सितंबर बीतने के बाद अक्टूबर की शुरुआत होते ही घरों में त्योहार की तैयारियों और स्वच्छता अभियान की हलचल तेज हो जाती है। घर के हर हिस्से को चमकाने के दौरान आमतौर पर चादरें, परदे और खोल तो बदल दिए जाते हैं, परंतु तकिए की भीतरी स्वच्छता नजरअंदाज रह जाती है। लंबे समय तक इस्तेमाल से तकिए के भीतर पसीना, वातावरण की नमी और मैल इकट्ठा होती रहती है। यही संचित गंदगी समय बीतने के साथ दुर्गंध का रूप ले लेती है, जिससे रात की चैन भरी नींद प्रभावित होती है। इसके अतिरिक्त तकिए में समाए धूलकण और एलर्जेन संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में एलर्जी और त्वचा विकारों को भड़काने का काम करते हैं। यदि तकिए को पानी में धोना मुमकिन न हो, तो रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों की मदद से इसे स्वच्छ किया जा सकता है।
बेकिंग सोडा की मदद से सोखें नमी और दुर्गंध
नमी और तेज गंध को खींचने के लिए बेकिंग सोडा एक बेहद कारगर समाधान साबित होता है। तकिए के दोनों सिरों पर उचित मात्रा में बेकिंग सोडा का छिड़काव करें और उसे लगभग एक घंटे की अवधि के लिए यूं ही छोड़ दें। इस दौरान यह पाउडर तकिए के रेशों में मौजूद सीलन और दुर्गंध को सोख लेता है। एक घंटे बाद किसी वैक्यूम क्लीनर अथवा साफ सूखे कपड़े के सहारे पूरे पाउडर को सावधानीपूर्वक झाड़कर साफ कर लें। यह उपाय तकिए को बिना गीला किए उसके भीतरी वातावरण को तरोताजा बना देता है।
धूप और खुली हवा में सुखाने की आदत
सफाई की प्रक्रिया में प्राकृतिक धूप और ताजी हवा सबसे असरदार भूमिका निभाती हैं। जब भी आकाश खुला हो और अच्छी धूप निकली हो, तकियों को कुछ घंटों के लिए बाहर धूप में रखें। इस दौरान बीच-बीच में तकियों की दिशा बदलते रहें ताकि दोनों सतहों पर पर्याप्त गर्माहट और खुली हवा पहुंच सके। धूप की गर्मी अंदरूनी सीलन को सुखा देती है और तकिया पूरी तरह बदबू रहित होकर नया जैसा महसूस होने लगता है। स्वच्छता बनाए रखने के लिए हर सप्ताह एक बार तकियों को धूप दिखाना बेहद लाभकारी रहता है।
सफेद सिरके और पानी का हल्का स्प्रे
हल्के संक्रमण और गंध को खत्म करने के लिए सफेद सिरके का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए एक स्प्रे बोतल में समान मात्रा में सादा पानी और सफेद सिरका मिला लें। इस तैयार घोल का तकिए की सतह पर बहुत हल्का छिड़काव करना चाहिए। ध्यान देने योग्य बात यह है कि तकिया अधिक गीला न होने पाए, क्योंकि अत्यधिक सीलन गंध को कम करने के बजाय बढ़ा सकती है। सिरके का हल्का छिड़काव करने के उपरांत तकिए को पूरी तरह सूखने के लिए धूप में डालना अनिवार्य है।
टूथपेस्ट से हटाएं छोटे जिद्दी दाग
यदि तकिए के कपड़े पर कहीं छोटे-मोटे दाग लग गए हों, तो उन पर साधारण टूथपेस्ट का प्रयोग किया जा सकता है। दाग प्रभावित हिस्से पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाएं और किसी मुलायम ब्रिसल वाले ब्रश से हल्के हाथों से मलें। कुछ मिनटों तक लगे रहने देने के बाद एक सूखे और साफ कपड़े से उस जगह को पोंछ लें। जब वह स्थान अच्छी तरह सूख जाए, तो उंगलियों से हल्के से रगड़कर सूखे टूथपेस्ट की पपड़ी छुड़ा दें। इस विधि से तकिए बिना धोए भी पूरी तरह बेदाग और खुशबूदार दिखने लगते हैं।
भविष्य में तकियों को साफ और सुरक्षित रखने के नियम
तकियों की स्वच्छता को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए जीवनशैली में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। तकिए के गिलाफ को सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर धोएं और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए पिलो प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करें। रात को बिस्तर पर जाने से पहले अपने चेहरे और बालों को साफ रखें ताकि तेल और धूल तकिए में न समाए। इसके अलावा बिस्तर पर बैठकर खाना खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए, क्योंकि भोजन के गिरे हुए बारीक कण और नमी आगे चलकर फफूंद व बदबू का प्रमुख कारण बन जाते हैं।

















