बाहर निकलकर दिल्ली, बिहार और पड़ोसी देश नेपाल की सीमाओं तक फैल चुका है। जांच अधिकारियों को इस पूरी साजिश के पीछे अंतरराज्यीय घोड़ासन गिरोह का हाथ होने का गहरा संदेह है, जो कीमती उत्पादों की सुनियोजित डकैती के लिए कुख्यात माना जाता है।
सुबह 4 से 5 बजे के बीच वारदात को दिया गया अंजाम
शोरूम में सेंधमारी की यह घटना तड़के लगभग 4 से 5 बजे के बीच हुई। स्टोर प्रबंधन को जैसे ही इस बड़ी चोरी का पता चला, उन्होंने तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित किया। करोड़ों रुपये की लग्जरी घड़ियों के गायब होने की सूचना पर बजाज नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और सुरक्षा घेरा बनाकर मुआयना शुरू किया। इसके तुरंत बाद विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पारस जैन सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने शोरूम के भीतर और आसपास के समूचे इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
चंपारण और नेपाल से जुड़े तार, घोड़ासन गिरोह पर नजर
जांच में जुटी टीमों को अंदेशा है कि इस वारदात के तार बिहार के चंपारण जिले से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। पुलिस के रडार पर खासतौर से घोड़ासन गिरोह है, जिसके सदस्य देशभर में हाई-एंड और प्रीमियम सामान चुराने के आदी रहे हैं। इस गिरोह का तरीका यह रहता है कि वे विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों में महंगे शोरूम को निशाना बनाते हैं और फिर चुराए गए कीमती सामान को सीमा पार नेपाल के बाजारों में खपा देते हैं। इसी इनपुट के आधार पर जयपुर पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें दिल्ली, बिहार और नेपाल सीमावर्ती इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं।
गाजियाबाद में चादर गैंग ने दोहराया था ऐसा ही पैटर्न
लग्जरी घड़ियों की इस तरह की चोरी का एक मिलता-जुलता मामला साल 2024 में भी सामने आया था, जब 10 अगस्त की रात गाजियाबाद के एक बड़े शोरूम से 3 करोड़ रुपये कीमत की 720 ब्रांडेड घड़ियां चुरा ली गई थीं। उस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही दिनों के भीतर दो आरोपियों को धर दबोचा था। तब पूछताछ में खुलासा हुआ था कि बिहार का चादर गिरोह इस वारदात के पीछे था, जिसका सिंडिकेट भी नेपाल तक फैला हुआ था। वह गिरोह चोरी की वारदात से पहले खरीदारों से बाकायदा एडवांस बुकिंग लेता था और सौदे की रकम पहले ही वसूल कर लेता था। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि क्या जयपुर की इस 5 करोड़ रुपये की वारदात में भी उसी तरह का एडवांस ऑर्डर नेटवर्क सक्रिय था।


















