राजस्थान के करौली जिले में इस बार जन्मदिन का उत्साह देखने को मिलेगा, क्योंकि यह जिला 19 जुलाई को अपने अस्तित्व के 29 साल पूरे कर रहा है। इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पिछले कई दिनों से जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर रखी हैं और दो दिन तक चलने वाले आयोजनों की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
यदुवंशी राजाओं की विरासत और धार्मिक पहचान
करौली सिर्फ एक प्रशासनिक इकाई भर नहीं, बल्कि राजस्थान के सबसे समृद्ध धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद श्री मदनमोहनजी मंदिर देश के कोने-कोने से आने वाले भक्तों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है, जबकि कैलादेवी शक्तिपीठ और महावीरजी तीर्थ इसे धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर खास जगह देते हैं। लाल पत्थरों से बने प्राचीन किले और महल इस इलाके की एक अलग ही छवि गढ़ते हैं, जो सदियों पुरानी यदुवंशी रियासत की कहानी बयां करते हैं। मौजूदा करौली जिला 19 जुलाई 1997 को सवाई माधोपुर से काटकर बनाया गया था, यानी इस साल यह अपनी स्थापना की 29वीं वर्षगांठ मना रहा है।
18 जुलाई की शाम: दीपदान, शहनाई और रोशनी से सजा शहर
उत्सव की औपचारिक शुरुआत स्थापना दिवस से एक दिन पहले ही हो जाएगी। 18 जुलाई को पंचायत समिति के दफ्तर में एक संगोष्ठी रखी गई है, जिसमें जिले के इतिहास और विकास पर चर्चा होगी। इसके बाद शाम ठीक 7 बजे रणगंवा ताल के किनारे दीपदान किया जाएगा और शहनाई की धुनों के साथ माहौल को भावुक बनाया जाएगा। इसी दौरान शहर के मुख्य चौराहों और तमाम सरकारी दफ्तरों की इमारतों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा, ताकि रात होते ही पूरा करौली उत्सव के रंग में डूबा नजर आए।
19 जुलाई: सुबह साइकिल रैली, फिर सफाई का महाअभियान
स्थापना दिवस की सुबह की शुरुआत त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम से निकलने वाली एक साइकिल रैली से होगी, जिसे सुबह ठीक 7 बजे रवाना किया जाएगा। इसमें स्कूली बच्चे, सरकारी अमला, चुने हुए जनप्रतिनिधि और शहर की जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। यह रैली कलेक्ट्रेट सर्किल से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जाकर संपन्न होगी, इसका मकसद लोगों को सेहत और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और जिले से भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करना है।
इसी दिन "स्वच्छ करौली, सुंदर करौली" नाम से एक बड़ा सफाई अभियान भी चलाया जाएगा। कई जगहों पर श्रमदान होगा, सरकारी दफ्तरों में सालों से पड़े बेकार सामान और खराब उपकरणों को नियम-कायदे के मुताबिक ठिकाने लगाया जाएगा, और आम रास्तों तथा सार्वजनिक जगहों की सफाई कराई जाएगी। नगर परिषद ने कलेक्ट्रेट, सर्किट हाउस, बस स्टैंड और गुलाब बाग चौराहे जैसी अहम जगहों पर खासतौर से सफाई की व्यवस्था करने का जिम्मा उठाया है।
पौधरोपण से लेकर पेंटिंग प्रतियोगिता तक
पर्यावरण को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। स्थापना दिवस के मौके पर हर विभाग को अलग-अलग तय जगहों पर बड़ी संख्या में पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। असल मकसद यही है कि यह दिन सिर्फ जश्न तक सिमटकर न रह जाए, बल्कि पर्यावरण बचाने और सफाई रखने का संदेश भी घर-घर तक पहुंचे।
सूचना केंद्र में ठीक दोपहर 1 बजे बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता रखी गई है, इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। सभी आयोजन स्थलों पर पीने का पानी, बिजली, माइक, स्टेज, बैठने की जगह, शौचालय, छांव और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश अफसरों को दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार 29वां स्थापना दिवस लोगों की भागीदारी और जोश के साथ बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।




















